एक्सप्लोरर

Devshayani Ekadashi Vrat Katha: देवशयनी एकादशी व्रत की पूजा में पढ़ें राजा मंधाता की कथा, कैसे पाई अकाल से मुक्ति

Devshayani Ekadashi 2026: आज देवशयनी एकादशी है. ये व्रत के प्रताप से देश में कभी अकाल नहीं पड़ता. सुख की कमी नहीं होती. देखें देवशयनी एकादशी की व्रत कथा.

Devshayani Ekadashi 2026: आज देवशयनी एकादशी है. ये व्रत मोक्ष प्राप्ति की कामना करने वालों को रखने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि जो ये कठिन व्रत पूरी निष्ठा के साथ करता थाहै. वह जाने-अनजाने पापों से मुक्ति पाता है .यहां देखें देवशयनी एकादशी व्रत की संपूर्ण कथा.

देवशयनी एकादशी व्रत कथा

ब्रह्माजी ने देवर्षि नारद को देवशयनी एकादशी की कथा का महाम्त्य बताते हुए कहा कि मान्धाता नाम का एक सूर्यवंशी राजा था. वह सत्यवादी, महान तपस्वी तथा चक्रवर्ती था. वह अपनी प्रजा का पालन सन्तान के समान करता था. उसकी सारी प्रजा धन-धान्य से परिपूर्ण थी. सुखपूर्वक जीवन-यापन कर रही थी. उसके राज्य में कभी अकाल नहीं पड़ता था. कभी किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा नहीं आती थी लेकिन न जाने उससे देव क्यों रूष्ट हो गये.

एक बार अनजाने में राजा से क्या भूल हो गयी कि एक समय उसके राज्य में भयङ्कर अकाल पड़ गया तथा प्रजा अन्न के अभाव के कारण अत्यन्त दुखी रहने लगी. प्रजा राजा से बोली अकाल से लोग मर रहे हैं.आप कोई ऐसा जतन कीजिये, जिससे हम लोगों का कष्ट दूर हो सके. यदि शीघ्र ही अकाल से मुक्ति न मिली तो विवश होकर प्रजा को किसी अन्य राज्य में शरण लेनी पड़ेगी."

प्रजाजनों की बात सुन राजा ने कहा आप लोगों के कष्ट को दूर करने के लिये मैं अनेक उपाय कर रहा हूं, राजा कुछ दिन बाद एक वन में ऋषि-मुनियों के आश्रमों में घूमते-घूमते अन्त में ब्रह्माजी के मानस पुत्र अंगिरा ऋषि के आश्रम पर पहुंच गया. राजा ने बताया कि मेरे राज्य में तीन वर्ष से वर्षा नहीं हो रही है. इससे अकाल पड़ गया है तथा प्रजा कष्ट भोग रही है.

राजा के पापों के प्रभाव से ही प्रजा को कष्ट मिलता है, ऐसा शास्त्रों में लिखा है. मैं धर्मानुसार राज्य करता हूँ, फिर अकाल कैसे पड़ गया, यह मुझे अभी तक ज्ञात नहीं हुआ है. मेरी इस समस्या का निवारण कर मेरी प्रजा के कष्ट को दूर करने के लिये कोई उपाय बतलाए.

ऋषि ने कहा इस सतयुग में धर्म के चारों चरण सम्मिलित हैं. यह युग सभी युगों में उत्तम है. इस युग में केवल ब्राह्मणों को ही तप करने तथा वेद पढ़ने का अधिकार है, किन्तु आपके राज्य में एक शूद्र तप कर रहा है. इसी दोष के कारण आपके राज्य में वर्षा नहीं हो रही है. यदि आप प्रजा का कल्याण चाहते हैं तो शीघ्र ही उस शूद्र का वध करवा दें. जब तक आप यह कार्य नहीं कर लेते, तब तक आपका राज्य अकाल की पीड़ा से कभी मुक्त नहीं हो सकता.

राजा ने कहा कि मैं निरपराध तप करने वाले शूद्र को नहीं मार सकता. किसी निर्दोष मनुष्य की हत्या करना मेरे नियमों के विरुद्ध है. फिर ऋषि ने दूसरा उपाय बताया और कहा कि आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी नाम की एकादशी का विधानपूर्वक व्रत करें. इस व्रत के प्रभाव से आपके राज्य में वर्षा होगी तथा प्रजा भी पूर्व की भाँति सुखी हो जायेगी, क्योंकि इस एकादशी का व्रत सिद्धियों को देने वाला तथा कष्टों से मुक्त करने वाला है. ऋषि के इन वचनों को सुनकर राजा अपने नगर लौट आया और विधानपूर्वक देवशयनी एकादशी का व्रत किया. इस व्रत के प्रभाव से राज्य में उत्तम वर्षा हुयी एवं प्रजा को अकाल से मुक्ति मिल गई.

(FAQ)

1. देवशयनी एकादशी व्रत कथा में किस राजा का उल्लेख मिलता है?
उत्तर: देवशयनी एकादशी की कथा में सूर्यवंशी चक्रवर्ती राजा मान्धाता का उल्लेख मिलता है, जिनके राज्य में तीन वर्ष तक भयंकर अकाल पड़ा था.

