सर्दियों में हो जाते हैं कान बंद? इन घरेलू नुस्खों से मिलेगा 99 प्रतिशत तक आराम!
अगर कान के अंदर हवा का दबाव बराबर नहीं रहता है या यूस्टेशियन ट्यूब सूजन के कारण बंद हो जाती है तो कान भारी लगता है. इसमें आवाज मफल्ड सुनाई देती है और हल्का दर्द या चक्कर भी आ सकते हैं.

सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि उनके कान बंद हो जाते हैं. कानों में भारीपन महसूस होता है या आवाज साफ सुनाई नहीं देती है. दरअसल ठंड के मौसम में सर्दी] जुकाम] एलर्जी या मौसम बदलने पर यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है. मेडिकल भाषा में इसे ईयर कंजेशन कहा जाता है. जिस तरह सर्दी-जुकाम में नाक बंद होती हो जाती है, इसी तरह यूस्टेशियन ट्यूब में सूजन आने पर कान भी बंद महसूस होने लगते हैं. यही कारण है कि जुकाम ठीक होने के बाद भी कई लोगों को कान भरे होने की शिकायत रहती है. यूस्टेशियन ट्यूब आपके मिडल इयर को नाक के पीछे वाले हिस्से से जोड़ते हैं. जब यह सूजन या कंजेशन की वजह से ब्लॉक होती है तो कान में दबाव, खिंचाव, हल्का दर्द भरा महसूस होना और सुनाई कम देना जैसे लक्षण दिखते हैं. आमतौर पर सूजन कम होने पर यह ब्लॉकेज खुद ही खुल जाता है. लेकिन घर पर कुछ आसान तरीके अपनाकर आप और जल्दी इससे राहत पा सकते हैं.
कान बंद है कैसे पहचाना?
अगर कान के अंदर हवा का दबाव बराबर नहीं रहता है या यूस्टेशियन ट्यूब सूजन के कारण बंद हो जाती है तो कान भारी लगता है. इसमें आवाज मफल्ड सुनाई देती है, खिंचाव महसूस होता है और हल्का दर्द या चक्कर भी आ सकते हैं. वहीं कान बंद आमतौर पर सर्दी-जुकाम, नाक बंद होने, एलर्जी, ऊंचाई में बदलाव, कान में वैक्स जमा होना, कान का इन्फेक्शन और धूप या तेज ठंड के कारण हो सकता है.
कान बंद होने पर क्या करें?
थूक निगले या जम्हाई लें
बार-बार थूक को निगलना या जम्हाई लेना कान खोलने का सबसे आसान और नेचुरल तरीका माना जाता है. थूक निगलने और जम्हाई लेने से यूस्टेशियन ट्यूब खुलती है और कान में जमा दबाव संतुलित हो जाता है. वहीं आप च्युइंग गम चबाकर या टॉफी चूसकर भी इस प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं.
वलसालवा टेक्निक ट्राई करें
कान खोलने के लिए यह तकनीक भी काफी प्रभावी मानी जाती है. इसके लिए सबसे पहले मुंह बंद करें, फिर नाक को उंगलियों से दबाए और बाद में धीरे-धीरे नाक से हवा बाहर निकलने जैसा दबाव बनाएं. इसमें अगर आपको पाॅप जैसी आवाज आए तो समझे कि कान खुल रहा है. हालांकि ध्यान रखें कि इसे बहुत जोर से न करें वरना कान के परदे पर असर पड़ सकता है.
भाप लेना भी है फायदेमंद
सर्दी, एलर्जी की वजह से यूस्टेशियन ट्यूब में आई सूजन को कम करने में भाप भी बहुत कारगर साबित होती है. गर्म पानी की भाप लेने से नाक और गले में जमी सूजन ढीली होती है और ट्यूब धीरे-धीरे खुलने लगती है. चाहे तो भाप वाले पानी में नीलगिरी का तेल या अजवाइन भी डाल सकते हैं.
नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करें
अगर नाक ज्यादा बंद हो तो डिकंजेस्टेन्ट नेजल स्प्रे लेने से भी राहत मिल सकती है. हालांकि इसे कुछ ही दिनों तक इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. एलर्जी वाले लोग डॉक्टर की सलाह पर ही नेजल स्टेरॉयड का उपयोग कर सकते हैं.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL






















