एक्सप्लोरर

Sawan 2026: सावन में कौन-सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए? राशि अनुसार जानें सही रुद्राक्ष

Sawan 2026 में राशि अनुसार कौन-सा रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है? जानें मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए सही रुद्राक्ष.

Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित करने के साथ भगवान शिव से जुड़े रुद्राक्ष को धारण करने की भी परंपरा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रिय माना जाता है और इसे धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक एकाग्रता बढ़ने की मान्यता है.

ज्योतिष में अलग-अलग राशियों के लिए अलग-अलग रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है. हालांकि, रुद्राक्ष को लेकर मान्यताएं व्यक्ति की कुंडली, ग्रह स्थिति और व्यक्तिगत आस्था के अनुसार अलग हो सकती हैं. आइए जानते हैं राशि अनुसार कौन-सा रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है.

मेष राशि - तीन मुखी रुद्राक्ष

मेष राशि के जातकों के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह आत्मविश्वास और ऊर्जा से जुड़ा होता है. इसे धारण करने से व्यक्ति में नकारात्मकता कम करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की भावना बढ़ने की मान्यता है.

वृषभ राशि - छह मुखी रुद्राक्ष

वृषभ राशि के जातकों के लिए छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है. इसे भगवान कार्तिकेय से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि यह एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन के लिए लाभकारी हो सकता है.

मिथुन राशि - चार मुखी रुद्राक्ष

मिथुन राशि के जातकों के लिए चार मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है. इसे ज्ञान, बुद्धि और वाणी से जोड़कर देखा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह पढ़ाई और एकाग्रता में सहायता करने वाला माना जाता है.

कर्क राशि - दो मुखी रुद्राक्ष

कर्क राशि के लिए दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है. इसे भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूप से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि यह मानसिक शांति और रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखने की कामना के लिए धारण किया जाता है.

सिंह राशि - पांच मुखी रुद्राक्ष

सिंह राशि के जातकों के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है. यह सबसे सामान्य रूप से धारण किए जाने वाले रुद्राक्षों में से एक है. धार्मिक मान्यता में इसे शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति से जोड़ा जाता है.

कन्या राशि - चार मुखी रुद्राक्ष

कन्या राशि के जातकों के लिए भी चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है. इसे बुद्धि और ज्ञान से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता के अनुसार, यह एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता के लिए उपयोगी माना जाता है.

तुला राशि - छह मुखी रुद्राक्ष

तुला राशि के लिए छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने की धार्मिक मान्यता है. इसे आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन से जोड़ा जाता है. सावन में भगवान शिव की पूजा के साथ इसे धारण करने की परंपरा भी मानी जाती है.

वृश्चिक राशि - तीन मुखी रुद्राक्ष

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है. इसे धारण करने से व्यक्ति को नकारात्मक सोच से बाहर निकलने की प्रेरणा मिलने की मान्यता है.

धनु राशि - पांच मुखी रुद्राक्ष

धनु राशि के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है. इसे आध्यात्मिक विकास और मानसिक शांति से जोड़ा जाता है. सावन में शिव पूजा के दौरान इसका जाप और धारण करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है.

मकर राशि - सात मुखी रुद्राक्ष

मकर राशि के जातकों के लिए सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है. इसे शनि से संबंधित माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह मेहनत, धैर्य और आर्थिक स्थिरता की कामना के लिए धारण किया जाता है.

कुंभ राशि - सात मुखी रुद्राक्ष

कुंभ राशि के जातकों के लिए भी सात मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है. इसे शनि ग्रह से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इसे धारण करने से व्यक्ति में धैर्य और स्थिरता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है.

मीन राशि - पांच मुखी रुद्राक्ष

मीन राशि के जातकों के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है. इसे भगवान शिव की आराधना, मानसिक शांति और आध्यात्मिक प्रगति से जोड़ा जाता है.

सावन में रुद्राक्ष कैसे धारण करें?

रुद्राक्ष धारण करने से पहले उसे साफ जल से शुद्ध करके भगवान शिव के सामने रखें. सावन के सोमवार या किसी शुभ दिन शिव पूजा करने के बाद रुद्राक्ष को धारण किया जा सकता है. धार्मिक परंपरा के अनुसार, धारण करते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप किया जाता है.

रुद्राक्ष को लाल या काले धागे में पहनने की बजाय सामान्यतः रुद्राक्ष की माला या धातु में धारण करने की परंपराएं भी मिलती हैं. अलग-अलग संप्रदायों और परंपराओं में नियम अलग हो सकते हैं.

क्या कहते हैं ज्योतिषीय मत?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष को केवल फैशन या आभूषण के तौर पर नहीं, बल्कि श्रद्धा और आध्यात्मिक साधना के प्रतीक के रूप में धारण किया जाता है. राशि के अनुसार रुद्राक्ष चुनने से पहले व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रह स्थिति देखना अधिक उचित माना जाता है.

इसलिए यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष ग्रह की समस्या या कुंडली से जुड़े उपाय के लिए रुद्राक्ष पहनना चाहता है, तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर है.

FAQ

सावन में कौन-सा रुद्राक्ष पहनना शुभ माना जाता है?

राशि के अनुसार अलग-अलग रुद्राक्ष धारण करने की मान्यता है. सामान्य रूप से पांच मुखी रुद्राक्ष को भी काफी लोग धारण करते हैं.

क्या सावन में रुद्राक्ष पहन सकते हैं?

हां, धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा के साथ रुद्राक्ष धारण किया जा सकता है.

