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Ramadan 2025 Day 5: रमजान का पांचवा रोजा है रोजेदारों के लिए है दुआ का दरख्त, जान लीजिए महत्व

Ramadan 2025 Day 5: रोजेदारों ने आज गुरुवार 6 मार्च को रमजान का पांचवा रोजा रखा है. पांचवां रोजा दुआ का दरख्त (वृक्ष) है जोकि अल्लाह की इबादत करने का सलीका भी सीखता है.

Ramadan 2025 Day 5: रमजान का मुबारक महीना चल रहा है और रोजेदारों ने आज गुरुवार को रमजान का पांचवा रोजा रखा है. दुनिया के हर मजहब में अलग-अलग तरीके से रोजा या उपवास रखने का महत्व है. हर धर्म और संस्कृति के लोग अपने मजहबी तरीके से पूजा-पाठ करते हैं और उपवास रखते हैं. धर्म और मान्यताओं के अनुसार उपवास रखने के अलग-अलग कायदे भी होते हैं.

जो व्यक्ति जिस धर्म को मानने वाला है उसे अपने धर्म के मुताबिक चलने और उसका पालन करने में कोई गुरेज नहीं है. इसी तरह इस्लाम में रमजान के महीने को बहुत ही पवित्र महीना माना गया है और इस महीने रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज है. इसलिए धर्म के नियमों का पालन करते हुए हर मुसलमान को रमजान के दौरान रोजा रखना चाहिए. इस्लामिक मान्यता के अनुसार रमजान के महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं, जिसमें सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक की अवधि में खाना पीना वर्जित माना जाता है. रोजा रखने की यह प्रकिया रमजान के पूरे महीने यानी 29 से 30 दिनों तक चलती है. 

रोजा सिखाता है अल्लाह की इबादत करने का सलीका

रमजान के पूरे महीने रोजा रखा जाता है और हर रोजे का अपना विशेष महत्व भी होता है. इसी तरह रमजान का पांचवा रोजा दुआ का दरख्त है और अल्लाह की इबादत का सलीका सिखाता है. कुरान के 30वें पारे की सूरे-काफ़ेरून की आखिरी आयत में जिक्र है कि- ‘लकुम दीनोकुम वले यदीन’ इसका मतलब यह है कि तुम तुम्हारे दीन पर रहो मैं मेरे दीन पर हूं.

इबादत का तरीका और सलीका है रोजा: इस्लाम ला इलाहा इल्लल्लाह को मानता है और हजरत मोहम्मद को अल्लाह का रसूल मान जाता है. इसलिए मुसलमानों पर रोजा फर्ज तो है ही. साथ ही यह अल्लाह की इबादत का एक तरीका और सलीका भी है. तक्वा और सदाक़त रोजे की पाकीजगी का सलीका है और ऐसे पाकीजा रोजा को रोजेदारों के लिए दुआ का दरख्त माना गया है.

ये भी पढ़ें: Ramadan 2025: बरकत का अशरा क्या होता है, रमजान की शुरुआत से लेकर 10 दिनों तक क्या महत्व है

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
पल्लवी कुमारी एक कुशल डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया उद्योग में 7 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC, नई दिल्ली) की पूर्व छात्रा पल्लवी, जटिल धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों को शोध-आधारित, सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

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