Griha Pravesh 2023 Muhurat: मार्च में गृहप्रवेश के लिए ये है शुभ दिन, यहां जानें मुहूर्त की पूरी लिस्ट
Grah Pravesh 2023: नया घर बनाया जाता है तो सबसे पहले इसमें ग्रह शांति और प्रवेश से पहले की पूजा जरुर करना चाहिए. जानते हैं पंचांग के अनुसार मार्च के महीने में गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त

Grah Pravesh 2023: हिंदूओं में शुभ काम से पहले मुहूर्त जरुर देखा जाता है फिर. विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश, सगाई, शादी आदि बिना मुहूर्त नहीं किए जाते. हिंदू धर्म में घर में बिना पूजा पाठ के प्रवेश करना वर्जित माना जाता है. नया घर बनाया जाता है तो सबसे पहले इसमें ग्रह शांति और प्रवेश से पहले की पूजा जरुर करना चाहिए . आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार मार्च के महीने में गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त और गृह प्रवेश के दौरान किन बातों का ध्यान रखें.
मार्च 2023 गृहप्रवेश मुहूर्त (Grah Pravesh 2023 March Muhurat)
01 मार्च 2023, बुधवार
गृह प्रवेश मुहूर्त - सुबह 06 बजकर 47 मिनट - सुबह 09 बजकर 52
08 मार्च 2023, बुधवार
गृह प्रवेश मुहूर्त - 8 मार्च 2023, सुबह 06 बजकर 39 मिनट - 09 मार्च 2023, प्रात: 04 बजकर 20,
09 मार्च 2023, गुरुवार
गृह प्रवेश मुहूर्त - 09 मार्च 2023, सुबह 05 बजकर 57 मिनट - 10 मार्च 2023, सुबह 06 बजकर 37
10 मार्च 2023, शुक्रवार
गृह प्रवेश मुहूर्त - सुबह 06 बजकर 37 मिनट - रात 09 बजकर 42
13 मार्च 2023, सोमवार
गृह प्रवेश मुहूर्त - 13 मार्च 2023, रात 09 बजकर 27 मिनट - 14 मार्च 2023, प्रात: 06 बजकर 33
16 मार्च 2023, गुरुवार
गृह प्रवेश मुहूर्त - 16 मार्च 2023, प्रात: 04 बजकर 47 मिनट - 17 मार्च 2023, प्रात: 06 बजकर 29
17 मार्च 2023, शुक्रवार
गृह प्रवेश मुहूर्त - 17 मार्च 2023, प्रात: 06 बजकर 29 मिनट - 18 मार्च 2023, सुबह 02 बजकर 46 मिनट तक.
गृहप्रवेश के नियम (Grah Pravesh Niyam)
- शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में ही गृहप्रवेश की पूजा का प्रारंभ और अंत होना चाहिए.
- गृह प्रवेश के दिन घर के मुख्य द्वार पर वंदनवार लगाएं. इसमें अशोक के पत्ते जरुर लगाएं, ये घर को बुरी शक्तियों से बचाते हैं. मेनगेट पर रंगोली बनाएं.
- घर के ईशान कोण में पूजा करें. पूजा की चौकी पर अनाज से नवग्रह बनाएं.
- सबसे पहले गणपति की पूजा करें और फिर नवग्रह, दसो दिगपाल, रक्षपाल, ग्राम देवता, स्थान देवता आदि को विधिवत स्थान देकर पति-पत्नी साथमिलकर पूजन करें.
- मुख्य द्वार पर दोनों ओर जल भरे कलश पर दीपक जलाकर रखना चाहिए.
- सुहागिनों के साथ कन्या और गाय की पूजा करके, सबसे पहले दायां पैर घर में रखें.
- मुख्य द्वार पर स्वास्तिक लगाएं, इसके बाद सबसे पहले रसोईघर की पूजा करें.
- इस दिन रसोईघर में सर्वप्रथम दूध उबालना या दूध से जुड़ा पकवान बनाया जाना शुभ माना जाता है. इसीलिए चूल्हे पर खीर बनाई जाती है.
- अब सत्यनारायण व्रत कथा जरूर सुनें. फिर ब्राह्मण भोजन कराएं.
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