Kamada Ekadashi 2021: एकादशी को क्यों नहीं खाया जाता है चावल, जानें इसका धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
Kamada Ekadashi 2021: आज 23 अप्रैल को कामदा एकादशी है. हिंदू धर्म शास्त्रों में एकादशी व्रत को चावल का सेवन करना वर्जित माना गया है. आइये जानें इसका धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Kamada Ekadashi 2021: हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्त्व है. हर महीने में दो एकादशी होती है. एक एकादशी कृष्ण पक्ष में और दूसरी एकादशी शुक्ल पक्ष में. धार्मिक मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से हजारों वर्षों के तप के बराबर पुण्य मिलता है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहते हैं. यह एकादशी इस बार आज यानी 23 अप्रैल को मनाई जा रही है. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार एकादशी व्रत के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है. आइये जानें इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक कारण क्या है?
धार्मिक कारण: धार्मिक ग्रंथों में वर्णित पौराणिक कथा के मुताबिक़, महर्षि मेधा अपनी मां के क्रोध से बचने के लिए अपनी शरीर का त्याग कर दिया और उनका शरीर पृथ्वी में समां गया. जिस दिन महर्षि मेधा का शरीर पृथ्वी में समाया उस दिन एकादशी तिथि थी. ऐसा माना जाता है कि महर्षि मेधा चावल और जौ के रूप में पृथ्वी से उत्पन्न हुए. इसी लिए एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है.
एक पौराणिक कथा के अनुसार मां के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने शरीर त्याग दिया और उनका अंश पृथ्वी में समा गया. जिस दिन महर्षि मेधा का अंश पृथ्वी में समाया उस दिन एकादशी तिथि थी. ऐसा माना जाता है कि महर्षि वेधा चावल और जौ के रूप में उत्पन्न हुए. इसलिए एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित होता है.
वैज्ञानिक कारण: वैज्ञानिक तत्व के मुताबिक़, चावल में जल की मात्रा अधिक होती है. वहीँ जल पर चंद्रमा का प्रभाव अधिक पड़ता है. चावल खाने से व्यक्ति के अन्दर जल की मात्रा अधिक हो जायेगी. परिणाम स्वरूप उस पर चंद्रमा का प्रभाव अधिक असर करेगा. इससे व्यक्ति का मन विचलित और चंचल होने लगेगा. मन विचलित /चंचल होने से व्रत के नियमों के पालन में बाधा उत्पन्न होगी. इस लिए एकादशी व्रत में चावल का सेवन वर्जित किया गया है. कहा जाता है कि एकादशी के एक दिन पहले रात को और एक दिन बाद दोपहर के बाद तक चावल नहीं खाया जाना चाहिए.
कामदा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त
22 अप्रैल की रात 11 बजकर 35 मिनट से एकादशी तिथि आरंभ होगी. कामदा एकादशी की तिथि का समापन 23 अप्रैल की रात 09 बजकर 47 मिनट पर होगा.























