‘सरकार को अस्थिर करने की...', BJP के आरोपों पर खेड़ा का पलटवार, बोले- ये संविधान विरोधी
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष की मांगें रावण के दस सिरों की तरह हैं, जिस तरह एक सिर काटने पर दूसरा तुरंत निकल आता था, ठीक उसी तरह एक मांग सुलझते ही नई मांग खड़ी कर दी जाती है.

बीजेपी ने विपक्षी दलों पर देश में अस्थिरता और रिजीम चेंज की साजिश रचने का आरोप लगाया है. बीजेपी प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग खुद को बालासाहेब ठाकरे की विरासत का असली वारिस बताते हैं, वे अब उन्हीं ताकतों के साथ मिल गए हैं जो हमारे धर्म और संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के साथ खड़े हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेशी दौरे को लेकर दिए गए संजय राउत के बयानों पर भी उन्होंने निशाना साधा है.
उन्होंने कहा, 'वे (संजय राउत) पूरे भरोसे के साथ कहते हैं कि उन्हें वियतनाम से आने दो, फिर रिजीम चेंज होगा. संजय राउत के पास राहुल गांधी के बारे में ऐसी कौन सी लीड है. उनके पास ऐसी कौन सी जानकारी है, जिसके बारे में कांग्रेस पार्टी के अपने नेताओं को भी पता नहीं है? ये किस तरह की साजिशें हैं? पूरे देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है. आपका यह सपना जरूर टूटेगा. विदेश से मिलने वाली लीड का बार-बार जिक्र करना, या विदेश यात्राओं के तुरंत बाद ऐसे बयान देना, इसका क्या मतलब है?'
उन्होंने कहा, 'चाहे विदेश से लौटने के बाद हाइड्रोजन बम गिराने की बात हो या ऐसी यात्रा के बाद सुनामी आने की भविष्यवाणी करना और अब संजय राउत के ये बयान, ये सब इशारा करते हैं कि इन सबके पीछे कुछ अनजान और संदिग्ध ताकतें हैं, जो सीमा पार से हमारे देश में अशांति फैलाना चाहती हैं.' बीजेपी सांसद ने कहा कि विजयादशमी के अवसर पर पीएम मोदी ने बताया था कि देश को इस समय तीन मुख्य एजेंडों से खतरा है.
पीएम मोदी को संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'देश को अस्थिर करने वालों के तीन एजेंडे हैं. पहला- अपने फायदे के लिए सत्ता और संसाधनों की लूट. दूसरा- समाज में आपसी नफरत और भेदभाव फैलाना. तीसरा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रति गहरा विरोध रखना.' सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'ये वही ताकतें हैं जो समाज को बांटना चाहती हैं, देश के संसाधनों को लूटना चाहती हैं, भारतीय संस्कृति और हिंदू आस्था के प्रति दुश्मनी रखती हैं.'
उन्होंने कहा, 'ये सनातन धर्म को खत्म करने का आह्वान करते हुए सम्मेलन आयोजित करते हैं. हिंदुत्व को नष्ट करने के लिए वैश्विक अभियान चलाते हैं और भारत की संस्थाओं के बारे में भ्रामक बातें फैलाते हैं. ये वही ताकतें हैं जो भारत को तरक्की करते हुए नहीं देखना चाहते. इनकी मांगें कभी भी जायज या तर्कसंगत नहीं होतीं. कभी ये कहते हैं कि LIC में कुछ गड़बड़ है तो कभी ये HAL, SBI, SEBI, वैक्सीन, EVM, या यहां तक कि मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) को लेकर सवाल उठाते हैं.'
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'विपक्ष की मांगें रावण के दस सिरों की तरह हैं, जिस तरह एक सिर काटने पर दूसरा तुरंत निकल आता था, ठीक उसी तरह एक मांग सुलझते ही नई मांग खड़ी कर दी जाती है. असली समस्या इन बाहरी मांगों में नहीं, बल्कि इनके नाभिकेंद्र में है, जिसे देश के हर जागरूक नागरिक को समझने की जरूरत है. अलग-अलग आंदोलनों में एक ही जैसी शब्दावली का बार-बार इस्तेमाल होना यह दर्शाता है कि इन सभी के पीछे भारत विरोधी और असामाजिक ताकतें काम कर रही हैं.'
उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह रावण ने माता सीता के अपहरण के लिए साधु का छद्म वेश धारण किया था, ठीक उसी तरह आज भी कई ताकतें झूठा मुखौटा पहनकर सक्रिय हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि इन ताकतों का असल उद्देश्य वे मांगें या मुद्दे नहीं हैं जो वे सामने रखते हैं, बल्कि उनका एकमात्र और अंतिम लक्ष्य हिंसा, भ्रम और साजिशों के माध्यम से देश में रेजिम चेंज लाना है.
प्रधानमंत्री के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा,'पीएम ने जो सलाह दी है इंडिया गठबंधन वही कर रहा है.' बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर उन्होंने कहा, 'वो इस देश के जो नायक हैं उन सबको ये लोग रावण मानकर चल रहे हैं, जो इस संविधान में भरोसा रखते हैं RSS के लिए वो रावण हैं, क्योंकि ये संविधान विरोधी हैं.'





















