एक्सप्लोरर

Bihar Election Result 2020: जानिए, किन वजहों से मुख्यमंत्री के रूप में एक बार फिर स्वीकारे गए नीतीश कुमार

नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़े गए बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के पक्ष में जनादेश के पीछे कई वजह हैं. नीतीश कुमार लगातार विकास और सुशासन के नाम पर चुनाव कैंपेन करते रहे. उन्होंने अपने 15 साल के कामों की तुलना लालू-राबड़ी के 15 वर्षों से की.

नई दिल्लीः बिहार में एक बार फिर से नीतीश कुमार को स्वीकार कर लिया गया है. कांटे के मुकाबले और अंत तक चले सस्पेंस के बाद यह साफ हो गया है कि अब बिहार में एक बार फिर से बीजेपी-जेडीयू की सरकार बनने जा रही है. 15 साल तक लगातार सत्ता में रहने के बाद चौथे कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में उतरे नीतीश कुमार के लिए यह मुकाबला इस बार आसान नहीं रहा. चिराग की तरफ से विरोध में उम्मीदवारों को उतारने के बाद नीतीश के लिए यह चुनौती कहीं और बड़ी हो गई थी.

ऐसे में कई वजह हैं. नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़े गए बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के पक्ष में जनादेश के पीछे कई वजह हैं. नीतीश कुमार लगातार विकास और सुशासन के नाम पर चुनाव कैंपेन करते रहे. उन्होंने अपने 15 साल के कामों की तुलना लालू-राबड़ी के 15 वर्षों से की.

नीतीश कुमार ने यह दावा किया कि लालू-राबड़ी के 15 वर्षों के दौरान सिर्फ 95,734 लोगों को ही नौकरियां दी गई, जबकि उन्होंने अपने 15 वर्षों के राज में 6 लाख नौकरियां दी.

कल्याणकारी योजनाओं को बखूबी जनता के बीच रखा नीतीश ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान बेहतर प्रबंधन को भी चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की. उन्होंने अपने सरकार के दौरान चलाए गए अनेकों कल्याणकारी योजनाओं को बखूबी जनता के बीच रखा और यह बताया गया कि अगर किसी और की सरकार बनती है तो राज्य एक बार फिर से पिछड़ जाएगा.

चुनाव के आखिरी प्रचार के दिन नीतीश कुमार ने एक चुनावी जनसभा के दौरान यह भावुक अपील की थी कि यह उनका आखिरी चुनाव है. बिहार की जनता ने उनके इस भावुक अपील को स्वीकार किया और उन्हें एक और कार्यकाल के लिए काम करने का मौका दिया.

हालांकि, यह सच है कि नीतीश कुमार के रोजगार और शिक्षा के मुहाने पर बिहार में वो आशातीत सफलता नहीं मिली है. लेकिन, यह भी सच है कि आज वहां के लोगों के जीवन में बदलाव आया है. गांव-गांव बिजली पहुंची है पहले की तुलना में सड़कें दुरुस्त है. हालांकि, कई जगहों पर सड़क निर्माण के बावजूद उसका मरम्मत नहीं होने के चलते फिर से वहां पर बदहाली जैसी स्थिति जरूर बन गई है. कुल मिलाकर ऐसी कई वजहें हैं जिसके चलते बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को एक बार फिर से काम करने का मौका दिया है.

नीतीश कुमार सरकार ने जब बिहार में पहली बार सत्ता संभाली थी तो वहीं पर अपराध, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता का माहौल था. उनकी सरकार ने बीते 15 वर्षों के दौरान ना सिर्फ शहाबुद्दीन जैसे बड़े खूंखार अपराधियों को सलाखों के अंदर भेजा बल्कि काफी हद तक लूट और फिरौती जैसी वारदातों को रोकने में उन्हें कामयाबी मिली. हालांकि, नौकरशाह में भ्रष्टाचार का आरोप उनकी सरकार पर भी खूब लगा है.

साल 2015 में महागठबंधन की जीत के बाद नीतीश कुमार ने बिहार की जनता से किया शराबबंदी का वादा निभाया और राज्य में शराब को बैन करने की घोषणा कर दी. नीतीश ने घरेलू हिंसा और पारिवारिक में बढ़ती कलह के लिए शराब की बढ़ती लत को ज़िम्मेदार बताया. इसके अलावा, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, शोषण और ग़रीबी के लिए भी शराब की लत को एक बड़ा कारण बताया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के बाद बिहार में शराब पर प्रतिबंध बिहार निषेध एवं आबकारी अधिनियम के तहत लागू किया गया जो 1 अप्रैल 2016 से शुरू हुआ. क़ानून का उल्लंघन करने पर कम से कम 50,000 रुपये जुर्माने से लेकर 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है.

