बिहार: घर जाने के लिए बेताब लोग नहीं कर रहे हैं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
लोग अपने घर पहुंचने की जल्दी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं.लोग प्रशासन की ओर से चलाई गई बसों के ऊपर भी चढ़ गए हैं.

पटना: दूसरे राज्यों से कई प्रवासी मजदूर ट्रेन से बिहार तो आ गए पर उन्हें घर भेजने के लिए सुविधा कम पड़ रही है. बस के अंदर और बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं. प्रशासन भी लाचार है. दानापुर स्टेशन पर अहमदाबाद और दूसरे शहरों से आए लोग डेरा जमाए बैठे हैं. श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आये यात्रियों की तादाद इतनी है की सोशल डिस्टेंसिंग को रख पाना मुश्किल हो गया है.
घर जाने के लिए ये लोग प्रशासन की ओर से चलाई गई बस के अंदर ही नहीं बसों के ऊपर भी चढ़ गए हैं. इन्हें किसी तरह घर पहुंचने की जल्दी है. गुजरात से आये प्रवासियों का कहना है कि उन्हें गुजरात या बिहार सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली. यहां तक कि उनसे सफर के लिए पैसे भी मांगे गए और टिकट के नाम पर एक टोकन पकड़ा दिया गया. रास्ते में इन लोगों को कुछ खाने को भी नहीं मिला.
बता दें कि स्थानीय प्रशासन रात 12 बजे से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आये यात्रियों को उनके गृह जिले की ओर भेज रहा है. सवाल यह है कि अगर इस तरह से बसों की छत पर ये लोग बैठकर जाएंगे तो अगर कोई दुर्घटना हुई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? वहीं अगर इनमें से एक भी कोरोना पॉजिटिव हुआ तो बाकी लोगों का क्या होगा?
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