Delhi: दिल्ली में एक और स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस बनकर तैयार, सीएम अरविंद केजरीवाल ने किया उद्घाटन
Delhi School News: इस स्कूल में इंजीनियरिंग, मेडिकल, ह्यूमैनिटीज और 21वीं सदी की हाई एंड स्किल्स (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईईटी, कम्यूटर) की पढ़ाई कराई जाएगी.

Delhi School News: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार (2 फरवरी) को जनकपुरी स्थित डेसु कॉलोनी में डॉ. बीआर अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस के तहत बनाए गए स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल का उद्घाटन किया. स्कूल के गेट पर एनसीसी बैंड ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया. इस दौरान सीएम ने एक-एक क्लास रूम के अंदर जाकर वहां उपलब्ध सुविधाओं को देखा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने फर्स्ट फ्लोर पर बने लैब को देखा. इस मौके पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, विधायक राजेश ऋषि और कोई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
इस मौक़े पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस स्कूल में आकर बहुत अच्छा लगा. स्कूल बहुत ही शानदार है. मुझे नहीं लगता कि भारत के इतिहास में इससे पहले इतना शानदार सरकारी स्कूल हमारे देश में कहीं भी बनाया गया हो.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शायद 75 साल में पहली बार सरकारी स्कूल इतना शानदार बनाया गया है. दिल्ली में जिस तरह से सरकारी स्कूलों का कायाकल्प हो रहा है, वो पूरे देश के लिए एक बेंच मार्क बनता जा रहा है. पूरे देश में धीरे-धीरे हवा ये बहने लगी थी कि सरकारी स्कूल तो सरकार चला नहीं सकती है, सरकारी स्कूल बेकार हैं. सरकारी स्कूलों को प्राइवेट को दे देना चाहिए. दिल्ली में जब हमारी सरकार बनी थी, तब भी ऐसी ही बातें होती थीं. लेकिन अब ये हवा पूरी तरह से उल्टी बहने लगी है कि सरकारी स्कूल, प्राइवेट से ज्यादा अच्छे हैं.
क्या कॉन्सेप्ट है स्कूल का
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल है. दिल्ली में एक नया कॉन्सेप्ट शुरू किया गया है, जहां स्पेशल टॉपिक पर पढ़ाई होगी. भगवान ने हर बच्चे कुछ न कुछ स्पेशल बनाया है. कोई मैथ, कोई केमेस्ट्री, तो कोई खेल में अच्छा होता है. अलग-अलग बच्चों की प्रतिभा को उभारने के लिए अलग-अलग सब्जेक्ट के उपर स्पेशलाइज्ड स्कूल बनाए जा रहे हैं. इस स्कूल में इंजीनियरिंग, मेडिकल, ह्यूमैनिटीज और 21वीं सदी की हाई इंड स्कील्स (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईईटी, कम्यूटर) की पढ़ाई कराई जाएगी.
इन क्षेत्रों में जिन बच्चों की रुचि है, वो बच्चे यहां पर दाखिला लेंगे. 8वीं कक्षा के बाद यानि 9वीं में दाखिला होगा. यहां 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं की कक्षाएं चलेंगी. पूरे दिल्ली में स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस के 30 से ज्यादा स्कूल हैं. उनमें इस बार 4400 सीटों पर बच्चों को दाखिला लेना है. 4400 सीटों के लिए करीब 96 हजार आवेदन आए हैं.
स्कूल में बने हैं 45 क्लास रूम—
ये स्कूल करीब 8600 वर्ग मीटर में फैला है और पूरी बिल्डिंग में 112 रूम हैं. जिसमें -
- 45 क्लास रूम
- 8 लैब्स
- 1 लाइब्रेरी
- एक मल्टी परपज हॉल
- 13 अधिकारी और स्टाफ रूम
- 26 शौचालय
- 5 सीढ़ी
- 2 लिफ्ट हैं.
इस साल स्कूल में ये स्टूडेंट्स ले सकेंगे दाखिला
स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में ह्यूमैनिटीज और 21वीं सदी की स्किल्स की विशेषज्ञता दी जाती है. डेसु कॉलोनी में नव निर्मित स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में इस वर्ष ह्यूमैनिटीज और 21वीं सदी की स्किल्स की विशेषज्ञता हासिल करने के लिए क्रमशः 120-120 छात्र-छात्राएं कक्षा 9 में प्रवेश लेंगे. जब यह स्कूल पूरी तरह से तैयार हो जाएगा तब इसमें एक हजार छात्र - छात्राएं दाखिला ले सकेंगी.
दिल्ली सरकार की योजना है कि 2022-23 में 13 डॉ. बी आर अम्बेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (एसओएसई) के लिए पांच नए स्कूल भवन बनाकर तैयार किए जाएं. पहले से चल रहे 31 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में लगभग 5500 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. इनके बन जाने के बाद दिल्ली में 36 बिल्डिंग 44 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस हो जाएंगे जहां करीब 10 हजार छात्र दाखिला ले सकेंगे.
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Source: IOCL






















