कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को मिली बड़ी जिम्मेदारी
Sandeep Dikshit: ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने यह नियुक्ति पार्टी की वैचारिक और नीतिगत मजबूती को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की है.

कांग्रेस संगठन में एक अहम संगठनात्मक बदलाव करते हुए पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित को रचनात्मक कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. रचनात्मक कांग्रेस को पहले आउटरीच सेल के नाम से जाना जाता था, जिसे अब एक नए स्वरूप और विस्तृत भूमिका के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से सोमवार (29 दिसंबर, 2025) को एक आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी. बयान पर AICC के महासचिव केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर हैं. बयान में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने यह नियुक्ति पार्टी की वैचारिक और नीतिगत मजबूती को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की है.
संगठन का विशेष मंच बनेगा रचनात्मक कांग्रेस
रचनात्मक कांग्रेस को एक ऐसे विशेष मंच के रूप में विकसित किया जाएगा, जो सिविल सोसायटी समूहों, विषय विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मुद्दा-आधारित संगठनों के साथ सीधा संवाद स्थापित करेगा. इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और नीतिगत विषयों पर सार्थक चर्चा को बढ़ावा देना है, ताकि जमीनी हकीकत और विविध दृष्टिकोण पार्टी की नीतियों तक पहुंच सकें.
जनहित के मुद्दों पर ठोस नीति निर्माण में मिलेगी मदद
कांग्रेस का मानना है कि इस पहल से पार्टी को समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़ने, नए विचारों को समझने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर ठोस नीति निर्माण में मदद मिलेगी. रचनात्मक कांग्रेस के जरिए पार्टी नेतृत्व को जमीनी अनुभव और विशेषज्ञों की राय सीधे तौर पर प्राप्त होगी. वहीं, नए अध्यक्ष के रूप में संदीप दीक्षित की भूमिका अहम मानी जा रही है. उनके अनुभव और राजनीतिक समझ से रचनात्मक कांग्रेस को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में यह मंच कांग्रेस की वैचारिक रणनीति और सामाजिक संवाद का एक मजबूत आधार बनेगा.
कौन हैं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित
उल्लेखनीय है कि संदीप दीक्षित ने फरवरी, 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह भाजपा उम्मीदवार के सामने हार गए थे. वह 15वीं लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं और उन्होंने पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था. वह दिल्ली की पूर्व मुख्मयंत्री शीला दीक्षित के बेटे हैं.
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Source: IOCL





















