एक्सप्लोरर

एस्ट्रोनॉट्स के स्पेस सूट में एक छेद हो गया तो क्या होगा?

एस्ट्रोनॉट्स के लिए स्पेससूट कितना जरुरी होता है ये हम सभी जानते हैं. उसके बिना अंतरिक्ष में जाना संभव नहीं है. ऐसे में कभी सोचा है कि यदि इसमें छेद हो जाए तो क्या होगा?

अंतरिक्ष में यदि कोई भी एस्ट्रोनॉट जाता है तो उसका स्पेससूट पहनना जरुरी होता है. स्पेससूट के बिना अंतरिक्ष में जाना संभव नहीं है. दरअसल स्पेससूट में इसमें ट्यूब बुनी हुई होती हैं. अंतरिक्ष यात्री को ठंडा रखने के लिए इसी ट्यूब के ज़रिए पानी बहता है. वहीं स्पेससूट के पीछे एक बैकपैक होता है. इस बैकपैक में ऑक्सीजन होती है, ताकि अंतरिक्ष यात्री सांस ले सकें और ये कार्बन डाइऑक्साइड को भी बाहर निकालता है, जिसे अंतरिक्ष यात्री सांस के जरिए बाहर निकालते हैं. इससे जाहिर है कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ये बेहद जरूरी है. ऐसे में कभी सोचा है कि स्पेस सूट में कभी छेद हो जाए तो क्या होगा? चलिए जानते हैं.

स्पेससूट में छेद हो जाए तो क्या होगा?

स्पेससूट पहनकर अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट अपने कार्य करते हैं. ऐसे में यदि कोई पत्थर स्पेससूट से टकराता है और उसमें छेद हो जाता हैतो सूट से हवा कुछ ही समय में अंतरिक्ष में लीक हो जाएगी, जिसके परिणामस्वरूप सूट के अंदर बहुत कम दबाव होगाइससे अंतरिक्ष यात्री की धमनियां फट जाएंगी, जिसका मतलब है कि उसी समय उस एस्ट्रोनॉट की मौत हो जाएगी.

स्पेससूट के बिना अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट का क्या होगा?

साइंटिस्‍टों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति बिना स्पेससूट की सुरक्षा के अंतरिक्ष में चला गया तो तुरंत मर जाएगा. हवा का दबाव कम होने और अंतरिक्ष के निर्वात के संपर्क में आने से अंतरिक्ष यात्री के लिए सांस लेना लगभग असंभव हो जाएगा.

उस समय इंसान के शरीर में मौजूद खून और पानी उबलने लगेगा. चूंक‍ि नाक के अंदर की रक्त वाहिनियां कमजोर होती हैं इसलिए सबसे पहले नाक से खून बहने लगेगा. इस तरह हमारे शरीर में इंटरनल ब्लीडिंग होने लगेगी, जिससे किसी भी व्यक्ति की तुरंत मौत हो जाएगी. बता दें स्‍पेस सूट काफी महंगा भी आता है. 1974 में नासा ने खुलासा किया था कि एक स्पेससूट की कीमत लगभग 15-22 मिलियन डॉलर के बीच होती है, जो आज के समय में लगभग 83-122 मिलियन डॉलर तक आएगी, जिसे आम इंसान द्वारा नहीं खरीदा जा सकता है.                                                                                                                          

यह भी पढ़ें: Rain harvesting: रेन हार्वेस्टिंग क्या होती है, इसे किन तरीकों से किया जा सकता है

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Sonam Wangchuk Hunger Strike: देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
Psychological Pricing: 59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?
59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?
भारत में कितनी मातृभाषाएं, पहले नंबर पर हिंदी तो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कौन सी लैंग्वेज बोलते हैं लोग?
भारत में कितनी मातृभाषाएं, पहले नंबर पर हिंदी तो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कौन सी लैंग्वेज बोलते हैं लोग?
Musk Deer: क्या हिरण के पेट में सच में होती है कस्तूरी, जानें हिरण और इंसान दोनों के किस काम आती है यह?
क्या हिरण के पेट में सच में होती है कस्तूरी, जानें हिरण और इंसान दोनों के किस काम आती है यह?

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
Embed widget