Parenting Tips: ये आदतें सबसे जल्दी कैच करते हैं बच्चे, अभी सुधारें वरना बाद में पछतायेंगे
Parenting Tips: बच्चों में कुछ आदतें जेनेटिक होती हैं, लेकिन कुछ खास आदतें पैरेंट्स से सीखते हैं. अगर चाहते हैं कि बच्चा आशावादी और ईमानदार ना बने तो उसके सामने सबसे पहले आप सही मिसाल पेश करें.

Good Habits In Kids: कहा जाता है कि बच्चे का पहला स्कूल उसका घर है यानी घर में जो व्यवहार, बर्ताव और आदतें वो देखता है वहीं सीखता है. कुछ आदते हैं जेनेटिक होती हैं और बच्चे कुछ बातें घर से पिक अप करते हैं. बचपन में अगर बच्चा घर में गलत चीजें देखता है तो वो उसके मेमोरी में रजिस्टर होती है और कई बार बड़े होकर वो उनको अपना भी सकता है. बच्चे को अच्छे संस्कार सिखाने हैं और बढ़िया पर्सनैलिटी बनानी है जो सिर्फ पढ़ाई या जॉब ही नहीं जीवन के हर फील्ड में सफल बने तो उसके सामने ये बातें ना करें.
1- गलत बोलने की आदत- अगर आप चाहते हैं कि बच्चा मृदुभाषी बने और लोगों से सही से बात करे तो उसके सामने आप सही तरीके से बात करें. अगर आप तू-तड़ाक में बात करेंगे तो बच्चा वही सीखेगा और आप अदब से किसी से बात करेंगे तो बच्चे में वैसी आदत बनेगी. याद रखें आपका दूसरे के साथ बात करने का व्यवहार बच्चों को याद रहता है इसलिये बच्चे को सुधारने से पहले खुद को सही रखें.
2- फिजूलखर्ची की आदत- अगर आप पैसे का महत्व नहीं समझेंगे तो बच्चा क्या समझेगा. फिजूलखर्ची की आदत बच्चों में अपने पेरेंट्स से ही आती है. इस बुरी आदत से बच्चों को बचाने के लिये खुद भी गलत तरीके से खर्च ना करें और बच्चे की हर जिद पूरी ना करें साथ ही उनको समय समय पर पैसे का महत्व समझायें.
3- खाने में बहुत मीनमेख- अगर मम्मी-पापा खाने में बहुत चूजी हैं और हरी सब्जियां नहीं खाते या कई तरह का खाना कम पसंद करते हैं तो ये आदत बच्चों में भी आ सकती है. बच्चों को अगर फूड में बहुत सलेक्टिव नहीं बनाना तो खुद भी उनके सामने सब खाना खायें और खासतौर पर वैसे खाना जो हेल्दी है .
4- निराशावादी सोच रखना- बच्चे बड़े होकर ऑप्टिमिस्टक बनेंगे या पैसिमिस्टिक ये पैरेंट्स पर निर्भर करता है. अगर आप चाहते बच्चा निराशावादी सोच ना रखें तो बचपन में उसके सामने बहुत सारे अंधविश्वास वाली बातें ना करें और ना ही उदाहरण पेश करें. बच्चों की साइंटिफिक और पॉजिटिव सोच को बढ़ावा दें
5- कॉम्पैक्स पर्सनैलिटी- कई लोगों को आपने देखा होगा कि उनकी पर्सनैलिटी में इंफीरियर और सुपीरियर कॉम्पलैक्स होते हैं. अगर आप अपने बच्चे की पर्सनैलिटी कॉम्पलैक्स फ्री बनाना चाहते हैं तो उसके सामने सिंपल रहें. जो आप हैं नहीं वो प्रिटेंड करेंगे तो बच्चा आपसे वही सीखेगा और बड़ा होकर ऐसी ही पर्सनैलिटी बनायेगा. सिंपल्सिटी और ओनेस्टी भी बच्चा घर से ही सीखता है.
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Source: IOCL






















