एक्सप्लोरर

सिजोफ्रेनिया: जिससे हुआ प्यार वो वास्तव में है ही नहीं, 2 करोड़ लोग ऐसी बीमारियों की चपेट में

मानसिक बीमारियां ऐसे होती हैं कि जो पीड़ित होता है वो भी इनके बारे नहीं जान पाता है. ऐसे लोग अक्सर सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी डालते हैं और लगता है कि वो बहुत खुश हैं.

हाल ही में एक्ट्रेस टुनिशा शर्मा ने खुदकुशी कर ली. 20 साल की टैलेंटेड एक्ट्रेस का इस तरह दुनिया से चले जाना हैरत में डालता है. बाद में यह बात सामने आई कि टुनिशा डिप्रेशन से जूझ रही थी. यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस तरह के कई मामले फिल्म इंडस्ट्री में देखे गए हैं.

कई सेलेब्स ने खुलकर इस पर बात की. दीपिका पादुकोण, अनुष्का शर्मा, वरुण धवन, शाहरुख खान, इलियाना डिक्रूज, वरुण धवन, करण जौहर और एक्ट्रेस आलिया भट्ट की बहन शाहीन भट्ट भी मानसिक समस्या से जूझ चुकी हैं.

वहीं बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में भी बनी हैं, जो मेंटल हेल्थ से संबंधित मुद्दों के बारे में बात करती हैं. एक्ट्रेस बिपाशा बसु की फिल्म मदहोशी और कोंकणा सेन की फिल्म 15 पार्क एवेन्यू में सिजोफ्रेनिया जैसे मानसिक बीमारी को दिखाया गया है.

बिपाशा बसु की फिल्म मदहोशी में दिखाया गया है कि वह कल्पना की दुनिया में इस कदर जीने लगती हैं कि उन्हें लगता है कि उनका एक बॉयफ्रेंड है वह अपनी कल्पना में अपने रिश्ते बहुत आगे बढ़ चुकी हैं कि उसके ना मिलने पर अपनी जान ले लेना चाहती हैं.

वहीं कोंकणा सेन की फिल्म 15 पार्क एवेन्यू में दिखाया गया है कि मिताली उर्फ मीठी अपनी कल्पनाओं में इस कदर आगे बढ़ जाती है कि उसे लगता है कि वह अपने एक्स मंगेतर जॉयदीप (राहुल बोस) की पत्नी है और उसके पांच बच्चे हैं और वह इस पते पर अपने बच्चों और पति के साथ रहती हैं. जबकि असल में उसकी शादी ही नहीं हुई होती.  

क्या है सिजोफ्रेनिया 
हर व्यक्ति कुछ हद तक कल्पना में जीता है, लेकिन कई बार लोग कल्पना की दुनिया में इस कदर आगे बढ़ जाते हैं कि कल्पना और यथार्थ के बीच का फर्क भूल जाते हैं. वे कल्पना को सच समझने लगते हैं. अपने मन में अपनी खुद की बनाई दुनिया को वे सच मानने लगते हैं.

मानव मस्तिष्क में डोपामाइन नाम का न्यूरोट्रांसमीटर होता है, जो दिमाग और शरीर में बीच तालमेल बिठाता है. कई बार डोपामाइन केमिकल किन्हीं वजहों से जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, तब सिजोफ्रेनिया की समस्या उत्पन्न होती है. मैक्स अस्पताल के मनोचिकत्सक डॉ. राजेश कुमार के अनुसार कई रिसर्च बताते हैं कि यह बीमारी अनुवांशिक भी होती है. 

डॉ राजेश के मुताबिक अगर माता- पिता को सिजोफ्रेनिया है तो बच्चे में 40% तक होने की संभावना हो सकती है. अगर माता या पिता में से किसी एक हो है तो बच्चे को होने की संभावना 12% होती है. 

