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Pongal 2026 Video: पीएम मोदी ने ऐसे मनाया पोंगल, इस पर्व में गौ सेवा का महत्व

Pongal 2026: आज दक्षिण भारत का मुख्य त्योहार पोंगल है. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पोंगल की पूजा कर गौ सेवा की, इसका वीडियो सामने आया है. पोंगल कैसे मनाया जाता है, इसमें गौ सेवा का महत्व जानें.

PM Narendra Modi Pongal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शामिल हुए. इस दौरान पीएम ने पारंपरिक रूप से पोंगल की पूजा की और फिर गायों को चारा खिलाकर गौ सेवा भी की. पीएम ने कहा कि पोंगल लोगों को प्रेरित करता है कि प्रकृति का सम्मान जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए. पोंगल को उन्होंने वैश्विक धरोहर बताया.

पोंगल कैसे मनाते हैं

  • पोंगल दक्षिण भारत में धूमधाम से मनाया जाने वाला चार दिवसीय फसल उत्सव है. इसमें भोगी पोंगल में घर की सफाई, पुराने, खराब और उपयोग में न आने वाले सामान को बाहर निकाल दिया जाता है.
  • फिर थाई पोंगल में सूर्य की पूजा की जाती है, अच्छी फसल की खुशी में भोग के रूप में मिट्टी के बर्तन में चावल की खीर बनाई जाती है.
  • मट्टू पोंगल में खेतों और कृषि में उपयोग होने वाले उपकरण और पशुओं जैसे गाय-बैल की सेवा की जाती है. इनका आभार व्यक्त किया जाता है.
  • कानुम पोंगल में इस दिन खुले में हल्दी के पत्तों पर सुपारी, गन्ने का रस और पोंगल पकवान रखा जाता है. इस अवसर पर लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों से मिलने जाते हैं
 

पोंगल में गौ सेवा का महत्व

शास्त्रों में गौ सेवा परम धर्म माना जाता है क्योंकि गाय को माता स्वरूप पूजनीय माना गया है, जिसमें सभी देवी-देवताओं का वास होता है, और इसकी सेवा से सुख-समृद्धि, मन की शांति, पापों का नाश होता है, तथा यह जैविक खेती और पर्यावरण के लिए भी उपयोगी है, जिससे मानव जीवन का उत्थान होता है. यही वजह है कि पोंगल में गौ सेवा को विशेष स्थान दिया गया है. 

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Bursle)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

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