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ABP न्यूज सर्वे: क्या कहता है पंजाब का ओपिनियन पोल?

नई दिल्ली: पंजाब में 4 फरवरी को वोटर फैसला कर देंगे कि किसकी बनेगी सरकार. अकाली दल-बीजेपी का गठबंधन अपनी सरकार बचा लेगा या 10 साल बाद पंजाब में कांग्रेस सत्ता में लौट पाएगी? क्या दिल्ली से पंजाब पहुंचे केजरीवाल का झाड़ू पंजाब में करिश्मा कर पाएगा? इन सारे सवालों का जवाब तो 11 मार्च को पता चलेगा लेकिन उससे पहले हमने इसका जवाब ढूंढने की कोशिश की है. एबीपी न्यूज-लोकनीति-सीएसडीएस ने एक बार फिर किया है पंजाब ओपिनियन पोल. क्या कहता है पंजाब का ओपिनियन पोल? किस दल को कितना वोट शेयर? एबीपी न्यूज सर्वे के मुताबिक कांग्रेस की तरफ 34 प्रतिशत लोगों का रूझान है. अकाली और बीजेपी गठबंधन को 28 प्रतिशत लोग अपना समर्थन दे रहे हैं. आम आदमी पार्टी पर 27 प्रतिशत लोग अपना भरोसा जता रहे हैं. अन्य पर भी 11 प्रतिशत लोग अपना समर्थन जता रहे हैं. किस इलाके में किसका दबदबा? बात मालवा की करें तो सर्वे के मुताबिक मालवा की 69 सीटों पर आम आदमी पार्टी आगे है. आप को 33 प्रतिशत, कांग्रेस को 29 प्रतिशत, बीजेपी और अकाली गठबंधन को 28 प्रतिशत लोगों का समर्थन हासिल होने की संभावना है. अन्य के हिस्से 10 प्रतिशत लोग जा सकते हैं. सर्वे के मुताबिक माझा की 25 सीटों में कांग्रेस को भारी समर्थन मिल रहा है. कांग्रेस को 48 प्रतिशत, अकाली-बीजेपी गठबंधन को 22 प्रतिशत, आप को 14 प्रतिशत और अन्य को 16 प्रतिशत समर्थन मिल सकता है. सर्वे के मुताबिक दोआब की 23 सीटों में अकाली-बीजेपी गठबंधन आगे है. यहां इस गठबंधन को 36 प्रतिशत, कांग्रेस को 33 प्रतिशत, आप को 23 प्रतिशत और अन्य के हिस्से 8 प्रतिशत समर्थन हासिल है. सीएम के रूप में पहली पसंद कौन? दिसंबर की तुलना में कैप्टन अमरिंदर सिंह की लोकप्रियता में गिरावट आई है. इसके बावजूद वह अभी भी सर्वाधिक लोकप्रिय हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह को 23 प्रतिशत तो प्रकाश सिंह बादल को महज 19 प्रतिशत लोग अपना समर्थन दे रहे हैं. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि 23 प्रतिशत लोग कुछ भी नहीं कह रहे हैं. चुनाव के मुद्दे? सर्वे के मुताबिक पंजाब में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है. इसके बाद विकास फिर ड्रग्स चुनावी मुद्दे हैं. बेरोजगारी को 21 प्रतिशत, विकास को 18 प्रतिशत तो ड्रग्स को 14 प्रतिशत लोग चुनावी मुद्दा मानते हैं. नवजोत सिंह सिद्धू का असर? सर्वे के मुताबिक सिद्धू के आने से कांग्रेस को माझा में फायदा है. मालवा और दोआब में सिद्धू के आने से कांग्रेस को मामूली बढ़त मिलने की संभावना है. नोटबंदी की असर? सर्वे के मुताबिक नोटबंदी को अधिकांश लोग अच्छा निर्णय मानते हैं. लेकिन सरकारी की तैयारी पर लोग सवाल उठा रहे हैं. किस दल को कितनी सीटें? राजीव करंदीकर देश के सबसे बड़े गणित संस्थान चेन्नई गणितीय संस्थान के निदेशक हैं. हम आपको बता दें कि सीएसडीएस ने वोटरों से बात करके जो आंकड़े जुटाए उसके प्रतिशत को सीटों में राजीव करंदीकर ने तब्दील किया है. यदि वोट प्रतिशत को सीटों में तब्दील किया जाए तो राजीव करंदीकर के मुताबिक कांग्रेस को 47-55 सीटें, अकाली-बीजेपी गठबंधन को 28-36 सीटें, आम आदमी पार्टी-लोक इंसाफ पार्टी को 26-34 सीटें मिलने की संभावना है. कैसे हुआ सर्वे? एबीपी न्यूज-लोकनीति-सीएसडीएस ने 15 जनवरी से 24 जनवरी के बीच वोटरों की राय ली. 39 विधानसभा क्षेत्रों के 187 पोलिंग बूथ के 3 हजार 462 वोटरों से बात की. ये सर्वे यूरोपियन सोसाइटी फॉर ओपिनियन एंड मार्केटिंग रिसर्च यानी ESOMAR के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए किया गया है. ABP न्यूज सर्वे: हरीश रावत फेवरेट लेकिन बीजेपी खिलाएगी कमल ABP न्यूज सर्वे: चल पड़ी है साइकिल, एसपी- कांग्रेस गठबंधन बहुमत के करीब ABP न्यूज सर्वे: किस इलाके में कौन भारी, क्या आदित्यनाथ बनेंगे बीजेपी के लिए संकट? GRAPHICS: यूपी में एबीपी न्यूज़ के ओपिनियन पोल में कौन मार रहा है बाजी? GRAPHICS: यूपी में एबीपी न्यूज़ के ओपिनियन पोल में किस पार्टी को मिल रही हैं कितनी सीटें?
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Source: IOCL



