डॉ राजेश आगे बताते हैं कि मानसिक रोगों को समझना जरूरी है. इसे दो भागों में बांटा जा सकता है. पहले में वह परिस्थिति आती है, जिसमें मानसिक बीमारी से तो जूझ रहा होता है, लेकिन यथार्थ और कल्पना का अंतर समझता है और दूसरे में सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी आती है, जिसमें व्यक्ति यथार्थ और कल्पना के बीच का फ़र्क भूल जाता है.

सिजोफ्रेनिया की मूल वजह क्या है? इसके जवाब में मनोचिकित्सक शोभना मित्तल का कहती हैं- बदलती लाइफ स्टाइल, टूटते संयुक्त परिवार, करियर, पैसा कमाने की होड़, घरेलू ज़िम्मेदारियों और बदलती जीवनशैली के कारण मानसिक बीमारियां इसकी वजह है. मित्तल कोरोना के बाद आए नए बदलाव को भी इसकी वजह मानती हैं.

मित्तल आगे कहती हैं कि कोरोना महामारी के बाद में लोगों के जीवन में काफी बदलाव आया है. अकेलापन, उदासी एवं तनाव, डर, असुरक्षा की भावना जैसे कारणों से मानसिक रोगों में पिछले कुछ सालों में इजाफा हुआ है. 

ये है सिजोफ्रेनिया के लक्षण 
भ्रम (Delusions), इसमें व्यक्ति काल्पना और वास्तविकता का अंतर इंसान समझ नहीं पाता. इसमें व्यक्ति को लगता है कि कोई उसके खिलाफ है. घटनाओं या संयोग की कड़िया जोड़ने लगता है और कल्पना करने लगता है. कई मामलों मे मतिभ्रम  भी देखा गया है, इसमें व्यक्ति को आवाजें सुनाई देती है जो वास्तविकता में नहीं होती है. कुछ मामलों में व्यक्ति को कई चीजें, व्यक्ति या कोई आकृतियां दिखाई देती है. ऐसे मामलों में धीरे धीरे व्यक्ति उदासीन होता चला जाता है और उसके सेंसेस काम नहीं करते. व्यक्ति को किसी चीज़ से ख़ुशी नहीं मिलती. ऐसे लक्षण दिखे तो व्यक्ति को देर किए बिना मनोचिकित्सक के पास ले जाना चाहिए. डॉक्टर शोभना कहती हैं कि आप समय पर इलाज बेहद जरूरी है, जितना देर करेंगे. मर्ज उतना ही बढ़ता जायेगा. 

क्या है इलाज
काउंसलिंग के साथ ही दवाइयां दी जाती हैं. दवाइयों का असर होने में 6 हफ्ते से ज्यादा समय लग सकते हैं. कई बार 1-2 साल भी लग सकते हैं. दवाइयों के साथ ही फैमिली का सपोर्ट भी इस बीमारी में बेहद जरुरी है. यह बीमारी पुरुष और महिला, दोनों में समान रूप से होती है.

एक सर्वे के मुताबिक, 70 प्रतिशत लोग इस बीमारी से इलाज के बाद सामान्य जीवन जीते हुए देखे गए हैं, 20 प्रतिशत लोगों में यह बीमारी काफी लंबी देखी गई है, जिन्हें विशेष देखभाल की ज़रूरत थी, वहीं दूसरी ओर 10 प्रतिशत लोगों ने इस बीमारी में मौत को गले लगा लिया. इनमें अधिकतर युवा एवं प्रौ़ढ पुरुष थे.

कई ऐसे अध्ययन में यह बात सामने आई है कि इस बीमारी की चपेट में क्रिएटिल लोग ज़्यादा आते हैं. अपने जमाने की जानी-मानी अभिनेत्री नलिनी जयवंत, परवीन बॉबी, अभिनेता राजकिरण, उर्दू के जाने-माने शायर मजाज लखनवी एवं मीर तकी मीर भी इस गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रसित थे.

