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Politicians Retirement: दुनियाभर में कोई भी नेता क्यों नहीं होता रिटायर, जानें अमेरिका से लेकर भारत तक क्या हैं नियम?

Politicians Retirement: बाकी पेशों के उलट राजनीति में रिटायरमेंट की कोई तय समय सीमा नहीं है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और इसे लेकर क्या हैं नियम.

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  • राजनीति में नेताओं की उम्र की कोई ऊपरी सीमा नहीं होती।
  • जनता चुनती है, इसलिए लोग चाहें तो नेता बने रह सकते हैं।
  • अनुभव को समझदारी का प्रतीक माना जाता है, मिलता है फायदा।
  • भारत, अमेरिका में ऊपरी आयु सीमा का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं।

Politicians Retirement: ज्यादातर पेशों में रिटायरमेंट एक तय पड़ाव होता है. सरकारी कर्मचारी, जज और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी सभी एक खास उम्र पर पहुंचने के बाद अपने पद से हट जाते हैं. लेकिन राजनीति में नियम बिल्कुल अलग होते हैं. भारत और अमेरिका जैसे लोकतंत्रों में नेताओं के लिए रिटायरमेंट की कोई भी उम्र नहीं होती. इससे अक्सर एक आम सवाल उठता है. आखिर राजनेता 70 या फिर 80 साल की उम्र तक भी सत्ता में क्यों बने रहते हैं. 

क्या है नियम? 

राजनेताओं के रिटायर ना होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि वे सत्ता में कैसे आते हैं. सरकारी अधिकारियों के उलट राजनेताओं को जनता चुनती है. लोकतंत्र में सबसे बड़ी सत्ता मतदाताओं के पास होती है. अगर लोग किसी नेता का समर्थन करते रहते हैं तो उन्हें पद पर बने रहने से रोकने वाली कोई भी कानूनी रुकावट नहीं होती.

अनुभव को ताकत माना जाता है 

राजनीति में उम्र को अक्सर कमजोरी के बजाए समझदारी और अनुभव से जोड़ा जाता है. वरिष्ठ नेताओं को संकट, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालने में ज्यादा काबिल माना जाता है.  दशकों का उनका अनुभव एक राजनीतिक फायदा बन सकता है. इससे उन्हें बुढ़ापे में भी अपना प्रभाव बनाए रखने में मदद मिलती है. 

भारत में क्या नियम? 

भारत में संविधान में सिर्फ राजनीति में आने के लिए जरूरी न्यूनतम उम्र तय की गई है. लोकसभा के लिए 25 साल और राज्यसभा के लिए 30 साल. सांसदों, मुख्यमंत्री या फिर प्रधानमंत्री के लिए भी उम्र की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं है. 

हालांकि राजनीतिक पार्टियां कुछ अनौपचारिक दिशा निर्देशों का पालन कर सकती हैं. उदाहरण के लिए भारतीय जनता पार्टी में एक अलिखित नियम है कि 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को सक्रिय भूमिकाओं से हटाकर अक्सर सलाहकार पदों पर भेज दिया जाता है. 

संयुक्त राज्य अमेरिका में क्या नियम? 

अमेरिका में भी राजनीतिक नेताओं के लिए कोई अधिकतम उम्र सीमा नहीं है. राष्ट्रपति पद दो कार्यकाल तक सीमित है लेकिन उम्र कोई मायने नहीं रखती. डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन जैसे नेताओं ने ज्यादा उम्र में भी चुनाव लड़ा है और पद संभाला है. 

बाकी देशों में क्या है नियम? 

चीन जैसे देशों में एक समय 7 अप 8 डाउन नाम का एक अनौपचारिक रिटायरमेंट नियम था. यह नेताओं को लगभग 68 साल की उम्र में पद छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता था. हालांकि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इन पुरानी रीतियों को छोड़ दिया है. इसी तरह रूस में भी एक ऐसा ही संवैधानिक बदलाव हुआ है.

यह भी पढ़ें: वियतनाम से अफगानिस्तान तक, जानें किन छोटे देशों में हार मानकर उल्टे पांव लौट चुका है अमेरिका?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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