एक्सप्लोरर

Diamond Rain: ब्रह्मांड में कहां होती है सबसे महंगी बारिश, आसमान से बरसते हैं हीरे?

Diamond Rain: हमारे ब्रह्मांड में कुछ ऐसे ग्रह भी है जहां पर हीरों की बारिश होती है. आइए जानते हैं कौन से हैं वे ग्रह और क्या है इसके पीछे की वजह.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • नेप्च्यून-यूरेनस पर मीथेन से बनती हैं हीरे की बूंदें।
  • अत्यधिक दबाव और तापमान से कार्बन का होता है क्रिस्टलीकरण।
  • ग्रहों में गहराई तक गिरते हैं बड़े आकार के हीरे।
  • शनि-बृहस्पति पर भी बिजली से संभव है हीरे की वर्षा।

Diamond Rain: पृथ्वी पर बारिश का मतलब आमतौर पर पानी से होता है. लेकिन ब्रह्मांड में कहीं और प्रकृति काफी ज्यादा असाधारण तरीकों से काम करती है. वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि नेप्चयून और यूरेनस जैसे दूर के ग्रहों पर हीरों के बारिश होती है. यहां पर पानी की बूंद के बजाय हीरे वायुमंडल से नीचे गिरते हैं. 

इन ग्रहों पर हीरों की बारिश क्यों होती है?

यह घटना उन एक्सट्रीम कंडीशंस की वजह से होती है जिन्हें पृथ्वी पर स्वाभाविक रूप से दोहराना असंभव है. नेप्च्यून और यूरेनस के अंदर गहराई में दबाव पृथ्वी के वायुमंडल की तुलना में लाखों गुना ज्यादा होता है. इसी के साथ यहां का तापमान काफी ऊंचे स्तर तक पहुंच जाता है. इनका वायुमंडल मीथेन से भरपूर होता है. यह कार्बन और हाइड्रोजन से बना एक कंपाउंड है. इतने ज्यादा दबाव में मीथेन के अणु टूट जाते हैं जिससे कार्बनिक परमाणु हाइड्रोजन से अलग हो जाते हैं.

कार्बन से हीरे तक 

मुक्त होने के बाद यह कार्बन परमाणु ज्यादा देर तक अलग-थलग नहीं रहते. भारी दबाव उन्हें कंप्रेस होने और  क्रिस्टलाइज होकर हीरे बनने के लिए मजबूर करता है. असल में प्रकृति वही प्रक्रिया दोहराती है जो प्रयोगशाला में इस्तेमाल होती है. यह नए बने हीरे फिर ग्रह के अंदर और गहराई में गिरने लगते हैं. इससे ऐसा लगता है कि आसमान से हीरों की बारिश हो रही है.

कीमती रत्नों की बौछार 

वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि यह प्रक्रिया इन बर्फीले विशाल ग्रहों के अंदर लगातार चलती रहती है. बनने वाले हीरे पृथ्वी पर पाए जाने वाले हीरों से कहीं ज्यादा बड़े होते हैं. यह इन ग्रहों को सौरमंडल के सबसे आकर्षक और सबसे समृद्ध स्थानों में से एक बनाता है. 

क्या हीरों के बारिश कहीं और भी होती है?

रिसर्च से ऐसा पता चलता है कि शनि और बृहस्पति जैसे गैसीय विशाल ग्रहों पर भी ऐसी ही घटनाएं हो सकती हैं. इन ग्रहों पर शक्तिशाली बिजली के तूफान मीथेन को कार्बन के रूपों जैसे ग्रेफाइट में बदल सकते हैं. आखिर में हीरों में बदल सकते हैं.

वैज्ञानिकों का ऐसा भी कहना है कि इन ग्रहों के अंदर गहराई में तापमान इतना ज्यादा हो सकता है कि हीरे पिघल जाएं. इससे शायद उनके कोर के पास तरल हीरे के महासागर बन सकते हैं.

