संभल के CO रहे अनुज चौधरी पर दर्ज होगा केस, अखिलेश यादव बोले, 'ये पक्षपाती पुलिसकर्मी...'
Akhilesh Yadav News: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अब पुलिस के बड़े साहब कोर्ट के आदेश को अवैध बता रहे हैं. अब कहीं माननीय अदालत इनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई न दे.

संभल हिंसा मामले में कोर्ट की ओर से तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया है. अब इस मामले में पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि अब कोई बचाने नहीं आएगा. ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में खाली बैठकर बीजेपी के फॉर्मूले को याद करेंगे.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''अब कोई बचाने नहीं आयेगा. अब ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में खाली बैठकर याद करेंगे. भाजपा का फ़ार्मूला नंबर 1 है पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो!. भाजपा का फ़ार्मूला नंबर 2 है भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं.''
अब कोई बचाने नहीं आयेगा… अब ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में खाली बैठकर याद करेंगे :
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 14, 2026
- भाजपा का फ़ार्मूला न. 1 : पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो!
- भाजपा का फ़ार्मूला न. 2 : भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं। pic.twitter.com/lC8iW5alcC
ज्यादा दरोगाई दिखाना कहीं महंगा न पड़ जाए-अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने एक दूसरे पोस्ट में लिखा, ''अब पुलिस के बड़े साहब कोर्ट के आदेश को अवैध बता रहे हैं, इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा क्या? अब कहीं माननीय न्यायालय इनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई न दे. सत्ता की चापलूसी के चक्कर में ज्यादा दरोगाई दिखाना कहीं महंगा न पड़ जाए.''
अब पुलिस के बड़े साहब कोर्ट के आदेश को अवैध बता रहे हैं, इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा क्या? अब कहीं माननीय न्यायालय इनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई न दे। सत्ता की चापलूसी के चक्कर में ज़्यादा दरोगाई दिखाना कहीं महंगा न पड़ जाए। pic.twitter.com/CUxVeGPFCO
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 14, 2026
कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी पुलिस
संभल जिले के चंदौसी स्थित एक अदालत ने संभल हिंसा मामले में तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर तथा अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. हालांकि, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि प्रशासन इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगा.
यह आदेश मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विभांशु सुधीर ने 9 जनवरी को हिंसा में घायल हुए एक व्यक्ति के पिता द्वारा दायर उस याचिका पर पारित किया जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनके बेटे को पुलिस ने गोली मारी थी. शिकायतकर्ता ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन थाना प्रभारी अनुज तोमर और 10-12 अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया.
मामले में न्यायिक जांच पहले ही हो चुकी- SP
संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने को बताया था कि पुलिस अदालत के आदेश को चुनौती देगी. उन्होंने कहा, ‘‘अपील दायर की जाएगी और प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी, क्योंकि मामले में न्यायिक जांच पहले ही हो चुकी है.’’ अनुज चौधरी वर्तमान में फिरोजाबाद में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पद पर तैनात हैं, जबकि अनुज तोमर वर्तमान में संभल जिले की चंदौसी कोतवाली के प्रभारी हैं.
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद पिछले साल 19 नवंबर को उस समय शुरू हुआ था, जब वकील हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर कर दावा किया था कि शाही जामा मस्जिद पहले से मौजूद हरिहर नाथ मंदिर के ऊपर बनाई गई है. उसी दिन अदालत के आदेश पर एक सर्वेक्षण कराया गया था, जिसके बाद 24 नवंबर को दूसरा सर्वेक्षण किया गया. दूसरे सर्वेक्षण के बाद संभल में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.
पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 12 प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क और मस्जिद कमेटी के प्रमुख जफर अली समेत कई राजनीतिक हस्तियों सहित 2,000 से अधिक लोगों के नाम शामिल हैं.
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Source: IOCL



