यह भी पढ़ें-

Bihar Election Result: पीएम मोदी बोले- बिहार के वोटर ने बता दिया उसकी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ विकास है

Bihar Election Results: चिराग पासवान की पार्टी LJP जीती मात्र एक सीट, लेकिन नीतीश कुमार को हुआ इनसे भारी नुकसान

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Telangana ACB Raid: 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मामले में DSP भीम रेड्डी गिरफ्तार, मेडिकल टेस्ट के बाद रिमांड की कार्रवाई
200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मामले में DSP भीम रेड्डी गिरफ्तार, मेडिकल टेस्ट के बाद रिमांड की कार्रवाई
हॉर्मुज के पास हुए ड्रोन हमले पर आया बड़ा अपडेट! गुजरात जा रहे LNG जहाज में सवार थे चार भारतीय
हॉर्मुज के पास हुए ड्रोन हमले पर आया बड़ा अपडेट! गुजरात जा रहे LNG जहाज में सवार थे चार भारतीय
खरीफ सीजन- अल नीनो के असर को लेकर क्या तैयारी? PMO की हाईलेवल रिव्यू मीटिंग
खरीफ सीजन- अल नीनो के असर को लेकर क्या तैयारी? PMO की हाईलेवल रिव्यू मीटिंग
खत्म नहीं हो रहे विजय थलापति की राह में बिछे कांटे, अब हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका! क्या जाएगी CM की कुर्सी?
विजय थलापति की जाएगी CM पद की कुर्सी? मद्रास हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका!

वीडियोज

Sansani: ट्रेन के आरक्षित डिब्बे में चलता-फिरता जंगल? | Nagpur
Breaking | Wayanad Landslide | Kerala: वायनाड में पहाड़ से उतरी तबाही! | Rain Alert | ABP News
Ram Mandir Chori Update | Janhit: चंपत ने बताया..चढ़ावा किसने चुराया? | UP News | Ayodhya | SIT
Rain Fury : मानसून की मार,सैलाब ही सैलाब!| Mumbai Weather Red Alert | Flood News | Delhi | China
Ram Mandir Donation | Bharat Ki Baat : चंपत के अहंकार में आस्था की लूट! | Champat Rai

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हॉर्मुज के पास हुए ड्रोन हमले पर आया बड़ा अपडेट! गुजरात जा रहे LNG जहाज में सवार थे चार भारतीय
हॉर्मुज के पास हुए ड्रोन हमले पर आया बड़ा अपडेट! गुजरात जा रहे LNG जहाज में सवार थे चार भारतीय
भरत भूषण तिवारी मौत मामले में BHRC का बड़ा फैसला, माता-पिता को अंतरिम मुआवजा देने के निर्देश
भरत भूषण तिवारी मौत मामले में BHRC का बड़ा फैसला, माता-पिता को अंतरिम मुआवजा देने के निर्देश
बर्थडे पर टीम इंडिया को सपोर्ट करने स्टेडियम पहुंचे एमएस धोनी, नॉटिंघम से आई दिल खुश करने वाली तस्वीर
बर्थडे पर टीम इंडिया को सपोर्ट करने स्टेडियम पहुंचे एमएस धोनी, नॉटिंघम से आई दिल खुश करने वाली तस्वीर
'ये किसने कहा...' सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस के दावे पर हेमा मालिनी बोलीं- हमें बहुत कम पैसे मिलते थे
'ये किसने कहा...' सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस के दावे पर हेमा मालिनी बोलीं- हमें बहुत कम पैसे मिलते थे
PoK में इंकलाब, चूर हुआ आसिम मुनीर का ख्वाब…, 29 दिनों के आंदोलन के बाद अब आजादी का काउंटडाउन शुरू!
PoK में इंकलाब, चूर हुआ आसिम मुनीर का ख्वाब…, 29 दिनों के आंदोलन के बाद अब आजादी का काउंटडाउन शुरू!
Explained: जून 2026 में 3.6 लाख EV गाड़ियां बिकीं! जबकि पूरे देश में सिर्फ 27 हजार चार्जिंग स्टेशन, क्या बढ़ेगा 'चार्जिंग संकट'?
जून 2026 में 3.6 लाख EV गाड़ियां बिकीं! देश में सिर्फ 27,737 स्टेशन, क्या बढ़ेगा चार्जिंग संकट?
खत्म नहीं हो रहे विजय थलापति की राह में बिछे कांटे, अब हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका! क्या जाएगी CM की कुर्सी?
विजय थलापति की जाएगी CM पद की कुर्सी? मद्रास हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका!
बच्चों जैसी जिद्दी है ये भैंस! बिना TV देखे नहीं देती एक बूंद दूध, नखरे देख पकड़ लेंगे सिर- वीडियो वायरल
बच्चों जैसी जिद्दी है ये भैंस! बिना TV देखे नहीं देती एक बूंद दूध, नखरे देख पकड़ लेंगे सिर
Embed widget