एक्सप्लोरर

Parshuram Jayanti 2025: आखिर भगवान परशुराम ने क्यों और किसके कहने पर की थी अपनी मां की हत्या?

Parshuram Jayanti 2025: परशुराम जयंती 30 अप्रैल 2025 को है. परशुराम जी को क्रोधित स्वभाव वाला माना जाता है. वह आज्ञाकारी पुत्र भी थे लेकिन आखिर क्यों उन्होंने अपनी माता का वध कर दिया जानें ये कथा.

Parshuram Jayanti 2025: अक्षय तृतीया के दिन ही परशुराम जयंती मनाई जाती है. परशुराम को हिंदू धर्म के सात अमर लोगों में से एक माना जाता है. महाभारत और रामायण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वो भीष्म, कर्ण और द्रोण के गुरु बने. भगवान परशुराम ने भीष्‍म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे कई सूर वीरों करे शिक्षा दी.

परशुराम जी को क्रोध बहुत आता था. भगवान परशुराम के क्रोध से देवी-देवता थर-थर कांपते थे. परशुराम जी अपने माता पिता के आज्ञाकारी पुत्र थे लेकिन ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने अपनी माता की गर्दन धड़ से अलग कर दी थी. आइए जानते हैं इसके पीछे क्या वजह थी.

किसके कहने पर परशुराम जी ने मां का वध किया ?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान परशुराम माता रेणुका और ॠषि जमदग्नि की चौथी संतान थे. परशुराम के चार बड़े भाई थे. वे आज्ञाकारी होने के साथ-साथ उग्र स्वभाव के भी थे.  ॠषि जमदग्नि ने एक बार अपने सभी पुत्र को माता की हत्या करने की आज्ञा दी लेकिन तीनों बेटों ने ऐसा करने से मना कर दिया लेकिन भगवान परशुराम ने पिता के आदेशानुसार माता का सिर धड़ से अलग कर दिया. पिता ऋषि जमदग्नि अपने पुत्र से बेहद प्रसन्न हुए और भगवान परशुराम को तीन वरदान दिए क्या थे वो वरदान और आखिर क्यों परशुराम जी ने माता का वध किया जानें.

क्यों परशुराम जी ने की मां की हत्या ?

एक दिन जब सब पुत्र काम से जंगल चले गए तब माता रेणुका स्नान करने सरोवर गईं थी. वहां राजा चित्ररथ भी नौकाविहार कर रहे थे. उन्हें देख ऋषि की पत्नी रेणुका का मन विचलित हो गया और वह उसी मनोदशा में आश्रम लौट आईं. आश्रम में ऋषि जमदग्नि ने जब पत्नी की ये दशा देखी तो उन्हें अपनी दिव्य दृष्टि से सब ज्ञात हो गया.

इससे वह बेहद क्रोधित हुए और अपने पुत्रों को माता का वध करने का आदेश दिया लेकिन सभी ने इनकार कर दिया. महर्षि जमदग्नि ने उन्हें श्राप दे दिया और उनकी विचार शक्ति को खत्म कर दिया. तभी वहां परशुराम आ गए और उन्होंने माता का सिर काट दिया.

परशुराम जी ने मांगे 3 वरदान

महर्षि जमदग्नि परशुराम जी से बहुत प्रसन्न हुए और उन्हें वर मांगने के लिए कहा तब परशुराम ने 3 वरदान मांगे और पिता ने उनकी सारी इच्छाएं पूरी की.

  1. पहला माता रेणुका को पुनर्जीवित करना
  2. दूसरा चारों भाइयों को ठीक करना
  3. तीसरा कि उन्हें कभी पराजय का सामना न करना पड़े, वह दीर्धायु हों.

