Air Chief Marshal AP Singh: सैनिकों की ट्रेनिंग में किन बदलावों की है जरूरत? जानें एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने क्या-क्या बताया
Air Chief Marshal AP Singh: वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने कहा है कि बदलते परिदृश्य के अनुसार सैनिकों की ट्रेनिंग में भी बदलावों की जरूरत है.

Air Chief Marshal AP Singh: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए सेना की क्षमता में वृद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया है. उन्होंने सैन्य बलों की ट्रेनिंग की रणनीतियों को डिजाइन करने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि बदलते हुए भू-रणनीतिक परिदृश्य में यह सब महत्वपूर्ण है. एपी सिंह ने यह बातें वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (DSSC) में भारतीय सशस्त्र बलों के 80वें स्टाफ कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र अधिकारियों और कॉलेज की स्थायी फैकल्टी को संबोधित करते हुए कही.
एयर चीफ मार्शल ने DSSC में स्टाफ कोर्स के अधिकारियों से बदलाव को अपनाने के लिए कहा. उन्होंने उभरते खतरों का मूल्यांकन करने और भविष्य के संघर्षों के लिए अनुकूल रणनीतियों को डिजाइन करने का आह्वान किया. उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच एकीकृत प्रशिक्षण और ऑपरेशनल समन्वय की आवश्यकता पर भी अपनी बात रखी ताकि भारतीय सेनाओं की युद्धक क्षमता को बढ़ाया जा सके.
आधुनिक युद्ध में एकीकृत संचालन का महत्व
वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में भारतीय वायुसेना के रणनीतिक दृष्टिकोण, अभी चल रही क्षमता विकास की योजनाओं और आधुनिक युद्ध में एकीकृत संचालन के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने वायुसेना के कर्मचारियों की उपलब्धियों और भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा में उनके अडिग समर्पण को भी सराहा.
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान वायुसेना प्रमुख को प्रशिक्षण गतिविधियों पर संक्षिप्त जानकारी भी दी गई. वायुसेना प्रमुख को उन प्रयासों के बारे में बताया गया, जो भारतीय सशस्त्र बलों (नेवी, आर्मी और एयरफोर्स) के बीच संयुक्तता को बढ़ावा देती हैं. ये प्रशिक्षण गतिविधियां आधुनिक सैन्य तैयारियों का एक प्रमुख पहलू है.
वायुसेना प्रमुख ने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान भविष्य की सैन्य लीडरशिप को कठोर शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
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Source: IOCL






















