Dangerous Submarine: किस देश के पास है सबसे खतरनाक सबमरीन, जानिए उसकी ताकत
Dangerous Submarine: भारतीय नेवी को नई सबमरीन मिल सकती है. इसी बीच आइए जानते हैं कि किस देश के पास दुनिया की सबसे खतरनाक सबमरीन है.

Dangerous Submarine: ऐसा कहा जा रहा है कि भारत की न्यूक्लियर डिटरेंट कैपेबिलिटी और भी मजबूत होने वाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी तीसरी न्यूक्लियर पावर बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन आईएनएस अरिधमान की अप्रैल-मई 2026 के आसपास नेवी में शामिल होने की उम्मीद है. इस डेवलपमेंट के साथ सभी का ध्यान एक बार फिर दुनिया की सबमरीन ताकत पर चला गया है. आइए जानते हैं कि दुनिया की सबसे खतरनाक सबमरीन कौन सा देश ऑपरेट करता है.
रूस की बेलगोरोड
रूस की रशियन सबमरीन बेलगोरोड को अक्सर अब तक बनी सबसे खतरनाक सबमरीन में से एक बताया जाता है. इसकी लंबाई लगभग 184 मीटर है और यह अभी दुनिया की सबसे लंबी सबमरीन है. इसका सबसे कंट्रोवर्शियल वेपन पोसाइडन न्यूक्लियर कैपेबल ड्रोन टॉरपीडो है. यह अंडरवाटर ऑटोनॉमस टॉरपीडो काफी दूर तक जाने और तटीय इलाकों के पास धमाका करने के लिए डिजाइन किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा हथियार काफी ज्यादा रेडियोएक्टिव कॉन्टेमिनेशन और पानी के अंदर खतरनाक शॉक वेव पैदा कर सकता है.
यह लगभग 1000 मीटर की गहराई तक गोता लगाने में भी सक्षम है. इसका पता लगाना काफी मुश्किल है. यह कथित तौर पर गुप्त मिशन भी कर सकती है. इसमें गहरे समुद्र में ऑपरेशन जैसे अंडरसी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इंटरेक्ट करना शामिल है.
यूनाइटेड स्टेट्स की सबमरीन
यूनाइटेड स्टेट्स दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर सबमरीन फ्लीट ऑपरेट करता है. इसकी ओहियो क्लास सबमरीन को अब तक तैनात सबसे विनाशकारी प्लेटफार्मों में से एक माना जाता है. हर ओहियो-क्लास सबमरीन 24 ट्राइडेंट II D5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें ले जा सकती है. ये मिसाइलें मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल्स से लैस हैं. यानी कि एक ही मिसाइल अलग-अलग टारगेट पर कई न्यूक्लियर वॉरहेड पहुंचा सकती है. इसकी रेंज लगभग 12000 किलोमीटर है.
रूस की बोरेई II
बेलगोरेड के अलावा रूस की बोरेई क्लास सबमरीन मास्को की मॉडर्न स्ट्रैटेजिक डिटरेंट को दिखाती है. यह सबमरीन बुलावा बैलिस्टिक मिसाइल से लैस है. इन्हें मिसाइल डिफेंस सिस्टम से बचने और कई वारहेड ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है.
चीन की टाइप 094
चीन के टाइप 094 सबमरीन उसकी समुद्र पर आधारित न्यूक्लियर फोर्स की रीढ़ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने अपने न्यूक्लियर सबमरीन फ्लीट को काफी बढ़ाया है. इससे यह दुनिया के सबसे बड़े सबमरीन फ्लीट में से एक बन गया है. टाइप 094 सबमरीन में सबमरीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें लगी हैं. ये रीजनल और इंटरकॉन्टिनेंटल पहुंच में सक्षम हैं.
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Source: IOCL
























