किस देश ने लड़े हैं सबसे ज्यादा युद्ध, इसमें कितने जीता और कितने हारा?
दुनिया से युद्ध शायद ही कभी खत्म हो. आइए जानते हैं कि किस देश ने सबसे ज्यादा युद्ध लड़े और उसमें कितने में उसकी जीत हुई और कितने में हार हुई.

अर्जुन सिसोदिया की मशहूर कविता की पंक्तियां हैं - 'युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बहुत अभागे होंगे, या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे होंगे’. ये लाइनें बताती हैं कि युद्ध केवल हथियारों की टकराहट नहीं होते, ये इंसानी सभ्यता की सबसे गहरी पीड़ा और सबसे बड़ी सच्चाई रहे हैं. साम्राज्य खड़े करने से लेकर उन्हें मिटाने तक, हर दौर में युद्ध ने दुनिया का नक्शा बदल दिया है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में ऐसा कौन सा देश है जिसने सबसे ज्यादा युद्ध लड़े और उनमें से कितने जीते, कितने हारे?
युद्ध और मानव इतिहास की दर्दभरी कहानी
इंसान के इतिहास को अगर एक शब्द में समेटा जाए, तो वह संघर्ष कहलाएगा. सत्ता, जमीन, संसाधन और विचारधाराओं की लड़ाई ने सदियों तक दुनिया को युद्ध के मैदान में बदल दिया. हजारों सालों में इतने युद्ध लड़े गए कि उनमें मारे गए लोगों की संख्या आज कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा बैठती है. युद्ध ने कुछ देशों को ताकतवर बनाया, तो कुछ को इतिहास के पन्नों में दफना दिया.
किस देश ने लड़े सबसे ज्यादा युद्ध?
इतिहास और कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार फ्रांस वह देश माना जाता है, जिसने दुनिया में सबसे ज्यादा युद्ध लड़े हैं. फ्रांस का इतिहास केवल यूरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका औपनिवेशिक साम्राज्य अफ्रीका, एशिया और मध्य पूर्व तक फैला. बीते करीब 800 वर्षों में फ्रांस लगभग 185 बड़े युद्धों और सैन्य संघर्षों में शामिल रहा.
जीत ज्यादा, हार कम
फ्रांस की खास बात सिर्फ युद्धों की संख्या नहीं, बल्कि उनमें मिली जीत भी है. आंकड़ों के मुताबिक फ्रांस ने लड़े गए करीब 185 युद्धों में से लगभग 132 में जीत दर्ज की. यही वजह है कि फ्रांस को इतिहास की सबसे सफल सैन्य शक्तियों में गिना जाता है. मध्यकालीन यूरोपीय युद्धों से लेकर नेपोलियन के अभियान और आधुनिक सैन्य हस्तक्षेप तक, फ्रांस की सेना लगातार सक्रिय रही है.
आधुनिक दौर में भी जंग से दूरी नहीं
यह मान लेना गलत होगा कि युद्ध सिर्फ पुराने जमाने की बात है. 20वीं और 21वीं सदी में भी फ्रांस कई बड़े संघर्षों में शामिल रहा. अफगानिस्तान में 2001 से 2021 तक फ्रांस ने नाटो के सदस्य के रूप में भूमिका निभाई. इसके अलावा माली, लीबिया, सीरिया, इराक, सोमालिया, चाड और आइवरी कोस्ट जैसे देशों में फ्रांसीसी सेना की मौजूदगी रही. यह दिखाता है कि आधुनिक राजनीति और सुरक्षा भी युद्ध से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाई है.
ब्रिटेन, अमेरिका और रूस की भूमिका
फ्रांस के बाद ब्रिटेन का नाम आता है, जिसने अपने औपनिवेशिक दौर में 100 से अधिक युद्ध लड़े. ब्रिटिश साम्राज्य कभी दुनिया के सबसे बड़े हिस्से पर फैला था और इसे कायम रखने के लिए लगातार संघर्ष हुए. अमेरिका का इतिहास अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन 1900 के बाद अमेरिका ने सबसे ज्यादा सैन्य हस्तक्षेप किए हैं. रूस और पूर्व सोवियत संघ भी 20वीं सदी के बड़े युद्धों और टकरावों का अहम हिस्सा रहे हैं.
भारत का युद्ध इतिहास
भारत का इतिहास भी युद्धों से भरा रहा है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद भारत का सैन्य रुख अलग रहा. 1947 के बाद भारत ने सीमित लेकिन निर्णायक युद्ध लड़े, जिनमें 1947-48, 1962, 1965, 1971 और 1999 प्रमुख हैं. भारत ने विस्तारवाद की बजाय रक्षा और संप्रभुता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है.
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Source: IOCL

























