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क्या होती है रोबोटिक सर्जरी, किन रोगों में होता है इसका इस्तेमाल, भारत में कितना खर्च? जानें इससे जुड़ी हर जरूरी बात

शरीर के कुछ ऐसे अंग होते हैं, जहां पहुंचना मुश्किल और खतरनाक होता है. हालांकि रोबोट से की जाने वाली सर्जरी की मदद से इन अंगों तक भी आसानी से पहुंचा जा सकता है.

Robotic Surgery: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) अपने यहां के सभी क्लिनिकल ब्रांचेज और देशभर के अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों के लिए रोबोटिक सर्जरी ट्रेनिंग फैसिलिटी शुरू करने जा रहा है. इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रोफेसर एम श्रीनिवास द्वारा जारी किए गए ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया कि एम्स में पर्याप्त संख्या में मास्टर ट्रेनर्स की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए भारत में एम्स और बाकी हेल्थकेयर फैसिलिटी के डॉक्टरों के लिए रोबोटिक सर्जरी ट्रेनिंग फैसिलिटी स्थापित करने की तत्काल जरूरत है.

एम्स ने मेडिकल टेक्नोलॉजी में इस इनोवेशन यानी रोबोटिक सर्जरी को सबसे पहले अपनाया और कई सालों से रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का इस्तेमाल करने वाली फैकल्टी का हिस्सा रहा है. यही वजह है कि ये ट्रेनिंग फैसिलिटी सभी डॉक्टरों के लिए वरदान साबित होगा. डॉक्टरों के मुताबिक, रोबोट की मदद से की जाने वाली सर्जरी मरीजों की लंबी वेटिंग लिस्ट को कम करने में मददगार साबित होगी. भारत में इस तरह की फैसिलिटी के होने से अब ज्यादा से ज्यादा डॉक्टर ट्रेन्ड होंगे और उन्हें इस सर्जरी की ट्रेनिंग लेने के लिए बाहरी देशों का रुख नहीं करना पड़ेगा. एम्स के अधिकारियों की मानें तो अभी तक रोबोटिक सर्जरी सिर्फ यूरोलॉजी ब्रांच तक ही सीमित थी.

क्या है रोबोटिक सर्जरी?

पिछले कुछ सालों में मेडिकल सेक्टर में रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल काफी बढ़ा है. इस सर्जरी की मदद से अब मुश्किल से मुश्किल ऑपरेशन किया जा रहा है. शरीर के कुछ ऐसे अंग होते हैं, जहां पहुंचना मुश्किल और खतरनाक होता है. हालांकि रोबोट से की जाने वाली सर्जरी की मदद से इन अंगों तक भी आसानी से पहुंचा जा सकता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि कैंसर जैसे खतरनाक रोग में भी यह सर्जरी कारगर है. रोबोटिक सर्जरी में डॉक्टर द्वारा प्रोग्राम किए गए रोबोट ऑपरेशन करते हैं.    

रोबोटिक सर्जरी में पूरा कंट्रोल एक कंप्यूटराइज्ड कंसोल पर बैठे सर्जन के हाथ में होता है. रोबोट के साथ सर्जरी इसलिए बेहतर मानी जाती है क्योंकि शरीर के लक्षित अंग की विजिबिलटी अच्छी होती है. इसकी मदद से आसानी से किसी मुश्किल जगह पर मौजूद गांठ या कैंसर सेल को रिमूव किया जा सकता है. मरीज के शरीर में डाला गया एक स्पेशल कैमरा ऑपरेशन वाली जगह का एक 3D सीन दिखाता है. रोबोटिक डिवाइस में एक स्पेशल टेक्नोलॉजी होती है, जिसे 'एंडोवरिस्ट' कहा जाता है. ये टेक्नोल़जी डॉक्टर के हाथों की तुलना में ज्यादा स्पीड से काम करता है.

किन बीमारियों में की जाती है रोबोटिक सर्जरी?

रोबोटिक सर्जरी काफी महंगी होती है. यही वजह है कि इसका सुझाव हर किसी को नहीं दिया जाता. जिन मरीजों को किडनी, प्रोस्टेट, इसोफैगस, लीवर, अंडाशय, गर्भाशय, बड़ी आंत और लिम्फ नोड्स के कैंसर होते हैं, उन्हें रोबोटिक सर्जरी की सलाह दी जाती है.    

रोबोटिक सर्जरी के फायदे

रोबोटिक सर्जरी में ऑपरेशन के दौरान कट बहुत छोटा सा लगता है. यही वजह है कि सर्जरी का निशान शरीर पर बहुत छोटा होता है. डॉक्टर द्वारा की जाने वाली सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी में रिकवरी तेजी से होती है और ब्लड लॉस भी काफी कम होता है.

भारत में रोबोटिक सर्जरी की कीमत

भारत में रोबोटिक सर्जरी की कीमत काफी ज्यादा है. यही वजह है कि इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोग नहीं उठा पाते. जानकारी के मुताबिक, भारत में रोबोटिक सर्जरी की कीमत 1,50,000 से 10,00,000 तक हो सकती है.

 रोबोटिक सर्जरी की खामियां

1. पारंपरिक सर्जरी की तरह ही संक्रमण का खतरा रहता है 
2. दूसरी सर्जरी की तुलना में वक्त ज्यादा लगता है. 

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