रुद्राक्ष पहनते समय कौन-सा मंत्र जपना चाहिए?

रुद्राक्ष धारण करते समय श्रद्धा से 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप किया जा सकता है.

क्या राशि के अनुसार रुद्राक्ष पहनना जरूरी है?

नहीं. राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करना ज्योतिषीय मान्यता है, कोई अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं.

क्या रुद्राक्ष धारण करने से ग्रह दोष दूर होते हैं?

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में कुछ रुद्राक्षों को ग्रहों से जोड़ा जाता है, लेकिन इन्हें निश्चित रूप से ग्रह दोष दूर करने वाला वैज्ञानिक उपाय नहीं माना जा सकता.

रुचि शर्मा ज्योतिष जानकार हैं जो पिछले 13 वर्षों से ज्योतिष, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर अध्ययन, शोध और लेखन कर रही हैं. वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र, टैरो, Chinese Astrology, राशिफल (Horoscope), ग्रह गोचर, पंचांग (Panchang), व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. जटिल ज्योतिषीय सिद्धांतों और ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव को सरल एवं सहज भाषा में समझाना उनकी प्रमुख पहचान है.

उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से मास्टर इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है. मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में लंबे अनुभव के दौरान वह राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान, बीईसीआईएल, टाइम्स ग्रुप और Astrosage जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ कार्य कर चुकी हैं. पिछले कई वर्षों से उनका लेखन मुख्य रूप से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा है.

रुचि शर्मा पारंपरिक ज्योतिषीय ग्रंथों, पंचांगों और प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर विषयों का अध्ययन करती हैं तथा यूजर्स तक सरल, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाने का प्रयास करती हैं. उनके लेखों का उद्देश्य ज्योतिष और धर्म से जुड़े विषयों को आम पाठकों के लिए सहज और समझने योग्य बनाना है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Sawan 2026: सावन में कौन-सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए? राशि अनुसार जानें सही रुद्राक्ष
Sawan 2026: सावन में कौन-सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए? राशि अनुसार जानें सही रुद्राक्ष
August Festival 2026: अगस्त में रक्षाबंधन, हरियाली तीज, सूर्य-चंद्र ग्रहण कब ? व्रत-त्योहार का पूरा कैलेंडर देखें
अगस्त में रक्षाबंधन, हरियाली तीज, सूर्य-चंद्र ग्रहण कब ? व्रत-त्योहार का पूरा कैलेंडर देखें
Kokila Vrat 2026: सुहागिन महिलाएं क्यों रखती हैं कोकिला व्रत? जानें पूजा विधि व महत्व
Kokila Vrat 2026: सुहागिन महिलाएं क्यों रखती हैं कोकिला व्रत? जानें पूजा विधि व महत्व
Kashi Vishwanath Sawan 2026: सावन के चार सोमवार पर होंगे 4 विशेष श्रृंगार, देखें दर्शन की पूरी जानकारी
सावन में बदल जाएगा काशी विश्वनाथ का नजारा, जानें किस सोमवार को होगा बाबा का कौन सा अलौकिक रूप
Advertisement

वीडियोज

Operation Safed Sagar की स्टार कास्ट ने शेयर किए शूटिंग के अनसुने और भावुक किस्से
Kareena Kapoor का खुलासा, रिजेक्शन के बाद रात-रात भर रोती थीं Karisma Kapoor
Prabhas की Spirit में Katrina Kaif की एंट्री? Cameo Role की रिपोर्ट्स ने बढ़ाई चर्चा
Iran US War: ईरान पर बढ़ा संकट! UAE समेत दो मुस्लिम देशों के कदम से मची हलचल |ABPLIVE
CJP Protest: राजनीति में उतरने वाली है CJP? आंदोलन के बाद नेताओं ने दिया बड़ा जवाब |ABPLIVE
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
टल गई NEET पेपर लीक केस की पहली फास्ट ट्रैक सुनवाई, जानें क्यों
टल गई NEET पेपर लीक केस की पहली फास्ट ट्रैक सुनवाई, जानें क्यों
अब सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, '...वरना इस्तीफे का मतलब नहीं'
अब सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, '...वरना इस्तीफे का मतलब नहीं'
'ODI में रोहित के साथ ओपनिंग करें वैभव सूर्यवंशी', पूर्व दिग्गज की मांग
'ODI में रोहित के साथ ओपनिंग करें वैभव सूर्यवंशी', पूर्व दिग्गज की मांग
राम चरण की आज हो रही कलाई की सर्जरी, पिता चिरंजीवी और पत्नी उपासना भी अस्पताल में मौजूद
राम चरण की आज हो रही कलाई की सर्जरी, पिता चिरंजीवी और पत्नी उपासना भी अस्पताल में मौजूद
एक और बड़ा आंदोलन! CJP के बाद E20 जनता पार्टी ने किया संसद मार्च का ऐलान
एक और बड़ा आंदोलन! CJP के बाद E20 जनता पार्टी ने किया संसद मार्च का ऐलान
लोकसभा में पेपर लीक वाला बिल पेश, रिजिजू बोले- जो MP चर्चा नहीं चाहते, होगा एक्शन
लोकसभा में पेपर लीक वाला बिल पेश, रिजिजू बोले- जो MP चर्चा नहीं चाहते, होगा एक्शन
‘SIT में CA को करें शामिल', राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई
‘SIT में CA को करें शामिल', राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का नया कदम, यूपी में खोला मोर्चा! 
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का नया कदम, यूपी में खोला मोर्चा! 
Embed widget