भारत-पाकिस्तान के मुस्लिमों को 'हिंदी' क्यों कहते हैं अरब के लोग? 99 पर्सेंट लोग नहीं जानते वजह
अलग-अलग देशों के मुसलमानों को अरब देशों में अलग नाम से पहचाना जाता है. खासतौर पर जब भारत-पाकिस्तान से कोई मुस्लिम किसी अरब देश में जाता है तो वहां उसे आमतौर पर मुसलमान कहकर संबोधित नहीं किया जाता है.

दुनिया भर में इस्लाम धर्म को मानने वाले अरबों मुसलमान रहते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि अलग-अलग देशों के मुसलमानों को अरब देशों में अलग-अलग नाम से पहचाना जाता है. खासतौर पर जब भारत या पाकिस्तान से कोई मुस्लिम किसी अरब देश में जाता है तो वहां उसे आमतौर पर मुसलमान कह कर संबोधित नहीं किया जाता है. यह तथ्य हाल ही में एक बातचीत के दौरान सामने आया है, जिसे जानकर कई लोग हैरान रह गए. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भारत और पाकिस्तान के मुसलमानों को अरब के लोग क्या कहते हैं?
भारतीय-पाकिस्तान मुस्लिमों को क्या कहते हैं अरब देश में?
ऑल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के प्रमुख डॉ. उमर अहमद इलियासी ने एक पॉडकास्ट के दौरान इस विषय पर खुलकर बात की. जब उनसे पूछा गया कि अरब देशों में भारतीय मुस्लिमों को किस नाम से बुलाया जाता है तो उन्होंने बताया कि वहां भारतीय मुसलमान को आमतौर पर हिंदी, हिंदवी या जमात ए हिंद कहा जाता है. उनके अनुसार यह पहचान धर्म से ज्यादा भौगोलिक और सांस्कृतिक आधार पर होती है. यानी अरब देशों में भारत से आने वाले मुस्लिमों को उनके देश की पहचान के आधार पर पुकारा जाता है.
हिंदी या जमात ए हिंद कहने की क्या है वजह?
डॉ. उमर अहमद इलियासी के अनुसार हिंदुस्तान की धरती से जुड़े मुसलमान को दुनिया भर में हिंदुस्तानी माना जाता है. इसी कारण अरब देशों में उन्हें अलग पहचान देने के लिए हिंदी या जमात ए हिंद कहा जाता है. यहां हिंद शब्द का मतलब हिंदुस्तान से होता है न कि किसी धर्म से. यह परंपरा पुराने समय से चली आ रही है, जब अलग-अलग इलाकों के लोगों को उनकी भूमि और क्षेत्र के नाम से पहचाना जाता था.
भारत और पाकिस्तान में कितनी है मुस्लिम आबादी?
भारत हिंदू बहुल देश है, लेकिन यहां मुस्लिम आबादी भी दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम जनसंख्या में गिनी जाती है. आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 17.22 करोड़ मुसलमान रहते हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 14.2 फीसदी है. भारत दुनिया में मुस्लिम आबादी के लिहाज से तीसरे स्थान पर आता है. देश के केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप और जम्मू कश्मीर में मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है, जबकि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे राज्यों में मुस्लिम जनसंख्या काफी बड़ी संख्या में मौजूद है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान मुस्लिम बहुल देश है और यहां इस्लाम को संविधान में विशेष स्थान प्राप्त है. जनसंख्या के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में करीब 22 करोड़ मुस्लिम रहते हैं. देश की अधिकांश आबादी सुन्नी मुस्लिम है, जबकि शिया समुदाय भी एक अहम हिस्सेदारी रखता है.
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