किस कंपनी में जॉब करते थे इंजीनियर युवराज मेहता, कितनी मिलती थी सैलरी?
एक होनहार इंजीनियर युवराज मेहता का एक आखिरी फोन कॉल और मदद के इंतजार में जिंदगी बुझ गई. आइए जानें कि वे किस कंपनी में काम करते थे और उनको आखिर कितनी सैलरी मिलती थी.

घना कोहरा, सुनसान सड़क और एक गहरी खाई…ग्रेटर नोएडा की उस रात ने एक होनहार इंजीनियर की जिंदगी छीन ली. 27 साल के युवराज मेहता की आखिरी उम्मीद एक फोन कॉल थी, जिसमें वह अपने पिता से बस इतना कह रहे थे- ‘मुझे बचा लो पापा’. मदद सामने थी, लेकिन किसी ने पानी में उतरकर उसे बचाना जरूरी नहीं समझा. अब यह सवाल सिर्फ हादसे का नहीं है, बल्कि उस युवा की जिंदगी, करियर और सपनों का भी है, जो अचानक खत्म हो गया. आइए जानें कि वे कहां काम करते थे और कितनी सैलरी मिलती थी.
ग्रेटर नोएडा हादसा जिसने सबको झकझोर दिया
बीते शुक्रवार देर रात ग्रेटर नोएडा में हुए एक दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. युवराज अपनी विटारा ब्रेजा कार से घर लौट रहे थे, तभी घने कोहरे के कारण सड़क किनारे बनी बाउंड्री वॉल उन्हें दिखाई नहीं दी. कार दीवार को पार करते हुए करीब 70 फुट गहरे, पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी.
हादसे के बाद युवराज ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने तुरंत अपने पिता को फोन किया और मदद की गुहार लगाई. जब पिता मौके पर पहुंचे, तब युवराज आधी डूबी कार की छत पर बैठे हुए मदद के लिए चिल्ला रहे थे. कुछ ही देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई, लेकिन अंधेरी रात, घना कोहरा, ठंडा पानी और गड्ढे में पड़े लोहे के सरियों के डर की वजह से किसी ने भी पानी में नहीं उतरने की जहमत नहीं दिखाई, जिसके कुछ समय बाद युवराज की आवाज खामोश हो गई.
किस कंपनी में काम करते थे युवराज
युवराज मेहता मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले थे. वह पढ़ाई में शुरू से ही अच्छे थे और इंजीनियरिंग के बाद एक अच्छी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर रहे थे. युवराज मेहता गुरुग्राम स्थित डनहमबी (Dunnhumby) कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत थे. डनहमबी एक जानी-मानी डेटा साइंस और कस्टमर एनालिटिक्स कंपनी है, जो दुनिया भर में रिटेल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करती है.
कितनी मिलती थी सैलरी?
डनहमबी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी अनुभव और लोकेशन पर निर्भर करती है. जानकारी के अनुसार, दो साल के अनुभव वाले इंजीनियर को यहां करीब 20.3 लाख से 28.8 लाख रुपये सालाना तक सैलरी मिल सकती है. चार साल के अनुभव पर यह रकम 18.8 लाख से 24.3 लाख रुपये तक जाती है, जबकि सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी 23 लाख से 33.7 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है. छह साल के अनुभव वाले सीनियर इंजीनियर 24 लाख से 36 लाख रुपये सालाना तक कमा सकते हैं. माना जा रहा है कि युवराज इसी सैलरी रेंज में एक अच्छी कमाई कर रहे थे.
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Source: IOCL


























