World Youngest Artist: ये है दुनिया का सबसे कम उम्र का कलाकार, 6 महीने की उम्र से करता है पेंटिंग
दुनियाभर के नन्हें बच्चे 1 साल की उम्र तक अपनी मां की गोद में रहते हैं. लेकिन आज हम आपको दुनिया के सबसे छोटे कलाकार के बारे में बताएंगे. जिसने 6 महीने की उम्र में पेंटिंग करना शुरू कर दिया था.

बच्चे अक्सर 1 साल की उम्र के बाद चलना शुरू करते हैं. एक साल तक के बच्चे मां की गोद में ही रहते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बच्चे के बारे में बताने वाले हैं, जिसके बारे में जानकर आप आश्चर्य करेंगे. क्योंकि ये कोई मामूली बच्चा नहीं है. ये दुनिया का सबसे कम उम्र का कलाकार है, जो 6 महीने की उम्र से पेंटिंग करता है. जी हां, आज हम आपको बताएंगे कि इस बच्चे का क्या नाम है और इसे दुनिया का सबसे कम उम्र का कलाकार क्यों कहा गया है.
छोटा कलाकार
आपने अपने घरों में देखा होगा कि अक्सर 1 साल तक के बच्चे मां की गोद में ही ज्यादा समय बिताते हैं. क्योंकि इस उम्र तक वो अच्छे से चल नहीं पाते हैं. अगर कोई आपसे कहेगा कि 6 महीने का बच्चा पेंटिंग कर सकता है, तो आप क्या कोई भी इस बात पर विश्वास नहीं करेगा. लेकिन ये सच है कि यहां के एक 1.5 साल के बच्चे ने अपनी पेंटिंग की प्रतिभा से ए दुनिया के सबसे कम उम्र के कलाकार होने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है. जानकारी के मुताबिक ये बच्चा 6 महीने की उम्र से पेंटिंग करता है.
क्या है इस बच्चे का नाम
इस छोटे कलाकार का नाम ऐस लियाम है और उनकी मां का नाम शैंटेल है. उनकी मां पेशे से एक चित्रकार यानी कलाकार हैं. उन्होंने अपने बेटे की चित्रकारी की कला को तब पहचाना था, जब ऐस-लियाम महज 6 महीने के थे. शैंटेल ने बताया कि वो ऐस-लियाम की इस गतिविधि से बेहद खुश महसूस करती हैं.
जानकारी के मुताबिक ऐस-लियाम के पहले चित्र का नाम 'द क्रॉल' है. शैंटेल ने बताया कि उनका बच्चा ऐस लियाम जब घुटनों के बल चलता था, तब उन्होंने फर्श पर कैनवास का एक टुकड़ा फैलाया था. जिसके बाद वो अपनी कमीशन पेंटिंग पर काम करने लगी थी. उन्होंने ऐसा बच्चे को व्यस्त रखने के लिए किया था. उन्होंने बताया कि ऐस-लियाम ने कुछ ही देर में कैनवास पर पेंट फैलाना शुरू कर दिया और तभी मेरे नन्हें कलाकार ने 'द क्रॉल' नामक अपनी पहली कलाकृति बनाई थी. उन्होंने कहा कि उसके बाद से ही उन्होंने अपने बच्चे को प्रोत्साहन देना शुरू कर दिया था.
पेंटिंग्स
जानकारी के मुताबिक ऐस-लियाम अब तक बना 20 से अधिक पेंटिंग चुका है. ऐस-लियाम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के साथ-साथ घाना की प्रथम महिला का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है. शैंटेल ने बताया कि मेरे बेटे ने अपनी कला के जरिए अपना नाम बनाया है और उसकी पेंटिंग की सराहना की जाती है, जो मेरे लिए खुशी की बात है. उन्होंने बताया कि उनका बेटा अब तक करीब 20 से अधिक पेंटिंग बनाया है और घाना स्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी संग्रहालय में 'साउंडआउट प्रीमियम प्रदर्शनी' में भाग लेकर अपनी कला का प्रदर्शन भी किया है.
इतना ही नहीं ऐस-लियाम ने प्रदर्शनी के दौरान 10 कलाकृतियों को दर्शाया था, जिनमें से 9 को लोगों द्वारा खरीद लिया गया था. इस नन्हें कलाकार को अपने हाथों पर पेंट का एहसास और पेंटिंग से खुद को अभिव्यक्त करना पसंद है. शैंटेल ने कहा कि मेरे बेटे की सभी पेंटिंग उनके आसपास के रंग, आकार, बनावट और मूड से प्रेरित हैं. हर एक पेंटिंग नई चीजों की खोज में उनकी जिज्ञासा और खुशी को दर्शाती है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