बढ़ेंगे सिजोफ्रेनिया के मामले
एक सर्वे के मुताबिक, पूरी दुनिया में लगभग 2.4 करोड़ लोग इस बीमारी से पीडित हैं. सामान्य तौर पर 15 से 35 वर्ष के लोग इससे ग्रसित होते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि आने वाले समय में इस रोग से संबंधित रोगियों की संख्या बहुत ज़्यादा ब़ढ जाएगी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Aaj Ka Panchang: 3 मार्च 2026 का संपूर्ण पंचांग, फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन और साल का पहला चंद्र ग्रहण
Aaj Ka Panchang: 3 मार्च 2026 का संपूर्ण पंचांग, फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन और साल का पहला चंद्र ग्रहण
Holika Dahan 2026 Shubh Muhurat Live: होलिका दहन 3 मार्च को भी होगा, ऐसा कैसे संभव है आप भी जान लें
Holika Dahan 2026 Shubh Muhurat Live: होलिका दहन 3 मार्च को भी होगा, ऐसा कैसे संभव है आप भी जान लें
Kidney Failure Symptoms: कमर दर्द, बार-बार यूरिन या चेहरे पर सूजन... शरीर के इन संकेतों को न लें हल्के में, हो सकता है किडनी फेलियर!
कमर दर्द, बार-बार यूरिन या चेहरे पर सूजन... शरीर के इन संकेतों को न लें हल्के में, हो सकता है किडनी फेलियर!
Fatty Liver Disease: सिर्फ शराब ही नहीं, आपकी खराब लाइफस्टाइल भी बना रही है लिवर को बीमार; जानें कैसे बचें?
सिर्फ शराब ही नहीं, आपकी खराब लाइफस्टाइल भी बना रही है लिवर को बीमार; जानें कैसे बचें?

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'मैंने ही तेहरान पर हमले का आदेश दिया...', ट्रंप ने बताया- कैसे ईरान को न्यूक्लियर पावर नहीं बनने देंगे
'मैंने ही तेहरान पर हमले का आदेश दिया...', ट्रंप ने बताया- कैसे ईरान को न्यूक्लियर पावर नहीं बनने देंगे
Chandra Grahan: दिल्ली में कितनी देर तक दिखेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण? यहां जानें पूरी डिटेल
दिल्ली में कितनी देर तक दिखेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण? यहां जानें पूरी डिटेल
टी20 वर्ल्ड कप के बीच हरभजन सिंह के पास क्यों पहुंची BCCI? टेस्ट क्रिकेट से जुड़ा है मामला
टी20 वर्ल्ड कप के बीच हरभजन सिंह के पास क्यों पहुंची BCCI? टेस्ट क्रिकेट से जुड़ा है मामला
सैयारा की रिलीज के बाद अहान पांडे की हुई थी सर्जरी, बोले- बहुत दर्द था, रिकवरी में भी समय लगा
सैयारा की रिलीज के बाद अहान पांडे की हुई थी सर्जरी, बोले- बहुत दर्द था, रिकवरी में भी समय लगा
'ईरान में घुसेंगे अमेरिकी सैनिक...', तेहरान में तबाही मचाने के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप, महायुद्ध की दी चेतावनी
'ईरान में घुसेंगे अमेरिकी सैनिक', तेहरान में तबाही मचाने के बाद बोले ट्रंप, महायुद्ध की दी चेतावनी
Iron Beam: न रॉकेट, न ड्रोन... सिर्फ एक लेजर से दुश्मन खत्म! कैसा है इजरायल का आयरन बीम वाला हथियार, पहली बार हुआ इस्तेमाल
न रॉकेट, न ड्रोन... सिर्फ एक लेजर से दुश्मन खत्म! कैसा है इजरायल का आयरन बीम वाला हथियार, पहली बार हुआ इस्तेमाल
Iran US War: खामेनेई की मौत के बाद सुलग रहा पाकिस्तान! कराची में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत, कई घायल
खामेनेई की मौत के बाद सुलग रहा पाकिस्तान! कराची में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत, कई घायल
ईरान में MBBS की फीस कितनी, क्यों जाते हैं भारतीय छात्र?​ जानें डिटेल्स
ईरान में MBBS की फीस कितनी, क्यों जाते हैं भारतीय छात्र?​ जानें डिटेल्स
Embed widget