सबसे पहले किसने चखा था बीयर और शराब का स्वाद?
इंसान ने कई साल पहले इजराइल की गुफाओं में धार्मिक अनुष्ठानों के लिए दलिया जैसी बीयर बनाई थी. वहीं अंगूर से बनी वाइन का सबसे पुराना इतिहास 8,000 साल पहले जॉर्जिया के आम किसानों से जुड़ा है.

- यह वाइन सामान्य लोगों में भी काफी प्रचलित थी।
आज के दौर में बीयर पीना या दोस्तों के साथ शराब का गिलास टकराना एक आम सामाजिक परंपरा माना जाता है. हालांकि, बहुत से लोग यह नहीं जानते कि मानव समाज में शराब का इस्तेमाल कोई नया चलन नहीं है. पुरातात्विक साक्ष्य और वैज्ञानिक शोध इस बात की पुष्टि करते हैं कि इंसान लगभग 13,000 साल पहले से ही फरमेंटेड पेय यानी बीयर और शराब तैयार कर रहे हैं. प्राचीन काल में शराब का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक संस्कारों, सामाजिक मेलजोल, औषधीय जरूरतों और किसी खास जश्न के अवसर पर किया जाता था.
इजराइल की गुफा में मिले बीयर के सबसे पुराने साक्ष्य
दुनिया में इंसान द्वारा बनाई गई बीयर के सबसे प्राचीन साक्ष्य इजराइल के हाइफा शहर के पास स्थित राकफेट गुफा में मिले हैं. यह गुफा प्राचीन नटुफियन समाज के लोगों का एक दफन स्थल थी. शोधकर्ताओं ने इस गुफा से प्राप्त पत्थरों और बर्तनों के अवशेषों का अध्ययन किया. शोध में पाया गया कि ये अवशेष लगभग 11,000 ईसा पूर्व के हैं, जो यह साबित करते हैं कि उस दौर के शिकारी-संग्राहक समुदाय के लोग बीयर बनाना और उसका सेवन करना जानते थे.
पूजा-पाठ और पूर्वजों की याद में बनती थी बीयर
साल 2018 की एक रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि नटुफियन समुदाय के लोग बीयर का निर्माण मुख्यतः अपने मृत पूर्वजों की याद में आयोजित धार्मिक भोज के दौरान करते थे. इस खोज से पता चलता है कि शराब बनाने की शुरुआत खेती-बाड़ी विकसित होने से भी पहले हो चुकी थी. यानी शराब निर्माण केवल बचे हुए अनाज का इस्तेमाल करने के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक जरूरतों के कारण शुरू हुआ था.
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दलिया जैसा होता था प्राचीन बीयर का रूप
पुरातत्वविद् की मानें तो 13,000 साल पहले नटुफियन लोगों द्वारा बनाई जाने वाली बीयर का स्वाद और रूप आज की आधुनिक बीयर से बहुत अलग था. उस समय की बीयर कोई पारदर्शी या ठंडा पेय नहीं होती थी, बल्कि यह अनाज के गाढ़े घोल यानी दलिया जैसी दिखाई देती थी. इसे बनाने की विधि बहुत साधारण होती थी, जिसे अनुष्ठान के दौरान लोग आपस में बांटकर पीते थे.
जॉर्जिया में मिले अंगूर से बनी असली वाइन के प्रमाण
अंगूर से बनी वाइन के सबसे पुराने सबूत जॉर्जिया देश में मिले हैं. राजधानी त्बिलिसी के पास स्थित दो पुरातात्विक स्थलों की खुदाई में लगभग 5,980 ईसा पूर्व के बड़े मिट्टी के जार और बर्तनों के अवशेष मिले. साल 2017 में पैट्रिक मैकगवर्न के नेतृत्व में शोध दल ने बताया कि आठ विशाल मिट्टी के बर्तनों में टार्टरिक एसिड के तत्व मिले हैं. यह एसिड केवल यूरेशियन अंगूरों में ही पाया जाता है, जो साबित करता है कि इनका उपयोग अंगूर की शराब बनाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था.

आम किसानों का रोजमर्रा का पसंदीदा पेय
जॉर्जिया में मिली प्राचीन वाइन के ये अवशेष साबित करते हैं कि उस दौर में शराब केवल राजाओं तक सीमित नहीं थी.रिपोर्ट्स की मानें तो यह पेय समाज में काफी प्रचलित था और इसे स्थानीय किसान खुद बनाते थे. खुदाई में मिले कुछ बर्तनों पर अंगूर और नाचते हुए पुरुषों की आकृतियां बनी हुई थीं. इसके अलावा अवशेषों में मैलिक, साइट्रिक और सक्सिनिक एसिड भी पाए गए, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि उस काल में अंगूरों से वाइन बनाने की कला काफी विकसित हो चुकी थी.
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