बीएमसी के बजट पर AAP ने कहा- आंकड़े बड़े और खर्च छोटे, केजरीवाल सरकार से सीखें
आम आदमी पार्टी की मुंबई इकाई ने कहा कि बीएमसी की बजट में लंबे चौड़े आंकड़े सामने आते हैं. लेकिन सात साल से आधा पैसा ही खर्च हो रहा है. इससे बीएमसी प्रशासन की आयोग्यता और अक्षमता का साफ तौर पर पता चलता है.

मुंबई: देश की सबसे बड़े महानगर पालिका बीएमसी के बजट पर आम आदमी पार्टी की मुम्बई यूनिट ने पैसा का उचित खर्च नहीं करने का आरोप लगाया. आप ने बजट आकड़े को बड़ा और खर्च को कुल बजट का आधा बताया. बीएमसी ने हाल ही में 39038 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया, जिसमें से वेतन और रख रखाव पर 20,287 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस तरह परियोजनाओं और विकास कार्यों के लिए केवल 18751 करोड़ बचते हैं. लेकिन इन बड़े आंकड़ों से परे एक पूरी तरह से अलग कहानी है.
मुंबई महानगर पालिका बजट 2020-21 में विकास कार्यों के आधे से अधिक बजट यानी 52 फीसदी का उपयोग नहीं किया गया था. ऐसा लगातार सातवें साल हो रहा है. यह एक चुनावी वर्ष है जहां विकास कार्यों में 71 फीसदी की वृद्धि देखी गई है.
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और मुंबई प्रभारी प्रीति शर्मा मेनन ने कहा, "शिवसेना शासित बीएमसी के वार्षिक बजट में केवल लम्बे चौड़े आंकड़े सामने आते हैं. सात साल से बजट प्रावधानों का आधा ही खर्च हो रहा है. बीएमसी बजट एक वार्षिक अनुष्ठान जैसा हो गया है, जिसका उद्देश्य मुंबईकरों और राजनीतिक वर्ग के सामने बड़े बड़े आंकड़े प्रस्तुत करना भर रह गया है. बजट के साल-दर-साल उपयोग पर करीब से नजर डालने पर बीएमसी प्रशासन की अयोग्यता और अक्षमता का स्पष्ट पता चलता है. स्पष्ट रूप से, बीएमसी के पास पैसा खर्च करने की अनिच्छा है या निर्धारित समय में कार्य को कुशलता से निष्पादित करने की क्षमता का अभाव है.
प्रीति शर्मा मेनन का कहना है कि यह ओवर-कॉम्पटिशन और अंडर-डिलीवरी का मामला है. यदि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार न केवल चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित अपनी सभी निधियों का उपयोग कर सकती है, बल्कि उन्हें रिकॉर्ड समय में पूरा भी कर सकती है और इस प्रकार सरकारी कोष की बड़ी राशि की बचत होती है, तो हम मुंबई में इसकी उम्मीद क्यों नहीं कर सकते? अप्रयुक्त हो रहे आधे बजट की कोई भी बहानेबाजी हमें पूरी तरह से अस्वीकार्य है. हम इस पर श्वेत पत्र की मांग करते हैं कि इतने वर्षों में इन निधियों का उपयोग क्यों नहीं किया गया और इस वर्ष इसका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं. रिकॉर्ड समय में पूरी निधि का सही उपयोग कैसे हो, दिल्ली सरकार ने यह करके उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है. यदि बीएमसी प्रशासन चाहे , तो अपनी सरकार की इस निपुणता से बीएमसी प्रशासन को मार्गदर्शन प्रदान करने में हमें प्रसन्नता होगी.
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