एक्सप्लोरर

Missile Fuels: मिसाइल को कैसे मिलती है सुपरसोनिक रफ्तार, इनमें कौन से खास फ्यूल का होता है इस्तेमाल?

Missile Fuels: मिसाइलों की सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक रफ्तार के पीछे पेट्रोल-डीजल नहीं, बल्कि विशेष रॉकेट फ्यूल का हाथ होता है. जो अलग-अलग मिशनों के हिसाब से थ्रस्ट और कंट्रोल प्रदान करते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • न्यूटन के तीसरे नियम पर आधारित, ईंधन जलने से निकलने वाली गैसें मिसाइल को आगे बढ़ाती हैं.

Missile Fuels: जब एक मिसाइल गर्जना के साथ आसमान का सीना चीरती हुई निकलती है, तो उसकी रफ्तार देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसे पलक झपकते ही हजारों किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड कैसे मिलती है? यह कोई जादू नहीं, बल्कि इसके अंदर भरा हुआ एक खास तरह का हाई-एनर्जी ईंधन है. आम गाड़ियों में डलने वाले पेट्रोल या डीजल से उलट, मिसाइलों में ऐसा बारूदी मिश्रण इस्तेमाल होता है जो कुछ ही सेकंड में इतना जबरदस्त धक्का पैदा करता है कि मिसाइल आवाज की गति को भी पीछे छोड़ देती है.

ये है मिसाइल का असली पावर हाउस

अक्सर लोग यह समझते हैं कि मिसाइलें भी हवाई जहाजों की तरह सामान्य ईंधन से उड़ती होंगी, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. मिसाइलों को उड़ाने के लिए हाई-एनर्जी रॉकेट फ्यूल की जरूरत होती है. पेट्रोल या डीजल में इतना ऊर्जा घनत्व नहीं होता है कि वे भारी-भरकम मिसाइल को गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ इतनी तेजी से ढकेल सकें. मिसाइल का ईंधन ऐसा होना चाहिए जो बहुत कम समय में बहुत ज्यादा गैस पैदा करे, ताकि उसे जबरदस्त थ्रस्ट या धक्का मिल सके.

सॉलिड फ्यूल

ज्यादातर बैलिस्टिक मिसाइलों, जैसे भारत की अग्नि-V (Agni-V) में सॉलिड फ्यूल यानी ठोस ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें HTPB (Hydroxyl-Terminated Polybutadiene) जैसे पॉलिमर को अमोनियम परक्लोरेट जैसे ऑक्सीडाइजर के साथ मिलाकर एक रबर जैसा पेस्ट बनाया जाता है. इसे रॉकेट मोटर के केसिंग में ही भर दिया जाता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे सालों तक स्टोर किया जा सकता है और युद्ध के समय मिसाइल को तुरंत लॉन्च किया जा सकता है. एक बार इसमें आग लग गई, तो यह लगातार जलता रहता है.

यह भी पढ़ें: Diamond Rain: ब्रह्मांड में कहां होती है सबसे महंगी बारिश, आसमान से बरसते हैं हीरे?

लिक्विड फ्यूल

मिसाइलों में दूसरा मुख्य प्रकार लिक्विड फ्यूल (तरल ईंधन) का है. इसमें ईंधन के रूप में UDMH और जलाने के लिए नाइट्रोजन टेट्रॉक्साइड जैसे रसायनों को अलग-अलग टैंकों में रखा जाता है. जब मिसाइल का इंजन स्टार्ट होता है, तो इन्हें पाइपलाइन के जरिए एक चैंबर में मिलाकर जलाया जाता है. लिक्विड फ्यूल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वैज्ञानिक इसके प्रवाह को कम या ज्यादा करके मिसाइल की रफ्तार को कंट्रोल कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर इंजन बंद भी कर सकते हैं. हालांकि, इसका सिस्टम काफी जटिल होता है.

न्यूटन का नियम और रफ्तार का विज्ञान

मिसाइल की सुपरसोनिक रफ्तार के पीछे न्यूटन का तीसरा नियम काम करता है. जब इंजन के अंदर ईंधन जलता है, तो बहुत गर्म गैसें बेहद ऊंचे दबाव के साथ पीछे की ओर निकलती हैं. जितनी तेजी से ये गैसें पीछे निकलती हैं, उतनी ही तेजी से मिसाइल आगे की ओर भागती है. इसी धक्के की बदौलत ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें Mach 2.8 से Mach 3 तक की सुपरसोनिक गति हासिल कर लेती हैं. यह रफ्तार इतनी ज्यादा होती है कि दुश्मन के रडार को संभलने का मौका भी नहीं मिलता है.

कैसे मिलती है हाइपरसोनिक स्पीड? 

