Premanand Ji Maharaj: अलार्म नहीं संकल्प से खुलती है नींद, प्रेमानंद ने बताया आलस भगाने का तरीका
Premanand Ji Maharaj Teachings: बच्चे, युवा, वृद्ध सभी को फोन ने जकड़ रखा है. यहां तक कि हम सुबह उठने के लिए भी इसपर निर्भर हो गए हैं. प्रेमानंद महाराज ने आलस और मोबाइल से पीछा छुड़ाने का तरीका बताया.

Premanand Ji Maharaj Teachings: डिजिटल दौर के जमाने में मोबाइल फोन ही सबका साथी ही, जोकि दिन की शुरुआत से लेकर देर रात तक साथ रहता है. हम सुबह उठने के ले भी मोबाइल पर ही निर्भर हो गए हैं. लेकिन मोबाइल का अधिक उपयोग ना सिर्फ हमें वास्तिवता से दूर करता है, बल्कि शरीर को भी आसली बना देता है.
प्रेमानंद महाराज जी से एक भक्त ने जब पूछा कि, महाराज जी आसल और मोबाइल से कैसे पीछा छुड़ाएं तो उन्होंने इसे बहुत ही सुंदर ढंग से समझाया. प्रेमानंद ने कहा कि, मोबाइल से आपका जितना फायदा हो सकता है, उतना ही अहित भी हो सका है. इसलिए सबसे जरूरी है खुद पर नियंत्रण रखना.
आलस रोग नहीं बल्कि अभ्यास का दोष
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, आलस कोई रोग नहीं है, जिसका छुटकारा पाया जाए. बल्कि यह अभ्यास का एक दोष है, जिस पर व्यक्ति उसी तरह से नियंत्रण कर सकता है, जैसे वह भूख और नींद पर करता है. अभ्यास कर लिया जाए तो 30 रोटी की भूख 3 रोटी में मिट सकती है और 8 घंटे की नींद 3 घंटे में भी पूरी हो सकती है. महाराज जी के अनुसार, आलस को दूर भगाने का सबसे महत्वपूर्ण सूत्र है- कम बोलो, कम खाओ और कम सोओ.
अलार्म नहीं संकल्प से खुलती है नींद
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, उन्होंने सुबह उठने के लिए जीवन में कभी भी अलार्म नहीं लगाया. उठने के लिए सबसे पहला काम है रजाई फेंकों, फिर भी झपकी आए तो उठकर खड़े हो जाओं, पानी पीओ और फ्रेश हो जाओ. महाराज जी कहते हैं कि, अलार्म नहीं जगाता है. अगर संकल्प करके लेटोगे कि, सुबह 3.30 में उठना है तो उसी समय पर उठोगे. परमात्मा आपके संकल्प की पूर्ति करेगा. अभ्यास से सब संभव हो जाता है, इसलिए हमें हमेशा अभ्यास करना चाहिए.
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