एक्सप्लोरर

नीतीश, तेजस्वी या बीजेपी... बिहार में चुनाव आयोग के SIR से किसको होगा फायदा? सर्वे ने चौंकाया

चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची से 41 लाख वोटरों के नाम हटाए जा सकते हैं. जानें क्यों हो रही है वोट कटौती, किसे हो सकता है असर और बिहार चुनाव 2025 में इसका क्या होगा प्रभाव.

बिहार में चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में संशोधन कर रही है. इसको लेकर विपक्ष हो-हल्ला मचा रहा है. इस बीच राजनीतिक विश्लेषक अमिताभ तिवारी ने मुद्दे पर अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब आंकड़ा 41 लाख नाम हटाने की ओर इशारा करे तो सवाल उठना लाजमी है.

इस बार आयोग का कहना है कि ये नाम मृत व्यक्तियों, स्थानांतरित वोटरों और अनुचित या फर्जी नामों के रूप में हटाए जा रहे हैं. इनमें से लगभग 17 लाख नाम मृतक वोटरों के हैं. 12-13 लाख स्थानांतरित (shifted) वोटर और शेष 10-12 लाख नामों पर संदेह है कि ये डुप्लिकेट या फर्जी वोटर हो सकते हैं, लेकिन जब यह आंकड़ा चुनावी साल में सामने आता है तो विपक्ष सवाल उठाता है कि क्या यह केवल रूटीन प्रक्रिया है या राजनीतिक गणित को प्रभावित करने वाला कदम?

हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार, लोगों की राय विभाजित दिखती है कि 35% लोग मानते हैं कि अवैध वोटरों को हटाना सही फैसला है. 16% लोग इसे केवल रूटीन प्रक्रिया मानते हैं. वहीं, 27% का मानना है कि अभी इसकी आवश्यकता नहीं थी, जबकि 15-17% लोग इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित मानते हैं. यह स्पष्ट करता है कि जनता इस फैसले को लेकर confused और divided है.

क्या वाकई वोटिंग इंटेंशन पर पड़ेगा प्रभाव?
न्यूज तक से बातचीत में राजनीतिक विश्लेषक अमिताभ तिवारी ने कहा कि अगर काटे गए वोटर पहले से मृत या स्थानांतरित हैं तो उनका हटना स्वाभाविक है. इससे चुनावी नतीजों पर कोई विशेष असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर ऐसे लोग हटते हैं जो वास्तव में जीवित और स्थानीय वोटर हैं. उन्होंने खुद को पहले ही वोटर लिस्ट में दर्ज करा लिया था तो यह वोटिंग इंटेंशन को प्रभावित कर सकता है. जब तक यह स्पष्ट नहीं होता कि हटाए गए वोटरों में कितने वैध वोटर शामिल हैं, तब तक यह कहना मुश्किल है कि इस फैसले से कौन-सा गठबंधन प्रभावित होगा.

विपक्ष की चिंता डेटा के अभाव में संशय
विपक्षी पार्टियां बार-बार यह मुद्दा उठा रही हैं कि आयोग यह नहीं बता रहा कि हटाए गए वोटरों में अवैध प्रवासी कितने हैं या कितने वोटरों ने दोहराव में नाम दर्ज कराया था. इस पारदर्शिता की कमी से यह मुद्दा और विवादास्पद बन गया है. ताज़ा सर्वे से ये संकेत मिलते हैं महागठबंधन (RJD + Congress) को थोड़ी बढ़त दिखाई दे रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के पसंदीदा चेहरे में एनडीए थोड़ा आगे निकल रहा है. इसका मतलब है कि चुनाव अभी पूरी तरह खुला हुआ है. वोटिंग इंटेंशन स्थिर नहीं है और आखिरी समय पर बदलाव संभव है.

ये भी पढ़ें: SSY के 2100 करोड़, कोयंबटूर-मदुरै मेट्रो की मंजूरी... PM मोदी पहुंचे तमिलनाडु तो CM स्टालिन ने रख दीं डिमांड

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि! USBRL रूट से कश्मीर पहुंची ईंधन से लदी पहली ट्रेन
भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि! USBRL रूट से कश्मीर पहुंची ईंधन से लदी पहली ट्रेन
भारत ने इजरायल से डिफेंस डील के लिए किया एप्रोच? सरकार ने बताई सच्चाई
भारत ने इजरायल से डिफेंस डील के लिए किया एप्रोच? सरकार ने बताई सच्चाई
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
TMC के बागी गुट ने CM शुभेंदु अधिकारी की बढ़ाई टेंशन, कर डाली 2 बड़ी मांग
TMC के बागी गुट ने CM शुभेंदु अधिकारी की बढ़ाई टेंशन, कर डाली 2 बड़ी मांग

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
UP चुनाव से पहले RLD में बड़ा बदलाव, ऐश्वर्य राज सिंह बने प्रदेश अध्यक्ष
UP चुनाव से पहले RLD में बड़ा बदलाव, ऐश्वर्य राज सिंह बने प्रदेश अध्यक्ष
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
एक पर हमला, तीनों पर माना जाएगा अटैक! पाक-सऊदी-तुर्किए डिफेंस डील पर क्या बोला भारत?
एक पर हमला, तीनों पर माना जाएगा अटैक! पाक-सऊदी-तुर्किए डिफेंस डील पर क्या बोला भारत?
ड्रोन हंटर्स बना रही भारतीय वायुसेना, ऑपरेशन सिंदूर से क्या है इसका कनेक्शन?
ड्रोन हंटर्स बना रही भारतीय वायुसेना, ऑपरेशन सिंदूर से क्या है इसका कनेक्शन?
Embed widget