Teacher Recruitment Verdict Row: 'जब तक मैं जिंदा हूं, किसी की नौकरी नहीं जाएगी', सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टीचर्स से बोलीं ममता बनर्जी
Mamata On Teachers Recruitment: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार (7 अप्रैल 2025) को सुप्रीम कोर्ट के शिक्षक भर्ती रद्द करने के आदेश पर सवाल उठाए हैं.

Mamata On SC Teachers Recruitment Verdict: पश्चिम बंगाल की शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ममता बनर्जी ने सोमवार (7 अप्रैल 2025) प्रतिक्रिया दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य के 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उन उम्मीदवारों से उनकी सैलरी भी वापस करने को कहा था, जिनकी नियुक्ति को धोखाधड़ी के रूप में माना गया.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिक्षक भर्ती के मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की कड़ी आलोचना की है. CM ने कहा, 'जब तक मैं जिंदा हूं, कोई भी योग्य शिक्षक अपनी नौकरी नहीं खोएगा.' यह बयान उन्होंने उन शिक्षकों के पक्ष में दिया, जिनकी नियुक्ति भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते रद्द की गई है. ममता बनर्जी का कहना है कि वह इस मुद्दे से साथ पूरी तरह से खड़ी हैं और किसी भी हालत में योग्य शिक्षकों की नौकरी को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
जेल भेजी जा सकती हूं, फिर भी बोलूंगी
ममता बनर्जी ने इस विषय पर चिंता जताते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मेरा दिल बहुत दुखी है. मैं जानती हूं कि अगर मैं इस पर बोलती हूं तो मुझे जेल भी हो सकती है, लेकिन मैं फिर भी बोलूंगी. अगर कोई मुझे चुनौती देगा, तो मुझे उसका जवाब देना आता है.' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका दृढ़ संकल्प है कि योग्य शिक्षकों को हर हाल में उनका अधिकार दिलवाएंगी और किसी को भी उनकी नौकरी छीनने की अनुमति नहीं देंगी.
बंगाल की प्रतिभा से डरते हैं लोग?
ममता ने यह सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन योग्य है और कौन नहीं. उन्होंने कहा, 'हमें एक लिस्ट दीजिए. किसी को भी शिक्षा व्यवस्था को तोड़ने का अधिकार नहीं है.' ममता ने उदाहरण देते हुए कहा कि NEET परीक्षा में भी कई आरोप लगे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द नहीं किया. उन्होंने यह भी पूछा, 'बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? क्या बंगाल की प्रतिभा से लोग डरते हैं?'
ममता बनर्जी का यह बयान राज्य के शिक्षकों के लिए एक मजबूत संदेश है. मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वह शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और किसी भी स्थिति में योग्य शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करेंगी. उन्होंने राज्य के शिक्षकों के हक के लिए एकजुट होने की अपील की है और यह स्पष्ट किया है कि उनका संघर्ष केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा व्यवस्था की रक्षा का है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