यह भी पढ़ें: किसके जिम्मे होती है दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा, जानें इसमें कितने जवान होते हैं तैनात?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Moon Plants: क्या चांद पर पेड़ उगाया जा सकता है, जानें क्या कहता है साइंस?
क्या चांद पर पेड़ उगाया जा सकता है, जानें क्या कहता है साइंस?
क्या आम आदमी भी लड़ सकता है दतिया और बांकीपुर उपचुनाव, नॉमिनेशन में कितनी लगती है फीस?
क्या आम आदमी भी लड़ सकता है दतिया और बांकीपुर उपचुनाव, नॉमिनेशन में कितनी लगती है फीस?
क्यों शुरू हुई महिलाओं में शेविंग की आदत? वर्ल्ड वॉर से जुड़ा है तगड़ा कनेक्शन
क्यों शुरू हुई महिलाओं में शेविंग की आदत? वर्ल्ड वॉर से जुड़ा है तगड़ा कनेक्शन
8th Pay Commission: सबसे ज्यादा किस वेतन आयोग में बढ़ी थी सैलरी, जानें कितना हुआ था कर्मचारियों का फायदा
सबसे ज्यादा किस वेतन आयोग में बढ़ी थी सैलरी, जानें कितना हुआ था कर्मचारियों का फायदा

वीडियोज

Sansani | Crime News : Patna Junction पर सरेआम अपहरण और हत्या!
Special Task S2: Amritsar से Kandhar तक..IC-814 हाईजैक की खौफनाक दास्तान Jagwinder Patial के साथ
Iran US War Update: खत्म हुआ मातम..अब ईरान US पर दागेगा एटम बम? | America | IRGC | Khamenei
Hormuz Strait Deadlock: Qatar-Saudi Arabia के जहाजों पर हमले के बाद भड़के Trump | US - Iran War
Tata Sierra EV AWD drive review: BE6 से बेहतर? #tata #tatasierraev #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान-अमेरिका जंग के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, 'वे अपने वादे को तोड़ते हैं, हमें ट्रंप को...'
ईरान-अमेरिका जंग के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, 'वे अपने वादे को तोड़ते हैं, हमें ट्रंप को...'
'आमिर खान ने 3 शादी कीं, तो तुम चार कर लो...', वारिस पठान का मंत्री नितेश राणे पर तंज!
'आमिर खान ने 3 शादी कीं, तो तुम चार कर लो...', वारिस पठान का मंत्री नितेश राणे पर तंज!
मौत से पहले ट्रंप को लिंडसे ने गिनाए 3 काम, रूस का लिया नाम, फोन पर कहा- 'मैं अभी नहीं मर सकता, मुझे...'
मौत से पहले ट्रंप को लिंडसे ने गिनाए 3 काम, रूस का लिया नाम, फोन पर कहा- 'मैं अभी नहीं मर सकता, मुझे...'
इंग्लैंड के खिलाफ 'फ्लॉप' होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने यहां कर लिया डेब्यू, तस्वीरें आई सामने
इंग्लैंड के खिलाफ 'फ्लॉप' होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने यहां कर लिया डेब्यू, तस्वीरें आई सामने
Aaj Ka Mausam: यूपी के 65 जिलों में बारिश, दिल्ली-बिहार से लेकर हरियाणा तक जानें मौसम विभाग की भविष्यवाणी
यूपी के 65 जिलों में बारिश, दिल्ली-बिहार से लेकर हरियाणा तक जानें मौसम विभाग की भविष्यवाणी
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
Video: डिलीवरी बॉय को कहा NO तो घर में घुस की शर्मनाक हरकत, रोते हुए लड़की का वीडियो वायरल
डिलीवरी बॉय को कहा NO तो घर में घुस की शर्मनाक हरकत, रोते हुए लड़की का वीडियो वायरल
सरकार ने माना कि 5% तक घट सकता है माइलेज, लेकिन E20 फ्यूल के ये फायदे भी गिनाए
सरकार ने माना कि 5% तक घट सकता है माइलेज, लेकिन E20 फ्यूल के ये फायदे भी गिनाए
Embed widget