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जंग शुरू होने पर सबसे पहले भेजी जाती है सेना की ये रेजिमेंट, बेहद खूंखार है इनका इतिहास

भारतीय सेना की ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स’ के समूह ‘मद्रास सैपर्स’ रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाने के लिए आर्मी के इक्विपमेंट और मशीनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभालते हैं.

Indian Army War Strategy : युद्ध का मैदान हो या फिर देश के अंदर किसी तरह की विपरीत परिस्थिति भारतीय सेना हर मुश्किल समय से देश के नागरिकों की सुरक्षा करती है. युद्ध के मैदान में भी हमारे बहादुर जवानों ने कई बार अपने पराक्रम का लोहा मनवाते हुए तिरंगा फहराया है. आज हम आपके एक ऐसे ही बहादुर रेजिमेंट के बारे में बता रहे हैं जो युद्ध के समय सबसे पहले दुश्मन के खिलाफ मोर्चा खोलती है. इस रेजिमेंट का नाम है मद्रास रेजिमेंट. इस देश की सबसे पुरानी रेजिमेंट भी कहा जाता है. 

मद्रास रेजिमेंट कब बनी?

मद्रास रेजिमेंट (Madras Regiment) भारतीय सेना की सबसे पुरानी पैदल सेना रेजिमेंट है. इसका गठन 1750 में हुआ था. इस रेजिमेंट का गौरवपूर्ण इतिहास शौर्य और वीरता का है. इसका गठन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने किया था. इसका गठन फ्रांसिसियों से लड़ने के लिए किया गया था. आजादी के बाद की भारतीय सेना के इस रेजिमेंट दोनों के साथ कई ऑपरेशन में हिस्सा लिया है. मद्रास रेजिमेंट का रेजिमेंटल सेंटर तमिलनाडु (Tamil Nadu) के वेलिंगटन ऊंटी में है. इसकी कमान ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी संभालते हैं.

क्यों खास है यह बटालियन?

इस रेजिमेंट के लड़ाके युद्ध के मैदान में सबसे पहले पहुंचते हैं और मैदान को सबसे आखिर में छोड़ते हैं. इनका आदर्श वाक्य 'सर्वत्र' है. यानी ये हर जगह मौजूद होते हैं. ब्रिटेन रॉयल इंजीनियर्स का आदर्श वाक्य लैटिन शब्द 'यूबिक' से लिया गया है. मद्रास सैपर्स रेजिमेंट ने उन सभी जगहों पर युद्ध लड़ा है, जहां भारतीय सेना ने वॉर में एंट्री ली है. मद्रास रेजिमेंट की देशभर में 27 बटालियन हैं. 

क्यों रहते हैं सबसे आगे?

भारतीय सेना की ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स’ के समूह ‘मद्रास सैपर्स’ रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाने के लिए आर्मी के इक्विपमेंट और मशीनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभालते हैं. जिस कारण से यह किसी भी युद्ध में सबसे आगे पहुंचते हैं. मद्रास सैपर्स (Madras Sappers) का गठन 30 सितंबर, 1780 को किया गया था. इसकी शुरुआत पायनियर से हुई. बंगाल प्रेसीडेंसी की स्थापना के बाद इसका गठन किया गया था.  मद्रास रेजिमेंट को देश में कई अवार्ड मिल चुके हैं. वह देश की सबसे पुरानी रेजिमेंट भी कहलाती है.

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