Parshuram Jayanti 2025: यहां गड़ा है भगवान परशुराम का शक्तिशाली फरसा ! रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Sawan 2026: काशी विश्वनाथ, सावन के पहले सोमवार पर बांस फाटक से प्रवेश करेंगे यदुवंशी बंधु, नंदी चौराहे पर गूंजेगा डमरू!
सावन का पहला सोमवार, काशी विश्वनाथ में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, आज यदुवंशी समाज निभाएगा सदियों पुरानी परंपरा
Sawan Somwar 2026 Date: सावन सोमवार पर बन रहे हैं 3 बड़े दुर्लभ योग, जानें किस दिन क्या करें उपाय
सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा पावन महीना, इस बार 4 सावन सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत; जानें शुभ योग व तिथियां
Saptahik Rashifal 3 to 8 August 2026: जानिए 3 से 8 अगस्त तक करियर, व्यापार, लव लाइफ और सेहत के मामले में कैसी रहेगी आपकी राशि?
साप्ताहिक राशिफल 3 से 8 अगस्त 2026: इस हफ्ते इन राशियों को मिलेगा जॉब में प्रमोशन और अचानक धन लाभ, जानें पंडित सुरेश श्रीमाली से 12 राशियों का हाल
Sawan 2026: इन 5 कामों से खुश होते हैं भगवान शिव, खुलते हैं सुख-समृद्धि के द्वार
Sawan 2026: इन 5 कामों से खुश होते हैं भगवान शिव, खुलते हैं सुख-समृद्धि के द्वार

वीडियोज

Triggered Insaan ने 50 घंटे की Live Stream से Assam Flood Relief के लिए जुटाए ₹70 लाख
Ram Gopal Varma-Urmila Matondkar की सीक्रेट शादी का दावा, पुराने किस्से फिर चर्चा में
Salman Khan ने SVC63 के लिए घटाई फीस? 120 करोड़ से 70 करोड़ लेने की चर्चा
हम सालों से घुटने के दर्द से बेवजह डर रहे थे? जो बात डॉक्टर भी छुपाते हैं, वो आज बाहर आ गई!
Baba Bageshwar: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट ? | Dhirendra Shashtri

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कंगना के 'हिन्दू' वाले बयान पर सुप्रिया श्रीनेत का पलटवार, जानें क्या कहा
कंगना के 'हिन्दू' वाले बयान पर सुप्रिया श्रीनेत का पलटवार, जानें क्या कहा
दतिया: नतीजों पर CM मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, 'BJP के...'
दतिया: नतीजों पर CM मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, 'BJP के...'
'कुछ भी नहीं बचा...', असम बाढ़ में फंसीं गोपी बहू की मां, छलका दर्द, नहीं रोक पाईं आंसू
'कुछ भी नहीं बचा...', असम बाढ़ में फंसीं गोपी बहू की मां, छलका दर्द, नहीं रोक पाईं आंसू
एमएस धोनी की नई पारी, पुराने शौक को बनाया 'करियर'? वीडियो वायरल
एमएस धोनी की नई पारी, पुराने शौक को बनाया 'करियर'? वीडियो वायरल
दतिया में नरोत्तम मिश्रा नहीं बीजेपी की हार की ये हैं 5 बड़ी वजहें, पढ़ें यहां
दतिया में नरोत्तम मिश्रा नहीं बीजेपी की हार की ये हैं 5 बड़ी वजहें, पढ़ें यहां
बांकीपुर रिजल्ट: प्रशांत किशोर की पहली प्रतिक्रिया, 'मेरे विधायक बनने से…'
बांकीपुर रिजल्ट: प्रशांत किशोर की पहली प्रतिक्रिया, 'मेरे विधायक बनने से…'
कर्नाटक कैबिनेट में नहीं मिली जगह, नाराज दो विधायकों ने दिया इस्तीफा
कर्नाटक कैबिनेट में नहीं मिली जगह, नाराज दो विधायकों ने दिया इस्तीफा
‘पहले कराएंगे लाठीचार्ज’, इस्तीफा मांगने पर बोले प्रियांक खरगे
‘पहले कराएंगे लाठीचार्ज’, इस्तीफा मांगने पर बोले प्रियांक खरगे
Embed widget