'मैं आत्महत्या कर लूंगी', आत्मदाह से 10 दिन पहले ओडिशा की छात्रा ने दी थी वॉर्निंग ! Top Points
ओडिशा के बालासोर की एक 22 वर्षीय छात्रा ने कॉलेज के एक सीनियर प्रोफेसर पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए खुद को आग लगा ली थी. इस घटना के बाद सीएम मांझी ने 20 लाख रुपये आर्थिक मदद देना का ऐलान किया है.

ओडिशा के बालासोर जिले की एक 22 वर्षीय छात्रा ने कॉलेज के एक सीनियर प्रोफेसर पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए खुद को आग लगा ली थी. 95 फीसदी जलने के बाद उसे एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार रात उसकी मौत हो गई.
छात्रा बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज में इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के दूसरे वर्ष की छात्रा थी. उसने 1 जुलाई को कॉलेज की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी को पत्र लिखकर कहा था कि अगर आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी. उसने सहायक प्रोफेसर और शिक्षा विभाग के प्रमुख समीर कुमार साहू पर मानसिक उत्पीड़न और बार-बार यौन संबंध की मांग करने का आरोप लगाया था.
1. पत्र में छात्रा ने प्रोफेसर पर लगाए गंभीर आरोप
पत्र में छात्रा ने लिखा था, “पिछले कुछ महीनों से प्रोफेसर समीर कुमार साहू मुझे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं. वह मुझे धमकी देते हैं कि मुझे फेल कर देंगे. उन्होंने मेरी निजी बातें घरवालों को बताने की भी धमकी दी है. सबसे गंभीर बात यह है कि वे बार-बार मुझसे यौन संबंध की मांग कर रहे हैं, जिसे मैंने बार-बार मना किया है. मैंने आत्महत्या की कोशिश की है और अगर कॉलेज ने कार्रवाई नहीं की तो मैं आत्महत्या करूंगी. इसकी जिम्मेदारी प्रोफेसर और कॉलेज प्रशासन की होगी.”
2. प्राचार्य और आरोपी प्रोफेसर गिरफ्तार
छात्रा की इस चेतावनी के चार दिन बाद उसने कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. पहले उसे बालासोर जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर एम्स भुवनेश्वर रेफर किया गया. अस्पताल ने बयान में बताया, “मरीज को सभी जरूरी इलाज दिए गए, लेकिन हालत गंभीर थी. 14 जुलाई रात 11:46 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया.” पुलिस ने आरोपी समीर कुमार साहू और कॉलेज के प्राचार्य दिलीप घोष को गिरफ्तार कर लिया है.
3, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति ने क्या कहा?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने छात्रा की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने कहा, “ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि छात्रा की आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे. दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी. मैंने खुद अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो सोमवार को एम्स भुवनेश्वर में एक दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थीं, उन्होंने भी बर्न्स विभाग का अचानक दौरा कर छात्रा की हालत की जानकारी ली थी.
आज सुबह छात्रा का शव बालासोर जिले के उसके गांव पलासिया लाया गया. जैसे ही एंबुलेंस गांव में पहुंची, वहां सन्नाटा और आंसुओं का माहौल था. गांववालों ने नम आंखों से बेटी को विदाई दी.
4. सीएम मांझी ने किया 20 लाख रुपये देने का ऐलान
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने घटना की निष्पक्ष और व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं ताकि सभी दोषियों की पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके. साथ ही, उन्होंने छात्रा के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
5. विपक्ष का सरकार पर हमला
बीजेडी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने घटना को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि सिस्टम की नाकामी के कारण छात्रा को जान देनी पड़ी और दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए.
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Source: IOCL





















