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Motivational Quotes: माता पिता अपना लें ये 3 आदत, तो गलत रास्ते पर नहीं जाता बच्चा !

Motivational Quotes: आज की भागदौड़ भरे जीवन में माता पिता बच्चों को समय नहीं दे पाते लेकिन अगर आपनी आदतों में कुछ बदलाव कर लें तो वह उन्हें सही मार्गदर्शन दे सकते हैं.

Motivational Quotes: हर संतान का पहला गुरु होते है उसके माता-पिता. बड़े होते-होते बच्चों में जो आदतें दिखने लगती हैं उनमें कहीं ना कहीं माता-पिता की अहम भूमिका होती है.आज के दौर में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए लोग ज्वॉइंट फैमिली में नहीं रह पाते, माता पिता दोनों नौकरी पर चले जाते हैं ऐसे में बच्चों की परवरिश आहत होती है और कई बार वो सही गलत का फर्क नहीं समझ पाते और गलत रास्ते पर चले जाते हैं, माता पिता को अनसुना करने लगते हैं.

अगर अपनी व्यस्थताओं के बीच बच्चे को सही मार्गदर्शन देना चाहते हैं तो अपनी कुछ आदतों में बदलाव जरुर करें. इससे आपके बच्चों के वृद्धि और विकास पर सकारात्मक असर पड़ता है और आपकी परवरिश सफल साबित हो सकती है.

संतान को गलत रास्ते पर जाने से ऐसे रोकें माता-पिता

ईमानदारी

अक्सर हम बच्चों के सामने कुछ बातें छुपाने के लिए झूठ बोल जाते हैं या फिर बातों को गलत तरीके से पेश करते हैं. ये आदत बच्चों को भी लग सकती है, लेकिन अगर माता-पिता ईमानदार होते हैं तो बच्चों में भी यह गुण आने लगता है. वे भी अपने पैरेंट्स की तरह ही किसी और की चीजों पर अपना हक नहीं समझते और छल-कपट से दूर रहते हैं.

सुधार का स्वार्थ नहीं करें

माता पिता अपने बच्चों से प्रेम करते हैं, लेकिन प्रेम से ज्यादा उनके सुधार की चिंता बनी रहती है, बस उसी सुधार में हमारा प्रेम मर जाता है. अगर बच्चा गलती कर रहा है तो उसे प्रेम से समझाएं लेकिन सबके सामने उसे फटकारें नहीं, हालांकि डांट जरुरी है लेकिन ये डांट दूसरों को दिखाने के लिए नहीं बल्कि बच्चे को सही मार्ग पर लाने के लिए होना चाहिए.

ऐसा न करने पर बच्चों के मन को चोट पहुंच सकती है और ये नाराजगी आखिर तक बनी रहती है. बच्चों को सही और गलत का भेद समझाना, उनकी समस्याओं को सुनना, और उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझना, माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका है.

सहानुभूति रखना

घर में एक सकारात्मक और सहायक माहौल बनाएं, जहां बच्चे खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करें. किसी व्यक्ति की मदद करना, किसी के दुख दर्द को समझना और मन में उदारता रखने की आदत भी माता-पिता से बच्चों में आती है.

आप अगर दूसरों के प्रति उदार भाव रखते हैं तो बच्चे भी इस अच्छी आदत को अपना लेते हैं और कभी अपने हित के लिए दूसरों का अहित करने से पहले 100 बार सोचते हैं और गलत रास्ते पर जाने से बच जाते हैं.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

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