'वंदे मातरम' पर केरल में घमासान, BJP ने फूंका सतीशन और जिन्ना का पुतला
केरल में स्वतंत्रता दिवस के दौरान वंदे मातरम नहीं गाया गया. जिसके बाद बीजेपी की युवा इकाई 'युवा मोर्चा' ने प्रदर्शन किया है. विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन और मोहम्मद अली जिन्ना का पुतला जलाया है.

केरल में स्वतंत्रता दिवस के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' न गाए जाने के विरोध में बीजेपी की युवा इकाई 'युवा मोर्चा' ने प्रदर्शन किया. इस विरोध के तहत कार्यकर्ताओं ने केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन और पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के पुतले जलाए. युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'क्लिफ हाउस' तक मार्च निकाला और उसके बाहर ये पुतला दहन किया.
जिन्ना जैसी सोच अपना रहे हैं
प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए बीजेपी के राज्य महासचिव एस. सुरेश ने आरोप लगाया कि जिस तरह जिन्ना ने देश का बंटवारा कराया था, उसी तरह कांग्रेस नेता सतीशन भी मुस्लिम लीग (IUML) और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों के दबाव में जिन्ना जैसी ही सोच अपना रहे हैं. उन्होंने कहा कि अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में राष्ट्रगीत गाया गया, लेकिन केरल में कांग्रेस ने कट्टरपंथियों के डर से वंदे मातरम नहीं गाया.
अपनाम नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
सुरेश ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना में 'वंदे मातरम' का बहुत खास स्थान है. इसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और युवा मोर्चा चुप नहीं रहेगा. उन्होंने दावा किया कि केरल में जो हो रहा है, वह 1930 के दशक की जिन्ना की राजनीति का दोहराव है, जिन्होंने वंदे मातरम का विरोध किया था. युवा मोर्चा के नेताओं ने ऐलान किया है कि जब तक राष्ट्रगीत का अपमान करने वाला ये रवैया बदला नहीं जाता, तब तक उनका प्रदर्शन पूरे राज्य में जारी रहेगा. इस प्रदर्शन में बीजेपी और युवा मोर्चा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
नितिन नवीन ने साधा निशाना
बीजेपी नेता नितिन नवीन ने कहा- केरल में कांग्रेस सरकार ने स्वतंत्रता दिवस समारोहों से ‘वंदे मातरम’ को पूरी तरह हटाकर हद ही कर दी है. चरमपंथियों के सामने झुकना अब कांग्रेस पार्टी की स्थायी नीति बन गई है. तुष्टीकरण की अपनी गंदी राजनीति के लिए, उन्होंने उन हजारों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है जिन्होंने इसी गीत को अपने होठों पर सजाया था और देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी. ये सिर्फ एक गीत को रोकने की घटना नहीं है, बल्कि उस वंशवादी अहंकार की निशानी है जिसके तहत कांग्रेस भारत की हर उस चीज के ख़िलाफ़ है जिस पर ये देश गर्व करता है.
केरलम में तो कांग्रेस सरकार ने हदें पार करते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह से ‘वंदे मातरम्’ को पूरी तरह हटा दिया। कट्टरपंथियों के सामने घुटने टेकना अब कांग्रेस की स्थायी नीति बन चुकी है। तुष्टिकरण की गंदी राजनीति के लिए उन्होंने उन हजारों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है,…
— Nitin Nabin (@NitinNabin) August 16, 2026
क्या है मामला
केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलांयस ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर वंदे मातरम नहीं गाने का फैसला किया है. उन्होंने गीत के सभी पंक्तियों को गाने के केंद्र के निर्देश को नहीं माना.
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