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Eating Habits: खाते वक्त फर्श पर बैठने के हैरतअंगेज फायदों को जानिए

Eating Habits: भोजन खाते वक्त फर्श पर बैठने के हैरतअंगेज फायदे हैं. डाइनिंग टेबल या कुर्सी के मुकाबले फर्श पर बैठना योगासन्न का प्रकार भी है. इस तरह, सुखासन्न या पद्यमासन्न की दो मुद्राएं बनती हैं.

Eating Habits: जमीन पर बैठकर भोजन खाने की परंपरा पुराने जमाने से चली आ रही है. इस परंपरा का सेहत पर कई सकारात्मक प्रभाव हैं और हम बहुत सारी बीमारियों से सुरक्षित भी हैं. भोजन अभी भी जमीन पर बैठकर भारत के बहुत सारे हिस्सों जैसे दक्षिण भारत, पश्चिम बंगाल और झारखंड में खाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं खाते वक्त जमीन पर बैठने के हैरतअंगेज फायदे हैं.

बेहतर पाचन- भोजन खाने के लिए थाली की तरफ आपको झुकना पड़ता है, जमीन पर खाना प्राकृतिक आसन है. लगातार आगे और पीछे झुकने की प्रक्रिया आपके पेट के मसल को काम लगातार जारी रखता है, जिसके कारण आपका पाचन भी सुधरता है और फूड आसानी से पच जाता है. 

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है- सही आसन में यानी पांव को क्रॉस कर खाने से जमीन पर ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और नसों के खिंचाव को भी दूर करता है. ये दिल के आसपास प्रेशर भी कम करता है, जो उसे ज्यादा मजबूत बनाता है. अगर आप हार्ट के मरीज हैं, तो आपको डाइनिंग टेबल या टेबल चेयर पर बैठने के बजाए आज ही खाना शुरू कर देना चाहिए. 

वजन काबू करता है- फर्श पर खाना खाने से भी वजन को संतुलित रखने में मदद मिलती है. खाने और फर्श पर बैठते वक्त आप पाचन की प्राकृतिक अवस्था में होते हैं. ये पाचक रसों की अनुमति बेहतर तरीके से उनके काम करने के लिए देता है. वहीं, उसके स्राव का भी सकारात्मक प्रभाव होता है. 

जोड़ के दर्द को रोकता है- आपको खाने के लिए फर्श पर बैठते वक्त घुटनों के बल झुकना पड़ता है. ये आपके घुटनों को और भी बेहतर व्यायाम किया बनाता है. जमीन पर बैठकर खाने से कूल्हे के जोड़, घुटने और टखने लचीले बनाता है. इस लचीलेपन के साथ, जोड़ चिकने रहते हैं, उसके लोच बने रहते हैं, जिसके कारण आप जोड़ के दर्द की समस्या को टालते हैं. और इसलिए, खड़े होने या बैठने में समस्या नहीं होती. 

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