2. राजा मान्धाता के राज्य में अकाल दूर होने का उपाय क्या बताया गया था?
उत्तर: अंगिरा ऋषि ने राजा मान्धाता को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करने की सलाह दी. इस व्रत के प्रभाव से वर्षा हुई और राज्य अकाल से मुक्त हो गया.

3. देवशयनी एकादशी का व्रत करने से क्या फल मिलता है?
उत्तर: धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत से जाने-अनजाने पापों का नाश होता है, मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है तथा जीवन के कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं.

4. देवशयनी एकादशी की कथा से क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: यह कथा सिखाती है कि धर्म, करुणा और श्रद्धा के साथ किए गए व्रत एवं भगवान विष्णु की भक्ति से बड़े से बड़े संकट भी दूर हो सकते हैं और समाज में सुख-समृद्धि लौट सकती है.

Devshayani Ekadashi 2026: देव सोने के बाद क्या बदल जाते हैं श्रीकृष्ण की पूजा के नियम ? शास्त्रों क्या कहते हैं

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में 9 दिन लगाएं मां दुर्गा को ये 9 खास भोग, हर मनोकामना होगी पूरी; जानें तिथियां व महत्व
Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में 9 दिन लगाएं मां दुर्गा को ये 9 खास भोग, हर मनोकामना होगी पूरी; जानें तिथियां व महत्व
आज का मीन राशिफल 12 अक्टूबर 2026: 8वें चंद्रमा से घरेलू मामलों में समस्या, फाइनेंस पेपर्स में न बरतें लापरवाही, कॉम्पिटिटिव छात्रों को मीठा फल
आज का मीन राशिफल 12 अक्टूबर 2026: 8वें चंद्रमा से घरेलू मामलों में समस्या, फाइनेंस पेपर्स में न बरतें लापरवाही, कॉम्पिटिटिव छात्रों को मीठा फल
आज का कुंभ राशिफल 12 अक्टूबर 2026: 9वें चंद्रमा से सामाजिक पहचान में उछाल, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में नए अनुबंध, एथलीट्स जीतेंगे मेडल
आज का कुंभ राशिफल 12 अक्टूबर 2026: 9वें चंद्रमा से सामाजिक पहचान में उछाल, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में नए अनुबंध, एथलीट्स जीतेंगे मेडल
आज का मकर राशिफल 12 अक्टूबर 2026: 10वें चंद्रमा से पिता से अनबन की आशंका, टैक्स कार्यों को न छोड़ें अधूरा, स्पोर्ट्स पर्सन को बड़ी लीग का ऑफर
आज का मकर राशिफल 12 अक्टूबर 2026: 10वें चंद्रमा से पिता से अनबन की आशंका, टैक्स कार्यों को न छोड़ें अधूरा, स्पोर्ट्स पर्सन को बड़ी लीग का ऑफर
Advertisement

वीडियोज

कैमरे पर हुस्न की खतरनाक 'जादूगर'!
दिल्ली पुलिस अलर्ट, 'कॉकरोचों' की धरपकड़
प्रदर्शन पर अंकुश...जरूरी या पुलिस निरंकुश?
SC ने क्यों दिखाई सख्ती?
सड़क पर तकरार...खामोश ज्ञानेश कुमार!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'सिंहासन खाली करो...', इंडिया गठबंधन के प्रोटेस्ट से पहले शशि थरूर का पोस्ट
'सिंहासन खाली करो...', इंडिया गठबंधन के प्रोटेस्ट से पहले शशि थरूर का पोस्ट
दिल्ली प्रोटेस्ट: अरविंद केजरीवाल के खिलाफ FIR, बंगला साहिब गुरुद्वारा कमेटी ने की शिकायत
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ FIR, बंगला साहिब गुरुद्वारा कमेटी ने की शिकायत
हूती मिसाइल हमले से दहला रियाद एयरपोर्ट, सामने आया अटैक का वीडियो
हूती मिसाइल हमले से दहला रियाद एयरपोर्ट, सामने आया अटैक का वीडियो
पाकिस्तान ने श्रीलंका को रुलाया, 21 साल के प्लेयर ने ठोके 96 रन, काटा बवाल
पाकिस्तान ने श्रीलंका को रुलाया, 21 साल के प्लेयर ने ठोके 96 रन, काटा बवाल
'प्यारे पा- दादाजी...' ऐश्वर्या राय ने खास अंदाज में ससुर अमिताभ बच्चन को बर्थडे किया विश, आराध्या संग शेयर की अनसीन तस्वीर
'प्यारे पा- दादाजी...' ऐश्वर्या राय ने खास अंदाज में ससुर अमिताभ बच्चन को बर्थडे किया विश
INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से पहले CM योगी बोले- 'जो कुछ भी बचा है...'
INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से पहले CM योगी बोले- 'जो कुछ भी बचा है...'
CJI सूर्यकांत ने राहुल-खरगे से मिलने से क्यों किया इनकार? सामने आए ये चार बड़े कारण
CJI सूर्यकांत ने राहुल-खरगे से मिलने से क्यों किया इनकार? सामने आए ये चार बड़े कारण
ढीले कपड़ों में भी ढहाया कहर! लड़की के डांस से इंटरनेट पर भूचाल
ढीले कपड़ों में भी ढहाया कहर! लड़की के डांस से इंटरनेट पर भूचाल
Embed widget