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डिप्रेशन और ब्रेन फॉग में क्या होता है अंतर, जान लीजिए ये आपके लिए कितना खतरनाक

ब्रेन फ्रॉग में व्यक्ति का दिमाग अंदर ही अंदर उलझनों में फंसा रहता है. इसका असर याद्दाश्त पर भी पड़ता है. इसका कारण स्ट्रेस, तनाव और नींद की कमी होने लगती है.

Brain Frog: ब्रेन फ्रॉग कोई खास तरह की बीमारी नहीं है बल्कि यह एक मेंटल प्रॉब्लम है. जिसमें व्यक्ति को भ्रम की स्थिति पैदा होती है. इसमें हर वक्त एकाग्रता और थकान महसूस होने लगता है. व्यक्ति का दिमाग अंदर ही अंदर उलझनों में फंसा रहता है. इसका असर याद्दाश्त पर भी पड़ता है. इसका कारण स्ट्रेस, तनाव और नींद की कमी होने लगती है. नींद की कमी होने पर शरीर में पोषण की कमी होने लगती है. 

ब्रेन फ्रॉग के लक्षण इन बीमारियों में भी दिखाई देते हैं

अगर कोई व्यक्ति छोटी-छोटी बातें भूल जा रहा है. उसे अपनी ही कही बातें याद नहीं रह रही है. यह ब्रेन फ्रॉग के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. ब्रेन फ्रॉग का कोई मेडिकल टर्म नहीं है. लेकिन पिछले कुछ सालों में यह बार-बार सुनने को मिल रहा है. खासकर कोविड के बाद अक्सर हम ब्रेन फ्रॉग की बीमारी के बारे में सुन रहे हैं. खासकर कोरोना वायरस के लॉन्ग सिम्पटम्स में ब्रेन फ्रॉग की समस्या देखने को मिल रही है. 

बोलचाला की भाषा में कहे तो ब्रेन फ्रॉग दिमाग से जुड़ी एक गंभीर समस्या है. इसमें याददाश्त कमजोर होने लगता है. जैसे- ध्यान का एक जगह न लगना, सोचने-समझने में दिक्कत होना. बार-बार थकावट होना. कोरोना वायरस के अलावा ब्रेन फ्रॉग के लक्षण दूसरी बीमारियों में भी दिखाई देते हैं. जैसे- कैंसर की कीमोथेरेपी के दौरान, डिप्रेशन, क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम यहां तक कि प्रेग्नेंसी के दौरान भी ब्रेन फ्रॉग के लक्षण दिखाई देते हैं. 

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डिप्रेशन और ब्रेन फ्रॉग में अंतर होता है?

ब्रेन फ़ॉग के लक्षण होते हैं जो अवसाद से जुड़ी हो सकती है. ब्रेन फ़ॉग हर व्यक्ति में अलग-अलग तरह से महसूस हो सकता है, लेकिन कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं.

एकाग्रता में कमी

भ्रम

थकान

भूलने की बीमारी

विचारों की दिशा खोना

मानसिक थकावट

सही शब्द न बोल पाना

धीमी विचार प्रक्रिया और प्रतिक्रिया समय

ध्यान देने में परेशानी

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ब्रेन फ़ॉग के कारण रोज़मर्रा के काम जैसे कि सफाई, खरीदारी और समस्या समाधान करना मुश्किल हो सकता है. इससे ध्यान केंद्रित करना और ध्यान लगाना भी मुश्किल हो सकता है, जिससे ध्यान भटक सकता है.

अवसाद से पीड़ित लोगों में, ब्रेन फ़ॉग इस तरह से प्रकट हो सकता है. ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, याददाश्त से जुड़ी चुनौतियां, कार्यकारी कामकाज में परेशानी और प्रतिक्रिया समय में देरी.

अवसाद से पीड़ित हर व्यक्ति में इस तरीके के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. 

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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