क्या आप भी ऑफिस में सीट पर ही लंच करते है?
ऑफिस में एक लंच ब्रेक ही ऐसा होता है जिसमें काम से थोड़ी राहत मिलती है. लंच ब्रेक में अक्सर लोग कैन्टीन या ऑफिस के बाहर जाते है लेकिन बहुत से लोग काम की टेंशन में अपने डेस्क पर ही लंच करना उचित समझते हैं.

नई दिल्ली: ऑफिस में एक लंच ब्रेक ही ऐसा होता है जिसमें काम से थोड़ी राहत मिलती है. लंच ब्रेक में अक्सर लोग कैन्टीन या ऑफिस के बाहर जाते है लेकिन बहुत से लोग काम की टेंशन में अपने डेस्क पर ही लंच करना उचित समझते हैं. लोग यही सोचते हैं कि अपने डेस्क पर लंच करने से वे जल्दी काम शुरु कर देंगे या आपके बाकी साथी आपको हार्ड-वर्किंग समझेंगे. लेकिन क्या आप जानते है कि ऐसा करने से आप क्या मिस कर रहे हैं? इसी सोच को लेकर चट्टानूगा यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसी के इंडस्ट्रियल-ऑर्गनाइजेशनल साइक्लॉजी के प्रोफेसर क्रिस क्योनिंघम बता रहे हैं कि ऐसा करना इतना लाभदायक नहीं है जितना की आप सोचते है. काम से मेंटल ब्रेक मिलता है- शारीरिक रूप से काम से थोड़ा बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है क्योंकि ब्रेक के समय आप काम के बारे में नहीं सोचते और रिचार्ज महसूस करते है जिससे आप काम और फुर्ती से कर पाते है. काम की टेंशन होती है कम- डेस्क पर बैठकर लंच करने से आपका ध्यान काम और ईमेल या चैट मैसेज का रिप्लाई करने पर ही होता है. इसलिए ब्रेक पर बाहर जाने से आपका मूड अच्छा और चेंज होता है. को-वर्कर्स या दोस्तों के साथ मिलना-जुलना- ऑफिस में ब्रेक के टाइम बाकी और कुलीग के साथ बातचीत या दोस्ती करने का सही मौका होता है. अगर ऑफिस में सब साथ खाना नहीं खाते तो संभव होने पर अपने बाहर फ्रेंड्स या फैमिली से मिले. कर्नल प्रोफेसर केविन क्निफिन का मानना है कि लंच ब्रेक बाकी कुलीग्स के साथ कनेक्ट होने का सही मौका है और इससे काम के प्रदर्शन पर भी अच्छा असर देखने को मिलता है. जिन लोगों को सोशलाइज होना पसंद नहीं होता उनके लिए भी ऑफिस में अपनी सीट छोड़कर ब्रेक में करने के लिए बहुत कुछ होता है. नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.
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Source: IOCL


























