ब्रेस्ट कैंसर है तो भी दे सकती हैं हेल्दी बच्चे को जन्म!
अगर आपके आसपास भी कोई ऐसी महिला है जो मां बनने की प्लानिंग कर रही हैं लेकिन उसे ब्रेस्ट कैंसर डायग्नोज हुआ है तो ये खबर उनके लिए हैं.

नई दिल्ली: अगर आपके आसपास भी कोई ऐसी महिला है जो मां बनने की प्लानिंग कर रही हैं लेकिन उसे ब्रेस्ट कैंसर डायग्नोज हुआ है तो ये खबर उनके लिए हैं. जी हां, यदि किसी महिला को मां बनने से पहले ब्रेस्ट कैंसर होता है तो मां बनने के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. लेकिन डॉक्टर्स ने एक ऐसी तकनीज ईजाद की है जिससे अब ब्रेस्ट कैंसर होने के बाद भी मां बनना आसान होगा.
क्या है ये तकनीक- ह्यूमन ओओसाइट क्रायोरोपेशेशेशन (Human oocyte cryopreservation) या अंडे को फ्रीज करना एक ऐसी एक्सपेरिमेंटल तकनीक है जिसमें एक महिला के एग्स को निकालकर फ्रीज किया जाता है. जब महिलाएं मां बनने के लिए तैयार होती हैं तो इन अंडों को उनमें फर्टिलाइज कर दिया जाता है.
इसलिए दी जाती है एग फ्रीज करवाने की सलाह- एग फ्रीजिंग के लिए उन महिलाओं को भी सलाह दी जाती है जिन्हें ब्रेस्ट कैंसर डायग्नोज़ होता है. कैंसर के कारण होने वाली समस्याओं और ट्रीटमेंट के दौरान महिलाओं की रिप्रोडक्टिविटी प्रभावित होती है और मां बनने में उन्हें दिक्कत आती है. इसलिए समय से पहले ही उन्हें एग स्टोर करवाने की सलाह दी जाती है.
इस रिसर्च से उन महिलाओं को मदद मिलेगी जो कैंसर होने के बावजूद बिना किसी परेशानी के मां बनना चाहती हैं.
बहुत कम समय लगता है इसमें- सेंट फ्रांसिस्को में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया के शोधकर्ताओं की ये रिपोर्ट ह्यूमन रिप्रोडक्शंन में पब्लिश हुई. जिसमें कहा गया कि फास्ट्र फर्टिलिटी प्रिवेंशन टेक्नीक दो सप्ताह या उससे थोड़े अधिक समय में ही अपना काम कर सकती है.
रिसर्च के नतीजे- इस तकनीक को विकसित करने से पहले डॉक्टर्स ने एक महिला के नैचुरल साइकिल के साथ इस प्रकिया को करने मे समय बिताया इसमें उन्हें चार से छह सप्ताह का समय लगा. रिसर्च के नतीजों में पाया गया कि एग फ्रीज करने से महिलाओं को ट्रीटमेंट जल्द मिल सकेगा.
नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.
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