पौष माह का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इस माह में सूर्य देव को समर्पित अनेक व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं।
Satyanarayan Puja 2026: पौष पूर्णिमा पर बन रहा है अद्भुत योग, जानें शुभ मुहूर्त और लाभ!
Satyanarayan Puja 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष माह की पूर्णिमा 2 जनवरी 2026 को है. पौष माह की पूर्णिमा पर सत्यानारायण भगवान की पूजा करनी चाहिए. जानते हैं इसकी शुभ तिथि और शुभ समय के बारे में.

Satyanarayan Puja 2026: पौष माह का सनातन धर्म में विशेष महत्व है, जिसके अंतर्गत सूर्य देव को समर्पित अनेक व्रत और त्योहारों को मनाया जाता है. सूर्य देव की पूजा करने के आभा (Aura) चमकदार होने के साथ शारीरिक लाभ की प्राप्ति होती है.
इस माह में पुत्रदा एकादशी के साथ सफला एकादशी और गुरु गोविंद सिंह जयंती समेत कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों को मनाया जाता है. इस माह में प्रतिदिन सूर्य देव की पूजा की जाती है.
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सूर्य देव की पूजा करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की कामना पूर्ण होती है. इससे करियर और व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समाधान होने के साथ व्यक्ति के तेज में निखार आता है. पौष माह पूर्णिमा के दिन समाप्त होता है.
इस दिन अधिकतर लोग अपने घरों में सत्यनारायण भगवान की कथा कराते हैं. अगर आपको भी अपने घर में सुख-समृद्धि की चाह है तो पौष माह की पूर्णिमा 2026 के दिन सत्यानारायण भगवान की पूजा करानी चाहिए. आइए जानते हैं इसकी शुभ तिथि और शुभ समय के बारे में.
सत्यानारायण पूजा का शुभ समय
वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष माह की पूर्णिमा 2 जनवरी को शाम 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 3 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी. सनातन धर्म में तिथि की गणना सूर्योदय के आधार पर की जाती है. पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी. इस शुभ अवसर पर भगवान सत्यानारायण की पूजा की जा सकती है.
पौष पूर्णिमा पर शुभ योग
नव वर्ष 2026 पौष पूर्णिमा के मौके पर ब्रह्मा और इंद्र योग का निर्माण होगा. इस शुभ योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है. इसके अलावा जीवन में चल रही समस्त परेशानियां दूर होने के साथ भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.
पंचांग
- सूर्यादय सुबह 6 बजकर 47 मिनट पर
- सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट पर
- चंद्रोदय शाम 5 बजकर 52 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 4 मिनट से लेकर 5 बजकर 55 मिनट पर
- विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 12 मिनट से लेकर 02 बजकर 56 मिनट तक
- गोधूलि बेला का मुहूर्त शाम 5 बजकर 52 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक
- निशिता काल रात 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक
Frequently Asked Questions
पौष माह का सनातन धर्म में क्या महत्व है?
सूर्य देव की पूजा करने से क्या लाभ होते हैं?
सूर्य देव की पूजा करने से आभा चमकदार होती है और शारीरिक लाभ की प्राप्ति होती है। इससे करियर और व्यापार की समस्याओं का समाधान भी होता है।
सत्यनारायण भगवान की पूजा कब करनी चाहिए?
पौष माह की पूर्णिमा 2026 के दिन, 3 जनवरी को, सत्यानारायण भगवान की पूजा करना सुख-समृद्धि की चाह रखने वालों के लिए शुभ होता है।
पौष पूर्णिमा 2026 पर कौन से शुभ योग बनेंगे?
नव वर्ष 2026 की पौष पूर्णिमा पर ब्रह्मा और इंद्र योग का निर्माण होगा। इस शुभ योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
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