एक्सप्लोरर

Asha Bhosle Funeral: आशा भोसले के अंतिम संस्कार की रीति-रिवाज, जानें मराठी ब्राह्मण परंपरा में अंत्येष्टि की प्रक्रिया?

Asha Bhosle Funeral: मशहूर संगीतकार आशा भोसले का निधन हो गया है. अब उनकी मौत के बाद लोगों के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि, आखिर उनका अंतिम संस्कार किस रीति-रिवाज के अनुसार किया जाएगा?

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • पुत्र या करीबी रिश्तेदार मुखाग्नि देते हैं, फिर अस्थि विसर्जन होता है।

Asha Bhosle Funeral Rituals: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज प्लेबैक सिंगर आशा भोसले का नाम उन चुनिंदा कलाकारों में शुमार है, जिन्होंने अपनी आवाज की जादू से अलग-अलग पीढ़ियों को प्रभावित किया है. उनके निधन के बाद से ही देशभर में शोक की लहर दौर गई है. वहीं उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी हिंदू धर्म और खासतौर से मराठी ब्राह्मण परंपराओं के अनुसार संपन्न की जाएगी.

सिंगर को शनिवार 11 अप्रैल की रात अचानक से तबीयत बिगड़ जाने के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. भर्ती होने के बाद अस्पताल की ओर से पहले स्टेटमेंट में हार्ट अटैक की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में पोती ने जनाई ने स्टेटमेंट जारी कर इंफेक्शन की बात कही थी.

अब उनकी मौत के बाद लोगों के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि, आखिर उनका अंतिम संस्कार किस रीति-रिवाज के अनुसार किया जाएगा?

अंतिम संस्कार का पहला चरण

हिंदू रीति रिवाजों के मुताबिक, मरने के बाद सबसे पहले पार्थिव शरीर को स्नान कराया जाता है. इसे अंत्येष्टि की शुद्धि प्रक्रिया कहा जाता है. मराठी ब्राह्मण परंपराओं में शरीर को साफ कपड़ों में लपेटा जाता है, जहां पुरुषों को धोती और महिलाओं को साड़ी पहनाई जाती है. माथे पर चंदन या कुमकुम का तिलक लगाने के साथ तुलसी के पत्ते और गंगाजल का इस्तेमाल किया जाता है. 

धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु जैसे मराठी ब्राह्मण ग्रंथों में अंत्येष्टि की विधि, मंत्र और समय का सटीक उल्लेख देखने को मिलता है, जिनका आज भी महाराष्ट्र में पालन किया जाता है.

शरीर की शुद्ध और अंतिम तैयारी

शास्त्रों के मुताबिक, मौत के बाद शरीर को स्नान कराया जाता है. गरुड़ पुराण में गंगाजल और तुलसी के इस्तेमाल को पवित्र माना गया है. मराठी ब्राह्मण परंपराओं में शरीर को सफेद वस्त्र पहनाए जाते हैं और माथे पर चंदन लगाया जाता है.

अर्थी और अंतिम यात्रा से जुड़ी परंपरा

अर्थी को दक्षिण दिशा की ओर ले जाया जाता है, क्योंकि शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यम का मार्ग बताया गया है. इस दौरान राम नाम सत्य है जैसे मंत्र बोले जाते हैं. ऋग्वेद में भी मृत्यु के समय आत्मा की शांति के लिए मंत्रोच्चार का उल्लेख मिलता है. 

मुखाग्नि और दाह संस्कार का महत्व

हिंदू धर्म में दाह संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. याज्ञवल्कय स्मृति में बताया गया है कि, पुत्र या निकट सगे-संबंधी द्वारा मुखाग्नि देने से आत्मा को शांति मिलती है. मराठी ब्राह्मण समाज में यह प्रक्रिया वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न की जाती है. 

अस्थि विसर्जन की परंपरा

मराठी ब्राह्मण परिवारों में दाह संस्कार के बाद अस्थियों को एकत्र कर पवित्र नदी में विसर्जित किया जाता है. गरुड़ पुराण के मुताबिक, यह प्रक्रिया आत्मा की मोक्ष यात्रा को सरल बनाने का काम करती है. 

श्राद्ध और पिंडदान की परंपरा

मृत्यु के बाद 10वें या 13वें दिन श्राद्ध कर्म किया जाता है. मनुस्मृति में पिंडदान और ब्राह्मण भोज को आत्मा की तृप्ति के लिए जरूरी बताया गया है. मराठी ब्राह्मण परंपराओं में यह विधि अत्यंत विधिवत और नियमों के साथ निभाई जाती है.

