महिलाओं में स्ट्रोक का खतरा, गर्भनिरोधक गोलियां लेने पर क्या कहती है नई रिसर्च?
Stroke Risk in Women: गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल से महिलाओं में स्ट्रोक का खतरा तीन गुना बढ़ सकता है. ESOC 2025 की नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

Stroke Risk in Women: आज की आधुनिक महिला अपने करियर, परिवार और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश में कई फैसले लेती है. उनमें से एक है गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल. लेकिन क्या आप जानती हैं कि ये गोलियां कुछ गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से भी जुड़ी हो सकती हैं? हाल ही में यूरोपियन स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन कॉन्फ्रेंस (ESOC) 2025 में पेश की गई एक नई रिसर्च ने महिलाओं में स्ट्रोक के खतरे को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है.
रिसर्च में नया खुलासा?
यूरोपियन स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन कॉन्फ्रेंस 2025 में एक स्टडी के अनुसार, जो युवा महिलाएं कॉम्बाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स (COC) यानी गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें ‘क्रिप्टोजेनिक इस्कीमिक स्ट्रोक’ (Cryptogenic Ischaemic Stroke) होने का खतरा तीन गुना तक बढ़ सकता है.
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क्या होता है क्रिप्टोजेनिक इस्कीमिक स्ट्रोक?
यह एक ऐसा स्ट्रोक होता है जिसकी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आती, लेकिन युवाओं में होने वाले इस्कीमिक स्ट्रोक्स में से लगभग 40% स्ट्रोक इसी श्रेणी में आते हैं.
किस उम्र की महिलाओं के लिए खतरा है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें, इस रिसर्च के हिसाब से 18 से 49 साल की उम्र की 268 महिलाएं शामिल थीं. जिन्हें क्रिप्टोजेनिक इस्कीमिक स्ट्रोक हो चुका था. इनमें से 66 मरीज और 38 कंट्रोल ग्रुप की महिलाएं कॉम्बाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स ले रही थीं. जब रिसर्चर्स ने उम्र, हाई ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग, माइग्रेन और मोटापा जैसी दूसरी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए पता किया तो पाया गया कि कॉम्बाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स लेने वाली महिलाओं में स्ट्रोक का खतरा तीन गुना ज्यादा था.
महिलाओं को क्या करना चाहिए?
रिचर्स करने वाले डॉक्टर की माने तो जो महिलाएं पहले से हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन या किसी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें गर्भनिरोधक गोलियां लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. साथ ही, आगे और बड़े स्तर पर स्टडी की जरूरत है, ताकि यह पता चल सके कि कौन-सी गोली ज्यादा सुरक्षित है.
महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक गोलियां एक बड़ी सहूलियत है, लेकिन उनका इस्तेमाल करते समय जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. यह रिसर्च इस दिशा में एक अहम कदम है और हर महिला को अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना चाहिए.
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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL






















