एक्सप्लोरर

Godhovan Mela 2025: भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से गूंजा मशरक, श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा गोड़धोआवन मेला! जानें क्या है खास?

Godhovan Mela 2025: सारण जिले के मशरक प्रखंड के बड़वाघाट पर मेले की शुरुआत शुक्रवार को परंपरागत विधि-विधान से हुई. श्रद्धालुओं नें अपने परिवार के साथ घाट पर भगवान श्रीराम को याद करते हुए दीपदान किया.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • सारण में ऐतिहासिक गोड़धोआवन मेला हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।
  • श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के नाम पर की पूजा-अर्चना।
  • मेले में स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए सजी थीं सैकड़ों दुकानें।
  • प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए किए थे विशेष इंतजाम।

Godhovan Mela 2025: सारण जिले के मशरक प्रखंड के बड़वाघाट पर शुक्रवार को यह ऐतिहासिक गोड़धोआवन मेला पूरे हर्षोल्लास से साथ संपन्न हो गया है. यह वहीं पवित्र स्थान है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान पांव धोए थे.

इसी वजह से हर साल यहां श्रद्धालुओं का भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है.

श्रद्धालुओं ने की पूरे विधि-विधान से पूजा 

मेले की शुरुआत शुक्रवार को परंपरागत विधि-विधान से हुई. श्रद्धालुओं ने सबसे पहले हनुमान जी, लक्ष्मण जी और भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती की पूजा अर्चना कर स्नान किया. इसके बाद भक्तों ने अपने परिवार के साथ घाट पर भगवान श्रीराम और माता सीता को याद करते हुए दीपदान किया.

मेले के पहले ही दिन हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा इलाका “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा.

सैकड़ों दुकानों से सजा मेला 

गोड़धोआवन मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी बड़ा केंद्र बन गया है. मेले में मिठाई, खिलौने, सजावटी सामान और घरेलू वस्तुओं की सैकड़ों दुकानें सजी हुई थी. महिलाएं व बच्चों ने उत्साह से खरीदारी करी, वहीं स्थानीय ग्रामीण इस अवसर को एक उत्सव की तरह मना रहे थे.

प्रशासन ने किया भीड़ को नियंश्रित 

स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतज़ाम किए थे. थाना प्रभारी और पुलिस बल लगातार निगरानी कर रहे थे, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न हो. प्रशासन की चौकीदार के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते ट्रैफिक व्यवस्था को स्थिति संभालना चुनौती भरा साबित हो रहा था.

भगवान श्रीराम से जुड़ी है पौराणिक मान्यता

रामायण कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम जब जनकपुर से अयोध्या की यात्रा पर जा रहे थे, तब उन्होंने इसी स्थान पर अपने पांव धोए थे. तभी से यह जगह ‘गोड़धोआवन’ नाम से प्रसिद्ध हुई. श्रद्धालु मानते हैं कि यहां स्नान करने और पूजा करने से जीवन के पाप धुल जाते हैं और मन को शांति मिलती है.

मशरक का गोड़धोआवन मेला न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. जहां आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति एक साथ झलकती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

गौरव अग्निहोत्री ज्योतिष और धर्म से जुड़े विषयों में गहरी रुचि रखते हैं. वे abplive.com से जुड़े हैं और विभिन्न धार्मिक व ज्योतिषीय विषयों पर 1 साल से लेखन कर रहे हैं. गौरव का जन्म दिल्ली में हुआ है. इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है. इन्हें अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और स्वप्न शास्त्र में विशेष दिलचस्पी है. धर्म के अलावा गौरव को क्रिकेट और फिल्में देखना भी पसंद है.

Read More

Frequently Asked Questions

गोड़धोआवन मेला कहाँ और कब संपन्न हुआ?

गोड़धोआवन मेला सारण जिले के मशरक प्रखंड के बड़वाघाट पर शुक्रवार को पूरे हर्षोल्लास से साथ संपन्न हुआ।

गोड़धोआवन मेला किस पौराणिक मान्यता से जुड़ा है?

इस पवित्र स्थान पर भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान पांव धोए थे, इसलिए श्रद्धालु मानते हैं कि यहां स्नान करने से पाप धुल जाते हैं।

मेले में श्रद्धालुओं ने क्या-क्या पूजा-अर्चना की?

श्रद्धालुओं ने हनुमान जी, लक्ष्मण जी, भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती की पूजा अर्चना कर स्नान किया और फिर भगवान श्रीराम व माता सीता को याद करते हुए दीपदान किया।

गोड़धोआवन मेला सिर्फ धार्मिक है या आर्थिक महत्व भी रखता है?

यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी बड़ा केंद्र है, जहां सैकड़ों दुकानें सजी हुई थी और स्थानीय ग्रामीण इसे उत्सव की तरह मनाते हैं।

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Bakra Eid Kab Hai 2026: 27 या 28 मई कब होगी बकरीद, ईद-उल-अजहा की तारीख पर मौलाना ने क्या कहा
Bakrid 2026 Date: 27 या 28 मई कब होगी बकरीद, ईद-उल-अजहा की तारीख पर मौलाना ने क्या कहा
Bakra Eid 2026: यौम-ए-अरफा आज या कल कब रहेगा, बकरीद से पहले क्यों खास है अरफा और अराफात
यौम-ए-अरफा आज या कल कब रहेगा, बकरीद से पहले क्यों खास है अरफा और अराफात
Nautapa 2026: नौतपा भीषड़ गर्मी पड़ना क्यों जरुरी है, ऐसा नहीं हुआ तो क्या होता है जान लें
नौतपा भीषड़ गर्मी पड़ना क्यों जरुरी है, ऐसा नहीं हुआ तो क्या होता है जान लें
Mrityu Panchak: साल 2026 में कब-कब मंडराएगा पंचक का साया? गरुड़ पुराण के इन कड़े नियमों को जानना है बेहद जरूरी
पंचक में मृत्यु होना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें गरुड़ पुराण के नियम और दोष निवारण के 4 उपाय

वीडियोज

Bakra Eid 2026: ठाणे सोसायटी में कुर्बानी को लेकर बवाल | Mumbai News | Thane |
Iran US Israel War Begin?: Trump बनाया ईरान को निशाना |Trump | Netanyahu
Iran US Israel War Begin?: Iran-US Deal पर सस्पेंस! ट्रंप के बयान से तेज हुई चर्चा | Trump |
Breaking | US Iran Ceasefire Update: Donald Trump को बड़ा झटका! | Hormuz Strait
Bihar News: मलमास मेले में बड़ा हादसा, झूले से गिरा युवक गंभीर | Crime | MalmashMela | Mela Accident

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
DU के छात्रों को बड़ी राहत, 28 मई के एग्जाम पर विरोध के बाद HC में बोला दिल्ली विश्वविद्यालय- आप बकरीद मनाएं, अब परीक्षा...
DU के छात्रों को बड़ी राहत, 28 मई के एग्जाम पर विरोध के बाद HC में बोला दिल्ली विश्वविद्यालय- आप बकरीद मनाएं, अब परीक्षा...
एमपी के पन्ना में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 लोगों की मौत, 2 घंटे तक चला रेस्क्यू
एमपी के पन्ना में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 लोगों की मौत, 2 घंटे तक चला रेस्क्यू
पद्म श्री अवॉर्ड लेने राष्ट्रपति भवन क्यों नहीं आए रोहित शर्मा? असली वजह का हुआ खुलासा
पद्म श्री अवॉर्ड लेने राष्ट्रपति भवन क्यों नहीं आए रोहित शर्मा? असली वजह का हुआ खुलासा
धर्मेंद्र के लिए 'पद्म विभूषण' सम्मान लेते हुए इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- ऐसा लगा धरम जी ने मेरा हाथ पकड़ा है
धर्मेंद्र के लिए 'पद्म विभूषण' सम्मान लेते हुए इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- ऐसा लगा धरम जी ने मेरा हाथ पकड़ा है
Explained: RBI ने सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपए सौंपे! कैसे केंद्रीय बैंक बना 'खामोश फाइनेंसर', आपकी जेब में कितना आएगा?
RBI ने सरकार को 2.87 लाख करोड़ दिए! कैसे केंद्रीय बैंक बना 'खामोश फाइनेंसर', आपको क्या मिलेगा?
Opium Farming : कैसे मिलती है अफीम के खेत की अलॉटमेंट, जानिए किन कागजों की पड़ती है जरूरत, पैसों में खेलता है किसान
कैसे मिलती है अफीम के खेत की अलॉटमेंट, जानिए किन कागजों की पड़ती है जरूरत, पैसों में खेलता है किसान
Gardening Tips In Summer: भीषण गर्मी में कुछ दिन के लिए जा रहे घर से दूर, वापस आने तक इस तरीके से हरा-भरा रहेगा गार्डन
भीषण गर्मी में कुछ दिन के लिए जा रहे घर से दूर, वापस आने तक इस तरीके से हरा-भरा रहेगा गार्डन
SSC GD परीक्षा में बड़ा बवाल, हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत पर लगा ब्रेक; अब इस दिन फिर होगी परीक्षा
SSC GD परीक्षा में बड़ा बवाल, हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत पर लगा ब्रेक; अब इस दिन फिर होगी परीक्षा
Embed widget