Asha Bhosle: आशा भोसले के 10 भजन जो आज भी कानों में रस घोल देते हैं, सुनते ही मन हो जाता है शांत

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

Read More

Frequently Asked Questions

दाह संस्कार का क्या महत्व है?

हिंदू धर्म में दाह संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। पुत्र या निकट संबंधी द्वारा मुखाग्नि देने से आत्मा को शांति मिलती है।

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

दिवाली पर कुत्तों को पहनाते हैं माला, कौओं को खिलाते हैं खाना... आखिर क्यों?
दिवाली पर कौए को भोजन और कुत्ते को माला क्यों? जानिए नेपाल की अनोखी परंपरा
Aaj Ka Panchang 3 November 2026: मंगलवार को भद्रा कब से? नवमी, राहुकाल और शुभ समय जानें
आज का पंचांग 3 नवंबर 2026: नवमी सुबह 11:54 तक, राहुकाल दोपहर 2:50 से
Dhanteras Gold Coin: 24 कैरेट या 22 कैरेट, पूजा के लिए कौन सा सिक्का खरीदें?
Dhanteras 2026: सोने के सिक्के पर 999 या 916 का क्या मतलब? खरीदने से पहले समझ लें
Govardhan Puja 2026:अन्नकूट उत्सव क्या है और इसमें 56 प्रकार के पकवान क्यों बनाए जाते हैं?
अन्नकूट उत्सव क्या है और इसमें 56 प्रकार के पकवान क्यों बनाए जाते हैं?

वीडियोज

Bhopal Crime News: भोपाल के छोला इलाके में खूनी कांड!
Delhi Pollution & Weather Update: फिर वही कहानी, दमघोंटू बनी राजधानी! | Delhi NCR | AQI Today
Dhirendra Shashtri: बागेश्वर का ज्ञान कितना टेढ़ा? | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: यूपी में एक्टिव बीजेपी का 'OPERATION बिहार' | Yogi Vs Akhilesh | UP
UP Election 2027 BJP Plan: SIR पर नई चिंगारी अब यूपी की बारी! | CM Yogi | Amit Shah | Akhilesh Yadav

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
आंध्र प्रदेश के निकाय चुनाव में चंद्रबाबू नायडू का जादू, YSR कांग्रेस का क्या है हाल?
आंध्र प्रदेश के निकाय चुनाव में चंद्रबाबू नायडू का जादू, YSR कांग्रेस का क्या है हाल?
UGC विवाद और गहराया! केशव मौर्य के कार्यक्रम में थप्पड़ कांड पर विनय कुमार मिश्रा का बड़ा दावा
UGC विवाद और गहराया! केशव मौर्य के कार्यक्रम में थप्पड़ कांड पर विनय कुमार मिश्रा का बड़ा दावा
ईरान में परमाणु हमले का खौफ, टीवी चैनलों पर दिए जा रहे बचाव के निर्देश
ईरान में परमाणु हमले का खौफ, टीवी चैनलों पर दिए जा रहे बचाव के निर्देश
NZ कप्तान मिचेल सैंटनर ने खुलेआम बताया अपना गेम प्लान, जानें ODI सीरीज पर क्या बोले?
NZ कप्तान मिचेल सैंटनर ने खुलेआम बताया अपना गेम प्लान, जानें ODI सीरीज पर क्या बोले?
'सैलरी बढ़ाने के लिए बोला तो हिट शो से निकाला', 'देवों के देव महादेव' फेम सोनारिका भदोरिया का छलका दर्द
'सैलरी बढ़ाने के लिए बोला तो हिट शो से निकाला', सोनारिका भदोरिया का छलका दर्द
'प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक जगह पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं हो सकता', SC की अहम टिप्पणी
'प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक जगह पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं हो सकता', SC की अहम टिप्पणी
IND vs NZ ODI Head to Head: भारत या न्यूजीलैंड, वनडे में किसका पलड़ा भारी? जानें रिकॉर्ड 
भारत या न्यूजीलैंड, वनडे में किसका पलड़ा भारी? जानें रिकॉर्ड 
SSC Exam Dates 2026: SSC ने जारी किया नवंबर परीक्षाओं का शेड्यूल, इन तारीखों पर होंगे एग्जाम 
SSC ने जारी किया नवंबर परीक्षाओं का शेड्यूल, इन तारीखों पर होंगे एग्जाम 
Embed widget