ब्रह्म मुहूर्त, शनिवार की रात सोने से पहले, और रविवार की सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है।
हनुमान चालीसा पाठ का सही समय: जानें 3 शक्तिशाली मुहूर्त, बाधाएं होंगी दूर, मिलेगी सफलता!
Hanuman Chalisa: मंगलवार का दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए उपयुक्त माना जाता है. हालांकि धार्मिक विषयों के जानकारों के मुताबिक इस अनुष्ठान को करने के लिए अन्य तीन विशेष मुहूर्त भी हैं.

Hanuman Chalisa: सदियों से ही भगवान हनुमान के भक्त डर, कमजोरी और संघर्ष के पलों में हनुमान चालीसा का पाठ करते आए हैं. लेकिन नियमित रूप से इसका पाठ करने के अलावा शास्त्र और ज्योतिष इस बात की ओर भी संकेत करते आए हैं कि, श्लोकों का पाठ करने का समय काफी महत्वपूर्ण है, जितना कि पाठ करने का तरीका.
माना जाता है कि, कुछ खास समय पर हनुमान चालीसा पाठ करने से इसकी सुरक्षात्मक और उपचारात्मक शक्ति बढ़ जाती है. आज के इस लेख में हम आपको तीन पवित्र समय के बारे में बताएंगे जब हनुमान चालीसा का पाठ करने से बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सफलता मिलती है.
ब्रह्म मुहूर्त दिव्यता से भरा समय
सूर्योदय से करीब डेढ़ घंटे पहले के समय को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं. यह समय ईश्वर का समय कहलाता है. प्राचीन ऋषियों के मुताबिक, इस समय में शुद्ध आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, जो सांसारिक अशुद्धियों से मुक्त होती है.
ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है. ऐसा करने से एकाग्रता बढ़ने के साथ मन शांत होता है. भोर की शांति में हनुमान चालीसा के प्रत्येक श्लोक अधिक शक्तिशाली होने के साथ ध्यानमग्न होते हैं.
शनिवार को इस समय करें हनुमान चालीसा का पाठ
ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है, जो कर्म और न्याय के देवता हैं. माना जाता है कि, शनिवार की रात सोने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करने से भक्तों को शनि की कठोर नजर से सुरक्षा मिलती है. शनि साढ़ेसाती या शनि ढैय्या के दौरान इस अभ्यास को करने से महादशा का प्रभाव से मुक्त रहता है.
रविवार की सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद
रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है. सूर्य ग्रह शक्ति, नेतृत्व और आत्मविश्वास के प्रतीक माने जाते हैं. उगते सूरज को जल अर्पित करने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करने मात्र से इच्छा की पूर्ति होती है.
यह समय नए कार्यों को पूरा करने, परीक्षाओं की तैयारी करने और फैसले लेने में स्पष्टता प्रदान करती है. सूर्य की प्रचंड ऊर्जा हनुमान जी के निडर स्वभाव के साथ मिलकर भक्तों को संशय पर विजय प्राप्त करने और साहस के साथ आगे बढ़ने में सहायक है.
ये तीनों ही समय इतने प्रभावशाली क्यों हैं?
ब्रह्म मुहूर्त में मन और आत्मा अपनी सबसे ग्रहणशील अवस्था में होते हैं. जबकि शनिवार की रात हनुमान जी की सुरक्षा से शनि के कर्मों का संतुलन होता है. सूर्य अर्घ्य के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करने से आत्मविश्वास और सफलता की ऊर्जा प्रवाहित होती है.
आज की तेजी से बदलती जीवनशैली में कई लोग इन अनुष्ठानों को सरल लेकिन प्रभावी तरीके से अपने जीवन में शामिल करते हैं. 11 बार पाठ 11 दिनों तक प्रतिदिन 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है.
21 दिन के इस अनुष्ठान में ऐसा करने से दीर्घकालिक शांति और समृद्धि प्राप्त होती है. जबकि बड़ा मंगलवार के दिन भक्त बड़ी संख्या में सामूहिक रूप से चालीसा का पाठ करने के लिए इक्ट्ठे होते हैं.
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Frequently Asked Questions
हनुमान चालीसा का पाठ करने का सबसे शुभ समय कौन सा है?
ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
ब्रह्म मुहूर्त में पाठ करने से एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत होता है। इस समय चालीसा के श्लोक अधिक शक्तिशाली और ध्यानमग्न होते हैं।
शनिवार की रात हनुमान चालीसा का पाठ क्यों महत्वपूर्ण है?
शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि की कठोर नजर से सुरक्षा मिलती है। यह शनि साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
रविवार की सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करने से क्या होता है?
रविवार की सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद चालीसा का पाठ करने से इच्छाएं पूरी होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह संशय पर विजय पाने और साहस से आगे बढ़ने में सहायक है।
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