आजकल दुनिया हाइपरसोनिक मिसाइलों की ओर बढ़ रही है, जिनकी रफ्तार Mach 5 (आवाज से 5 गुना तेज) से भी ज्यादा होती है. इतनी भयंकर गति हासिल करने के लिए हाइब्रिड फ्यूल और स्क्रैमजेट इंजन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है. इसमें हाई-परफॉर्मेंस फ्यूल के साथ-साथ मिसाइल के एयरोडायनामिक डिजाइन का भी बड़ा रोल होता है. विशेष रसायनों का मिश्रण और इंजन की बनावट मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि मिसाइल हवा के घर्षण को झेलते हुए अपने लक्ष्य को पलक झपकते ही तबाह कर दे.

यह भी पढ़ें: इस देश की नहीं है अपनी कोई करेंसी, फिर यूरोप के सबसे अमीर देशों की लिस्ट में कैसे शामिल हुई यह छोटी सी कंट्री?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

ईरान नहीं बना सकता परमाणु बम लेकिन इजरायल ने कैसे बना लिया, कहां से मिली टेक्नोलॉजी?
ईरान नहीं बना सकता परमाणु बम लेकिन इजरायल ने कैसे बना लिया, कहां से मिली टेक्नोलॉजी?
Natural Cooling: राजा महाराजा के समय बिना बिजली के भी कैसे ठंडे रहते थे महल, जानें क्या था इसके पीछे का राज?
राजा महाराजा के समय बिना बिजली के भी कैसे ठंडे रहते थे महल, जानें क्या था इसके पीछे का राज?
Immortal Creature: कटने के बाद भी कई सालों तक जिंदा रहा अंग, वैज्ञानिकों को समंदर में मिला अमर जीव; जगी नई उम्मीद
कटने के बाद भी कई सालों तक जिंदा रहा अंग, वैज्ञानिकों को समंदर में मिला अमर जीव; जगी नई उम्मीद
Attack on Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी जहां से सांसद, वहां कितने हिंदू-मुस्लिम; जानें लोकसभा सीट की आबादी?
अभिषेक बनर्जी जहां से सांसद, वहां कितने हिंदू-मुस्लिम; जानें लोकसभा सीट की आबादी?
Advertisement

वीडियोज

Iran US War | Strait of Hormuz | Janhit: होर्मुज में ईरान ने खींची 'रेड लाइन'! | Trump | IRGC
Ghaziabad Asad Encounter | UP Police: असद ढेर, पर क्यों भड़का है विपक्ष? | Bakrid
Ghaziabad Asad Encounter | Janhit: जुर्म देखा या धर्म? | Bakrid | UP News
Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में 'योगी मॉडल' का प्रहार! | Encroachment
Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में 'योगी मॉडल' का प्रहार! | Illegal Encroachment
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
IPL 2026 Full Prize Money: चैंपियन RCB हुई मालामाल, गुजरात टाइटंस को भी मिली बंपर रकम; जानें किसे मिली कितनी प्राइज मनी 
चैंपियन RCB हुई मालामाल, गुजरात टाइटंस को भी मिली बंपर रकम; जानें किसे मिली कितनी प्राइज मनी 
मिडिल ईस्ट वॉर में ईरान ने चीनी मिसाइल से मार गिराया US का F-15 लड़ाकू विमान! जानें रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?
वॉर में ईरान ने चीनी मिसाइल से मार गिराया US का F-15 लड़ाकू विमान! रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?
IPS राजीव कृष्ण बने यूपी के स्थायी DGP, नियुक्ति का आदेश जारी; CM योगी से भी की मुलाकात
IPS राजीव कृष्ण बने यूपी के स्थायी DGP, नियुक्ति का आदेश जारी; CM योगी से भी की मुलाकात
'मेरी दुनिया खत्म...', जब बॉबी देओल को लग गई थी नशे की लत, मुश्किल दौर में वाइफ ने भी छोड़ दिया था साथ?
'मेरी दुनिया खत्म...', जब बॉबी देओल को लग गई थी नशे की लत, मुश्किल दौर में वाइफ ने भी छोड़ दिया था साथ?
Exclusive: प्रेम के लिए लांघी सरहद, PoK से LoC पार कर बारामूला पहुंचा जीशान, प्रेमिका संग सेना ने हिरासत में लिया
प्रेम के लिए लांघी सरहद, PoK से LoC पार कर बारामूला पहुंचा जीशान, प्रेमिका संग सेना ने हिरासत में लिया
शांति वार्ता के बीच ईरान की अमेरिका को दो टूक, कहा- 'जब तक अधिकार सुरक्षित नहीं, तब तक...'
शांति वार्ता के बीच ईरान की अमेरिका को दो टूक, कहा- 'जब तक अधिकार सुरक्षित नहीं, तब तक...'
Pankaj Bhadouria Breast Cancer:मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर, 50 के पार महिलाओं में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर, 50 के पार महिलाओं में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
Super Cool!’ UK व्लॉगर हुआ हैदराबाद मेट्रो का फैन, सफाई और सिस्टम देखकर रह गया दंग
Super Cool!’ UK व्लॉगर हुआ हैदराबाद मेट्रो का फैन, सफाई और सिस्टम देखकर रह गया दंग
Embed widget