एक्सप्लोरर

Genetic Testing In Cancer: क्या अब कैंसर का इलाज हुआ और आसान? जेनेटिक टेस्ट से महिला को मिला जीवनदान

How Targeted Therapy Works In Cancer Care: कैंसर तब शुरू होता है जब शरीर की सेल्स के भीतर मौजूद जेनेटिक संरचना में बदलाव होने लगते हैं. लेकिन हर मरीज में यह बदलाव एक जैसे नहीं होते.

How Genetic Testing Helps In Cancer Treatment: बेंगलुरु की करीब पचास वर्ष की एक महिला कई महीनों तक शरीर में हो रहे छोटे-छोटे बदलावों को नजरअंदाज करती रही. पेट जल्दी भर जाना, सूजन महसूस होना और लगातार थकान जैसी समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ती गईं. जब हालत ज्यादा बिगड़ी तो जांच में पता चला कि उन्हें ओवरी का कैंसर है और बीमारी शरीर में फैल चुकी है. सर्जरी के जरिए दिखाई देने वाली गांठों को हटा दिया गया, लेकिन असली बदलाव उसके बाद हुई एक खास जांच से आया 

बेंगलुरु के एस्टर अस्पताल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अश्विन केआर के मुताबिक महिला के ट्यूमर की गहराई से जांच की गई. इस जांच में पता चला कि कैंसर सेल्स शरीर के क्षतिग्रस्त जेनेटिक पदार्थ को ठीक करने में सक्षम नहीं थीं. यही जानकारी आगे के इलाज में सबसे अहम साबित हुई. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एक्सपर्ट के अनुसार कैंसर तब शुरू होता है जब शरीर की सेल्स के भीतर मौजूद जेनेटिक संरचना में बदलाव होने लगते हैं. लेकिन हर मरीज में यह बदलाव एक जैसे नहीं होते. कुछ बदलाव समय के साथ पैदा होते हैं, जबकि कुछ परिवार से विरासत में मिल सकते हैं. यही वजह है कि हर कैंसर मरीज का इलाज एक जैसा असर नहीं दिखाता. डॉ. अश्विन केआर बताते हैं कि इस तरह की जेनेटिक जांच से यह समझने में मदद मिलती है कि आखिर कैंसर को बढ़ाने वाला मुख्य कारण क्या है. कई बार ऐसी जानकारी मिलने के बाद मरीज को वही दवा दी जाती है, जो उसकी बीमारी पर सबसे ज्यादा असर कर सके. इससे इलाज पर समय और शरीर दोनों की बर्बादी कम होती है. 

इसे भी पढ़ें - Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद

इस केस में क्या देखने को मिला?

महिला के मामले में भी यही हुआ.  जांच में ऐसा संकेत मिला जिससे डॉक्टरों को एक खास प्रकार की टारगेटेड दवा देने का रास्ता मिला. यह दवा उन कैंसर सेल्स पर असर करती है जो खुद को ठीक नहीं कर पातीं. इलाज शुरू होने के बाद ट्यूमर छोटा होने लगा और अब महिला सामान्य जीवन जी रही है, हालांकि उनकी लगातार निगरानी की जा रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि पहले कैंसर के इलाज में सामान्य तौर पर सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरपी पर ही निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन अब जेनेटिक जांच की मदद से इलाज को मरीज के शरीर और बीमारी के अनुसार तय किया जा रहा है. इससे इलाज ज्यादा सटीक और प्रभावी बनता जा रहा है.

लगातार बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल कैंसर पंजीकरण कार्यक्रम के अनुसार देश में कैंसर के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अनुमान है कि आने वाले वर्षों में मरीजों की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है. ऐसे में एक्सपर्ट मानते हैं कि समय पर जांच और सही इलाज के साथ जेनेटिक परीक्षण मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकता है.

इसे भी पढ़ें- Vitamin D Deficiency: क्या बिना बात रहता है बदन दर्द और खराब मूड, कहीं इस विटामिन की कमी से तो नहीं हो रहा ऐसा?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Skin Care Tips: सिर्फ Sunscreen लगाने से नहीं चलेगा काम, टैनिंग से बचने के लिए बदलनी पड़ेंगी ये 5 आदतें
सिर्फ Sunscreen लगाने से नहीं चलेगा काम, टैनिंग से बचने के लिए बदलनी पड़ेंगी ये 5 आदतें
Monsoon Health Care Tips: मानसून सीजन में जल्दी बीमार पड़ जाते हैं बच्चे, ऐसे रखें उनकी सेहत का ख्याल?
मानसून सीजन में जल्दी बीमार पड़ जाते हैं बच्चे, ऐसे रखें उनकी सेहत का ख्याल?
AIIMS Delhi ने रचा इतिहास! 4 महीने के मासूम की दुनिया की सबसे दुर्लभ लंग सर्जरी सफल
AIIMS Delhi ने रचा इतिहास! 4 महीने के मासूम की दुनिया की सबसे दुर्लभ लंग सर्जरी सफल
Dengue Outbreak in Mumbai: बारिश के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा! मुंबई में डेंगू-स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़े
बारिश के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा! मुंबई में डेंगू-स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़े
Advertisement

वीडियोज

Shehnaaz Gill की 'Ishqnama' का ट्रेलर रिलीज़, Jai Randhhawa की दमदार परफॉर्मेंस ने लूटी महफिल
Shehnaaz Gill की Ishqnama का ट्रेलर दमदार, Jai Randhhawa की इंटेंसिटी ने जीता दिल
Mathew VanDyke और अब Jordan Brown! Indian borders के पास बड़ी साजिश? |ABPLIVE
रिपोर्ट्स: Deepika Padukone और Ranveer Singh के घर फिर आ सकती है खुशखबरी
Middle East: भारतीय नाविक की मौत पर भारतका बदला शुरू! हिलेगा मिडिल ईस्ट? |ABPLIVE
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'हर जान की कीमत, अगर जरूरत पड़े तो...' सोनम वांगचुक को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट का केंद्र सरकार को निर्देश
'हर जान की कीमत, अगर जरूरत पड़े...' सोनम वांगचुक को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट का केंद्र को निर्देश
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
आजम खान की यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर के नोटिस के बाद भड़के अखिलेश यादव, कर दी RSS का दफ्तर गिराने की मांग!
आजम की यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर के नोटिस के बाद भड़के अखिलेश, कर दी RSS का दफ्तर गिराने की मांग!
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
16389 रन और 333 विकेट, ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, अब इस देश से खेलना का लिया फैसला
16389 रन और 333 विकेट, ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, इस देश से खेलना का लिया फैसला
अजीत डोभाल ने बिम्सटेक की बैठक में समझाया नेबरहुड फर्स्ट-एक्ट इस्ट पॉलिसी, दिया ये सुरक्षा मंत्र
अजीत डोभाल ने बिम्सटेक की बैठक में समझाया नेबरहुड फर्स्ट-एक्ट इस्ट पॉलिसी, दिया ये सुरक्षा मंत्र
'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
ISRO Scientist Job: ISRO में कैसे मिलती है जॉब, कितनी होती है सैलरी और शिफ्ट टाइमिंग; यहां इस्तीफा देने का क्या है नियम?
ISRO में कैसे मिलती है जॉब, कितनी होती है सैलरी और शिफ्ट टाइमिंग; यहां इस्तीफा देने का क्या है नियम?
Embed widget