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Flower Moon 2026: मई की पूर्णिमा को क्यों कहते हैं फ्लावर मून, जानें आज कब और कैसे देखें माइक्रो मून

Flower Moon May 2026: खगोलविद के अनुसार, आज 1 मई को पूर्णिमा पर फ्लावर मून का अद्भुत नजारा आसमान में देखा जाएगा. बता दें कि, मई की पूर्णिमा के चांद को फ्लावर मून या माइक्रो मून भी कहा जाता है.

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  • मई माह में दो पूर्णिमा, 1 मई को फ्लावर मून दिखेगा।
  • बुद्ध पूर्णिमा पर वैशाख की पूर्णिमा, फूलों का प्रतीक।
  • नेटिव अमेरिकन्स ने प्रकृति के फूलों से नाम रखा।
  • 401,999.9 किलोमीटर दूर से यह छोटा व कम चमकीला दिखेगा।

Flower Moon May 2026: मई महीने की शुरुआत आज से हो चुकी है. इस महीने कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार पड़ेंगे, जिससे इसका धार्मिक महत्व काफी बढ़ जाएगा. इसी के साथ मई में दुर्लभ खगोलीय घटनाएं भी होंगी. इसलिए मई का महीना खगोल प्रेमियों के लिए भी खास रहने वाला है. क्योंकि मई महीने में दो पूर्णिमा पड़ेगी और दो अद्भुत चांद के दर्शन होंगे.

पूर्णिमा का दिन शुभ होने के साथ ही बेहद सुंदर भी होता है. इस दिन पूर्ण चंद्रमा की किरणे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिसका नजारा अद्भुत और दुर्लभ होता है. खगोलशास्त्रियों के अनुसार, मई महीने में दो पूर्णिमा (1 मई और 31 मई) होने के कारण इस महीने दो पूर्ण चंद्रमा देखा जा सकेगा. आज 1 मई को वैशाख महीने की पूर्णिमा पर मई का पहला पूर्ण चंद्रमा दिखेगा, जिसे फ्लावर मून या माइक्रो मून कहा जाता है. वहीं 31 मई को दूसरी पूर्णिमा पर ब्लू मून भी दिखेगा.

1 मई को दिखेगा फ्लावर मून (Astronomical Phenomenon on Purnima)

1 मई को आज वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि है, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है. मई की पूर्णिमा को फ्लावर पूर्णिमा यानी फूलों वाली पूर्मिमा कहा जाता है. यह वसंत ऋतु में फूलों के खिलने का प्रतीक होता है, जोकि समय की सकारात्मकता और विकास का प्रतीक है. साथ ही यह नई शुरुआत का संकेत भी माना जाता है.

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मई की पूर्णिमा को क्यों कहते हैं फ्लावर मून (Flower Moon Name Meaning)

खगोलशास्त्रियों द्वारा सालभर में पड़ने वाली सभी पूर्णिमा को अलग-अलग नाम दिए गए हैं. इसी प्रकार मई की पूर्णिमा को फ्लावर मून या माइक्रो मून कहा जाता है. फ्लावर मून का मतलब यह नहीं होता कि, इस पूर्णिमा पर चांद फूलों की तरह दिखाई देगा, बल्कि इस नाम के पीछे का कारण कुछ और है. मई साल का 5वां महीना होता है. इस समय प्रकृति में भरपूर फूल खिलते हैं. इसी कारण अमेरिका के मूल निवासियों (नेटिव अमेरिकन्स) ने मई की पूर्णिमा को फ्लावर (Flower Moon) नाम दिया.

इसी के साथ फ्लावर मून को Budding Moon, Planting Moon और Leaf Budding Moon जैसे नामों से भी जाना जाता है. यह वसंत ऋतु में पौधों और पत्तियों के उगने और बीज बोने को दर्शाता है. उत्तरी गोलार्ध के कई हिस्सों में मई का महीना फूलों के खिलने का समय होता है. इन्हीं कारणों से प्राचीन सभ्यताओं ने मई की पूर्णिमा को फ्लावर मून नाम दिया गया. नाम की तरह ही मई महीने की पूर्णिमा का चांद भी विकास, नवीनीकरण और नई शुरुआत का प्रतीक होता है.

फ्लावर मून देखने का समय (Flower Moon Time in India)

1 मई 2026 को फ्लावर मून चंद्रोदय के बाद अच्छे से देखा जा सकेगा. भारत में इसका चरम समय रात्रि 10:53 बजे होगा. लेकिन पूर्णिमा का समय अलग-अलग समय क्षेत्र के अनुसार अलग रह सकता है.

कैसे देंखे फ्लावर मून (How To see Flower Moon)

आज का चांद सुपर मून के मुकाबले 15 प्रतिशत तक छोटा नजर आता है. 1 मई को पूर्णिमा पर चंद्रमा पृथ्वी से अपने सबसे दूर के बिंदु (अपोजी) पर होगी, जिससे यह छोटा और कम चमकीला दिखाई देगा. खगोलविद की मानें तो, 1 मई 2026 का फ्लॉवर मून/माइक्रोमून पृथ्वी से लगभग 401,999.9 किलोमीटर (249,791.7 मील) की दूरी पर होगा. हालांकि आप फ्लावर मून को आसानी से देख सकते हैं. फ्लावर मून को देखने के लिए सूरज ढलने के बाद बाहर निकलें और पूर्व दिशा में चांद को देखें. कम जगह की रोशनी का चुनाव करें, इससे चांद बेहतर नजर आएगा.

ये भी पढ़ें: Purnima 2026 May: मई में 2 पूर्णिमा का संयोग, पहले दिन माइक्रो मून और आखिरी दिन ब्लू मून का दुर्लभ नजारा

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
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Frequently Asked Questions

मई 2026 में कितनी पूर्णिमा होंगी?

मई 2026 में दो पूर्णिमा होंगी, पहली 1 मई को और दूसरी 31 मई को।

1 मई को दिखने वाले चांद को क्या कहते हैं?

1 मई को वैशाख पूर्णिमा पर दिखने वाले चांद को फ्लावर मून या माइक्रो मून कहा जाता है।

फ्लावर मून नाम क्यों पड़ा?

वसंत ऋतु में फूलों के खिलने के कारण मूल अमेरिकियों ने मई की पूर्णिमा को फ्लावर मून नाम दिया।

फ्लावर मून कब और कैसे देखें?

1 मई को चंद्रोदय के बाद पूर्व दिशा में देखें। कम रोशनी वाली जगह पर यह बेहतर दिखेगा।

फ्लावर मून सुपर मून से कैसे अलग है?

फ्लावर मून सुपर मून की तुलना में लगभग 15% छोटा और कम चमकीला दिखाई देता है।

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