एक्सप्लोरर

Heat Index: 41 डिग्री में 51 जैसी क्यों महसूस हो रही गर्मी, जानें इस मौसम में चिपचिप के पीछे का साइंस?

Heat Index: अक्सर ही गर्मी में तापमान कम होने के बावजूद भी हमें काफी ज्यादा महसूस होता है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • नमी के कारण तापमान वास्तविक से अधिक महसूस होता है।
  • हीट इंडेक्स नमी और हवा के तापमान को मापता है।
  • उच्च नमी पसीने को वाष्पित होने से रोक देती है।
  • पसीना न सूखने से 41 डिग्री तापमान 51 जैसा।

Heat Index: क्या आपने कभी सोचा है कि मौसम की एप्लीकेशन तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दिखाती है लेकिन इसके बावजूद भी बाहर निकलने पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस या फिर 51 डिग्री सेल्सियस जैसा क्यों महसूस होता है? इसका जवाब है नमी. मौसम वैज्ञानिक हीट इंडेक्स या फिर रियल फील टेंपरेचर नाम के पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. यह हवा के असली तापमान और वातावरण में मौजूद नमी की मात्रा को मिलाकर इस बात का अंदाजा लगाता है कि इंसानी शरीर को कितनी गर्मी महसूस होती है. 

हीट इंडेक्स क्या है? 

हीट इंडेक्स मौसम मापने का एक ऐसा पैमाना है जो हवा के तापमान और रिलेटिव ह्यूमिडिटी को मिलाकर इस बात का पता लगाता है कि इंसानी शरीर असर में कितना तापमान महसूस करता है.  जैसे अगर थर्मामीटर 41 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा है लेकिन नमी 60% से 80% के बीच है तो हीट इंडेक्स 50 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा हो सकता है. इस वजह से मौसम की भविष्यवाणी में कभी-कभी यह कहा जाता है कि तापमान 51 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हो रहा है. 

इंसानी शरीर खुद को कैसे ठंडा रखता है? 

इंसानी शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है. जब बाहर का तापमान बढ़ता है तो दिमाग का हाइपोथैलेमस शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के लिए पसीने की ग्रंथियों को सक्रिय कर देता है.  शरीर को ठंडा रखने में पसीना बड़ी भूमिका निभाता है. जब त्वचा से पसीना भाप बनकर उड़ता है तो वह गर्मी को भी साथ ले जाता है.  इस वजह से ठंडक का एहसास होता है. 

यह भी पढ़ेंः मुगलों के दौर में कैसे मिलती थी नागरिकता, क्या इसके लिए कोई सर्टिफिकेट दिया जाता था?

नमी की वजह से मौसम ज्यादा गर्म क्यों लगता है? 

नमी का मतलब है हवा में पहले से मौजूद जल वाष्प की मात्रा. हवा में नमी सोखने की एक सीमित क्षमता होती है. जब भी नमी का स्तर काफी ज्यादा हो जाता है तो हवा एक ऐसे स्पंज की तरह काम करती है जो पहले से ही पानी से पूरी तरह भरा हुआ हो. यही वजह है कि यह आपकी त्वचा पर मौजूद पसीने से और नमी नहीं सोख पाती. भाप बनकर उड़ने के बजाय पसीना शरीर पर ही बना रहता है. इस वजह से चिपचिपाहट और उमस का एहसास होता है.

41 डिग्री तापमान 51 डिग्री जैसा क्यों लग सकता है? 

जब पसीना ठीक से भाप बनाकर नहीं उड़ पाता तो शरीर का कुदरती ठंडा होने का तरीका बेअसर हो जाता है. शरीर के अंदर पैदा होने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती. ऐसा इसलिए क्योंकि भाप बनने की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है. अब भले ही थर्मामीटर 41 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा हो लेकिन आपके शरीर को काफी ज्यादा गर्मी का तनाव महसूस होता है. इस वजह से तापमान 51 डिग्री सेल्सियस या फिर उससे भी ज्यादा महसूस होता है.

यह भी पढ़ेंः कितनी है सेशेल्स की आबादी, जानें यहां कितने हिंदू-कितने मुसलमान?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

ED खुद जांच शुरू कर देती है, लेकिन CBI को सिफारिश की जरूरत क्यों पड़ती है?
ED खुद जांच शुरू कर देती है, लेकिन CBI को सिफारिश की जरूरत क्यों पड़ती है?
Air India Pilot Marijuana Drug Case : प्लेन उड़ाने से पहले पायलट के कौन-से होते हैं टेस्ट, क्यों नहीं पता चला गांजा?
प्लेन उड़ाने से पहले पायलट के कौन-से होते हैं टेस्ट, क्यों नहीं पता चला गांजा?
Gen Z के बाद Alpha भी मैदान में, इनकी आबादी कितनी और कब डालेंगे पहला वोट?
Gen Z के बाद Alpha भी मैदान में, इनकी आबादी कितनी और कब डालेंगे पहला वोट?
Independence Day 2026 : 15 अगस्त से जुड़े 25 सवाल, जिनका जवाब हर भारतीय को होने चाहिए पता
15 अगस्त से जुड़े 25 सवाल, जिनका जवाब हर भारतीय को होने चाहिए पता
Advertisement

वीडियोज

Trisha Krishnan की Cryptic Post ने Vijay-Sangeetha के बीच बढ़ाई Divorce Buzz पर चर्चा
Gold Silver Price: 1 ही दिन में 10,000 महंगी हुई चांदी! सोना 1.55 लाख के पार, मार्केट में आया भूचाल!
Sansani: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खतरनाक मिस्ट्री !
The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
JSSC CGL पेपर लीक का बड़ा खुलासा! 28 अभ्यर्थियों को रटवाए थे 135 सवाल
JSSC CGL पेपर लीक का बड़ा खुलासा! 28 अभ्यर्थियों को रटवाए थे 135 सवाल
आंद्रे रसेल की ताबड़तोड़ पारी, सिर्फ छक्कों में किया डील; फिर भी हार गई टीम 
आंद्रे रसेल की ताबड़तोड़ पारी, सिर्फ छक्कों में किया डील; फिर भी हार गई टीम 
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च
कभी इंजन फेल, कभी AC खराब तो कभी नशे में पायलट...आसमान में भारतीय एविएशन की लापरवाही!
कभी इंजन फेल, कभी AC खराब तो कभी नशे में पायलट...आसमान में भारतीय एविएशन की लापरवाही!
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
कृषि छात्रों के सीधे खाते में आएगा पैसा, सरकार ने कर दिया बड़ा ऐलान
कृषि छात्रों के सीधे खाते में आएगा पैसा, सरकार ने कर दिया बड़ा ऐलान
Swine Flu:तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें किन लोगों को ज्यादा खतरा?
तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें किन लोगों को ज्यादा खतरा?
Embed widget