एक्सप्लोरर

Delhi Mumbai Ozone Levels: दिल्ली-मुंबई में ओजोन प्रदूषण बढ़ा, जानें यह आपके फेफड़ों के लिए कितना खतरनाक?

Ozone Lungs Damage: भारत के ज्यादातर बड़े शहर इस समय प्रदूषण की मार से गुजर रहे हैं. चलिए आपको बताते हैं कि यहां फैला ओजोन हमारे लिए कितना खतरनाक है और यह हमारे लंग्स को कैसे नुकसान पहुंचाता है.

Ozone Pollution Health Effect: कुछ महीने महीने पहले सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को बताया था कि ग्राउंड-लेवल ओज़ोन (O₃) प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका नेशनल कैपिटल रीजनहै, जबकि इसके बाद नंबर आता है मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन  का. ट्रिब्यूनल में दाखिल हलफनामे में CPCB ने देश के 10 बड़े क्षेत्रों में ओजोन लेवल का एनालिसिस किया. रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में NCR के 57 में से 25 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन राष्ट्रीय आठ घंटे वाले ओजोन मानक से 2 प्रतिशत से अधिक ऊपर थे. मुंबई में भी स्थिति अलग नहीं थी, यहां 45 में से 22 स्टेशन सुरक्षित सीमा को पार कर चुके थे. NGT ने इस मामले पर पिछले अगस्त एक न्यूज़ रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें भारत में बढ़ते ओजोन प्रदूषण को लेकर चिंता जताई गई थी. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे ये आपके लंग्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं. 

इससे कौन सी दिक्कत होती है?

पीआईबी की एक रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण उन प्रमुख कारणों में से एक है जो सांस संबंधी बीमारियों और उनसे जुड़ी दिक्कतों को बढ़ाता है. CPCB ने ग्राउंड-लेवल ओजोन के संपर्क से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं पर कोई स्पेशल सर्वे नहीं किया है, लेकिन ओजोन (O₃) के प्रभाव को लेकर यह तथ्य सामने आते हैं:

  • ओजोन को सांस के साथ अंदर लेने पर सीने में दर्द, खांसी, जी मिचलाना, गले में जलन और कंजेशन जैसी समस्याएं दिख सकती हैं.
  • O₃ का प्रभाव ब्रोंकाइटिस, हार्ट रोग, एम्फीसिमा और अस्थमा जैसी बीमारियों को और गंभीर बना देता है और लंग्स की क्षमता घटा सकता है.
  • लंबे समय तक ओजोन के संपर्क में रहने से लंग्स को स्थायी नुकसान भी हो सकता है.
  • यह शरीर को एलर्जेन यानी एलर्जी पैदा करने वाले कारकों के प्रति और अधिक संवेदनशील बना देता है.

लंग्स को कितना नुकसान पहुंचाता है?

अमेरिकी पर्यावरण एजेंसी (EPA) के अनुसार, ग्राउंड-लेवल ओजोन लंग्स की कार्यक्षमता को सीधे कम कर देता है. ओजोन सांस लेते ही वायुमार्गों  की अंदरूनी परत पर असर डालता है, जिससे सूजन और जलन हो सकती है. EPA बताता है कि ओजोन के संपर्क में आने से गहरी सांस लेना मुश्किल हो सकता है और FEV₁ जैसी लंग्स की क्षमता मापने वाली रीडिंग भी तुरंत कम पाई गई है. यह असर उन लोगों में और ज्यादा दिखता है जिन्हें पहले से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या अन्य सांस संबंधी समस्याएं होती हैं.

EPA यह भी बताता है कि बार-बार या लंबे समय तक ओजोन प्रदूषण में रहने से लंग्स के टिश्यू को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है. लगातार सूजन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस की वजह से एयरवेज मोटे होने लगते हैं और समय के साथ लंग्स में स्कारिंग तक बन सकती है, जो रिवर्स नहीं होती. यही कारण है कि ओजोन को एक साइलेंट लंग डैमेजर माना जाता है, जो धीरे-धीरे लंग्स की क्षमता घटाता रहता है और सांस की बीमारियों को और गंभीर कर देता है.

इसे भी पढ़ें: Fat Loss Tips: सिर्फ कार्डियो और नो कार्ब्स? तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर बताया खास रुटीन, तेजी से घटाता है फैट

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Vegetarian VS Non Vegetarian:नॉनवेज या वेज? किसे खाने वाले जीते हैं लंबा जीवन?
नॉनवेज या वेज? किसे खाने वाले जीते हैं लंबा जीवन?
Ebola Outbreak in Congo : कांगो में इबोला से 2000 मौतें, तेजी से फैल रहा वायरस
कांगो में इबोला से 2000 मौतें, तेजी से फैल रहा वायरस
Sleeping With Cooler in Rainy Season: इस मौसम में भी कूलर चलाकर सोते हैं? कितनी खतरनाक हो सकती है यह आदत
इस मौसम में भी कूलर चलाकर सोते हैं? कितनी खतरनाक हो सकती है यह आदत
Diabetes: डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी कितनी सही? जानें एक्सपर्ट की राय
डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी कितनी सही? जानें एक्सपर्ट की राय

वीडियोज

Sansani: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खतरनाक मिस्ट्री !
The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
Embed widget